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बिज़नेस स्टैंडर्ड

Reliance की हाई-मार्जिन रणनीति: चिप्स, नमकीन और बिस्कुट बाजार में धाक जमाने की तैयारी

विक्रेताओं को ज्यादा मार्जिन के साथ कैंपा उतारकर कोला बाजार में सेंध लगाने की कोशिश करने के बाद रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स अब आपूर्ति श्रृंखला के दूसरे सेगमेंट में भी अधिक मार्जिन की पेशकश कर चिप्स, नमकीन और बिस्कुट बाजार में…

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FMCG firms stall price hikes as lower oil prices support volume growth

Last Updated: नवंबर 3, 2024 | 9:57 PM IST

विक्रेताओं को ज्यादा मार्जिन के साथ कैंपा उतारकर कोला बाजार में सेंध लगाने की कोशिश करने के बाद रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स अब आपूर्ति श्रृंखला के दूसरे सेगमेंट में भी अधिक मार्जिन की पेशकश कर चिप्स, नमकीन और बिस्कुट बाजार में सेंध लगाने की कोशिश कर रही है।

अन्य ब्रांडों के चिप्स, नमकीन तथा बिस्कुट की बिक्री आम तौर पर सुपर स्टॉकिस्टों को करीब 3 से 5 फीसदी का मार्जिन मिलता है मगर रिलायंस कंज्यूमर अपने उत्पादों के लिए ऐसे स्टॉकिस्टों को करीब 6.5 फीसदी मार्जिन की पेशकश कर रही है। रिलायंस कंज्यूमर चिप्स और नमकीन बाजार में एलन बुगल्स और स्नैकटेक तथा बिस्कुट में इंडिपेंडेंस ब्रांड के तहत उत्पादों की बिक्री करती है।

कंपनी वितरकों को भी अधिक लाभ दे रही है। रिलायंस कंज्यूमर अपने ब्रांड के उत्पादों की बिक्री के लिए वितरकों को अतिरिक्त 2 फीसदी (जिसमें प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहन शामिल है) के साथ करीब 8 फीसदी मार्जिन दे रही है जबकि अन्य नमकीन ब्रांड पर वितरकों को 6 से 6.5 फीसदी का मार्जिन मिलता है।

ज्यादा मार्जिन की पेशकश कर कंपनी वितरकों को अपने ब्रांड के उत्पादों की बिक्री पर ज्यादा जोर देने के लिए प्रोत्साहित करने की रणनीति पर काम कर रही है। रिलायंस कंज्यूमर रिटेलरों को 20 फीसदी तक का मार्जिन की पेशकश कर रही है जबकि अन्य ब्रांड खुदरा विक्रेताओं को 8 से 15 फीसदी (मार्जिन और ज्यादा खरीदने पर) तक का मार्जिन देते हैं।

पिछले साल मई में रिलायंस कंज्यूमर ने अमेरिका की जनरल मिल्स के ब्रांड एलन बुगल्स को भारत लाने की घोषणा की थी। कंपनी ने कहा था कि उसके नमकीन अलग-अलग स्वाद में 10 रुपये के पैकेट में उपलब्ध होंगे। आपूर्ति श्रृंखला में ज्यादा मार्जिन की पेशकश करने के बारे में जानकारी के लिए रिलायंस कंज्यूमर को ईमेल भेजा गया मगर खबर लिखे जाने तक जवाब नहीं आया।

मामले से अवगत एक सूत्र ने कहा, ‘रिलायंस कंज्यूमर ने अपनी बिक्री को बढ़ाने की योजना बनाई है और वितरकों को थोड़ा अधिक मार्जिन देकर प्रोत्साहित कर रही है।’ सूत्र ने कहा कि रिटेल के मोर्चे पर कंपनी नए उत्पाद पर ज्यादा ऑफर दे रही है क्योंकि मार्केटिंग पर बड़े ब्रांडों की तुलना में वह 10 से 15 फीसदी भी खर्च नहीं कर रही है। ज्यादा मार्जिन मिलने से विक्रेता भी उसके उत्पाद अपनी दुकानों पर रखने लगे हैं।

सूत्र ने कहा, ‘विक्रेताओं के मार्जिन में उत्पादों को बेहतर दृश्यता के लिए सामने रखने का खर्च भी शामिल होता है और कंपनी इस पर भी ध्यान दे रही है।’
आईमार्क के आंकड़ों के अनुसार 2023 में भारत में नमकीन का बाजार 42,694.9 करोड़ रुपये का था और 2032 तक इसके सालाना 9.08 फीसदी चक्रवृद्धि दर से बढ़कर 95,521.8 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।

रिलायंस कंज्यूमर ने 2022 में एफएमसीजी बाजार में उतरने का ऐलान किया था। चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में रिलायंस रिटेल वेंचर्स ने कहा था कि उसके उपभोक्ता ब्रांड कारोबार की आय 250 फीसदी से ज्यादा बढ़ी है।

मुकेश अंबानी की अगुआई वाली कंपनी ने उपभोक्ता क्षेत्र में उतरने की घोषणा के करीब एक साल बाद 2023 की शुरुआत में उपभोक्ता बाजार में ज्यादा मार्जिन के साथ एक नई जंग शुरू की थी। उस दौरान कंपनी ने आपूर्ति श्रृंखला में ज्यादा मार्जिन और प्रतिस्पर्धी उत्पादों से कम कीमत पर कैंपा उतारकर कोला सेगमेंट में बाजार हिस्सेदारी पाने की को​शिश की थी।

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