facebookmetapixel
Gold-Silver Outlook: सोना और चांदी ने 2025 में तोड़े सारे रिकॉर्ड, 2026 में आ सकती है और उछालYear Ender: 2025 में आईपीओ और SME फंडिंग ने तोड़े रिकॉर्ड, 103 कंपनियों ने जुटाए ₹1.75 लाख करोड़; QIP रहा नरम2025 में डेट म्युचुअल फंड्स की चुनिंदा कैटेगरी की मजबूत कमाई, मीडियम ड्यूरेशन फंड्स रहे सबसे आगेYear Ender 2025: सोने-चांदी में चमक मगर शेयर बाजार ने किया निराश, अब निवेशकों की नजर 2026 पर2025 में भारत आए कम विदेशी पर्यटक, चीन और दक्षिण-पूर्व एशिया वीजा-मुक्त नीतियों से आगे निकलेकहीं 2026 में अल-नीनो बिगाड़ न दे मॉनसून का मिजाज? खेती और आर्थिक वृद्धि पर असर की आशंकानए साल की पूर्व संध्या पर डिलिवरी कंपनियों ने बढ़ाए इंसेंटिव, गिग वर्कर्स की हड़ताल से बढ़ी हलचलबिज़नेस स्टैंडर्ड सीईओ सर्वेक्षण: कॉरपोरेट जगत को नए साल में दमदार वृद्धि की उम्मीद, भू-राजनीतिक जोखिम की चिंताआरबीआई की चेतावनी: वैश्विक बाजारों के झटकों से अल्पकालिक जोखिम, लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूतसरकार ने वोडाफोन आइडिया को बड़ी राहत दी, ₹87,695 करोड़ के AGR बकाये पर रोक

RIL: वित्त वर्ष 24 की तीसरी तिमाही की आय का प्रिव्यू

उपभोक्ता कारोबार से दम !

Last Updated- January 15, 2024 | 11:27 PM IST
Reliance Mcap

रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के उपभोक्ता कारोबार के दिसंबर तिमाही (वित्त वर्ष 24 की तीसरी) में आय वृद्धि के मामले में अग्रणी रहने के आसार हैं। विश्लेषकों ने अनुमान जताया है कि ऊर्जा कारोबार में पिछली तिमाही के मुकाबले नरमी दिखने के आसार हैं, लेकिन उपभोक्ता कारोबार, खास तौर पर खुदरा क्षेत्र में चमक दिखने का अनुमान है।

ब्लूमबर्ग के सर्वेक्षण में नौ विश्लेषकों ने वित्त वर्ष 24 की तीसरी तिमाही में कंपनी का समेकित राजस्व 2.521 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया है और सात विश्लेषकों ने अनुमान लगाया है कि इस दौरान 18,497 करोड़ रुपये की समायोजित शुद्ध आय होगी। RIL शुक्रवार को वित्त वर्ष 24 की तीसरी तिमाही के अपने वित्तीय प्रदर्शन की रिपोर्ट पेश करेगी।

RIL की सितंबर-23 तिमाही की आय को उसके ऊर्जा कारोबार के बेहतर प्रदर्शन से बढ़ावा मिला था, जिसमें उसके तेल से लेकर रसायन तक (ओ2सी) तथा तेल और गैस खंड शामिल थे। विश्लेषकों को उम्मीद है कि यह प्रवृत्ति उलट जाएगी, क्योंकि ओ2सी कारोबार तिमाही आधार पर नरमी झेल रहा है।

आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के विश्लेषकों का कहना है कि RIL अपने ओ2सी खंड की कमाई में भारी गिरावट देख सकती है। सकल रिफाइनिंग मार्जिन (जीआरएम) में अनुमानित रूप से प्रति बैरल 1.6 डॉलर की गिरावट के साथ-साथ इसकी रिफाइनरी बंद होने और पेट्रोकेमिकल प्रसार में कमी की वजह से कम आमदनी देखने को मिल सकती है। पिछले साल की तुलना में वित्त वर्ष 24 की तीसरी तिमाही के दौरान RIL के खंड वार प्रदर्शन में समान रुख दिखने की उम्मीद है।

जेफरीज के विश्लेषकों का अनुमान है कि ओ2सी कारोबार के एबिटा में पिछले साल की तुलना में दो प्रतिशत की गिरावट आएगी। दूरसंचार कारोबार के मामले में पिछले साल की तुलना में 10 प्रतिशत का इजाफा होगा तथा खुदरा और तेल एवं गैस कारोबार के एबिटा में पिछले साल के मुकाबले 30 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि होगी। ब्रोकरेज के मुताबिक कंपनी का कुल एबिटा पिछले साल की तुलना में 13 प्रतिशत तक बढ़ने की उम्मीद है।

दूसरी तरफ कंपनी के कुल एबिटा में उपभोक्ता कारोबार की हिस्सेदारी बढ़ने की उम्मीद है। यूबीएस सिक्योरिटीज के विश्लेषकों ने कहा है कि डिजिटल (जियो) और खुदरा क्षेत्र का प्रदर्शन मजबूत (पिछली तिमाही की तुलना में पांच प्रतिशत अधिक एबिटा) रहना चाहिए।

जेपी मॉर्गन के विश्लेषकों ने कहा कि RIL का खुदरा खंड राजस्व में अनुमानित रूप से पिछले साल के मुकाबले 29 प्रतिशत वृद्धि और तीसरी तिमाही में त्योहारी माहौल और मार्जिन विस्तार के कारण एबिटा में 36 प्रतिशत इजाफे के साथ मजबूत वृद्धि दर्ज होगी।

First Published - January 15, 2024 | 11:19 PM IST

संबंधित पोस्ट