facebookmetapixel
Advertisement
चंद्रशेखरन के बाद टीसीएस के सामने नेतृत्व की नई चुनौती, टाटा समूह के साथ तालमेल पर भी नजरउदारीकरण के 35 साल: ‘एशिया के डेट्रॉइट’ से चेन्नई ने कैसे तय किया दुनिया के ऑटो हब तक का सफरअटकी चंद्रशेखरन के वारिस की तलाश, उत्तराधिकारी चुनने वाली चयन समिति गठित करने में लगेगा वक्त; AGM पर भी संशयभारत के एयर मोबिलिटी बाजार में उतरने की तैयारी, 2029 से ईवीटीओएल उड़ाने की स्काईड्राइव की योजनाMMDR विधेयक पर कुछ राज्यों को एतराज, खनन मंत्री बोले- प्रमुख खनिजों तक सीमित रहेंगे प्रावधानएयरटेल के ग्राहकों को महंगे प्लान में शिफ्ट करने से Vi को मिल सकता है मौका, बढ़ेगी कमाईस्मॉलकैप-मिडकैप फंड्स में फिर बढ़ी निवेशकों की दिलचस्पी, हर 3 इक्विटी फोलियो में 1 इनकाआरबीआई के नए नियमों से कर्ज दरों में बदलाव होगा तेज, बैंकों के स्प्रेड पर भी पड़ेगा असरQ1 Results: ABREL का घाटा बढ़ा, IGL का मुनाफा 44% घटा; LG Electronics का लाभ 27% बढ़ाभारत को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की तैयारी, नीति आयोग ने औद्योगिक पार्क और क्लस्टर का दिया सुझाव

स्पेसिफाइड डिजिटल प्लेटफॉर्म को सेबी के पास पंजीकरण की जरूरत नहीं: सेबी

Advertisement

सेबी ने कहा कि एसडीपी के तौर पर पंजीकरण अनिवार्य नहीं, लेकिन डिजिटल प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग को रोकने के लिए कदम जारी रहेंगे।

Last Updated- December 04, 2024 | 10:54 PM IST
Adani bribery case: Adani Group on SEBI's radar, may investigate violation of disclosure rules SEBI की रडार पर अदाणी ग्रुप, डिस्क्लोजर नियमों के उल्लंघन की कर सकती है जांच

बाजार नियामक सेबी ने स्पष्ट किया है कि स्पेसिफाइड डिजिटल प्लेटफॉर्म को सेबी के पास पंजीकृत होने की जरूरत नहीं है। यह स्पष्टीकरण यूएस-इंडिया स्ट्रैटिजिक पार्टनरशिप फोरम (यूएसआईएसपीएफ) और आईटी फर्मों की निकाय नैसकॉम समेत विभिन्न व्यापार निकायों की तरफ से चिंता जताए जाने के बाद आया है।

सेबी का प्रस्ताव शेयर बाजार में जोड़तोड़, अनधिकृत निवेश सलाह आदि के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग रोकने के इरादे से आया है। हालांकि नियामक ने स्पष्ट कर दिया है कि स्पेसिफाइड डिजिटल प्लेटफॉर्म के तौर पर पंजीकरण अनिवार्य नहीं है।

सेबी ने बुधवार को जारी एक स्पष्टीकरण में कहा, किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए एसडीपी के रूप में अधिसूचित होना अनिवार्य नहीं है और सेबी की तरफ से इन डिजिटल प्लेटफॉर्मों का कोई विनियमन नहीं है। वर्तमान में कुछ डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म द्वारा की जा रही उपचारात्मक कार्रवाइयां कानून के अनुसार हैं। किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म को एसडीपी के रूप में अधिसूचित करने के लिए निवारक कदमों पर विचार किया जाना अनिवार्य नहीं है और एसडीपी के रूप में अधिसूचित होने का विकल्प चुनना या न चुनना प्लेटफॉर्म पर निर्भर करता है।

बाजार नियामक ने अक्टूबर में एक परामर्श पत्र जारी किया था, जो सार्वजनिक टिप्पणियों के लिए खुला है। परिपत्र के मसौदे को अभी बोर्ड से मंजूरी मिलनी बाकी है। सेबी के आदेश के अनुसार बाजार के मध्यस्थों, स्टॉक ब्रोकरों और म्युचुअल फंड जैसी विनियमित संस्थाओं को अपंजीकृत संस्थाओं के साथ संबद्ध नहीं होना चाहिए।

नियामक ने कहा कि एसडीपी को पंजीकृत करने के प्रावधान का मकसद विनियमित संस्थाओं को यह विश्वास दिलाना है कि यदि वे एसडीपी के साथ जुड़ते हैं, तो इससे स्वत: ही सेबी द्वारा प्रावधानों का उल्लंघन नहीं होने का आश्वासन दिया जाता है।

Advertisement
First Published - December 4, 2024 | 10:54 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement