facebookmetapixel
Republic Day 2026: कर्तव्य पथ पर दिखेगी आत्मनिर्भर और मजबूत भारत की झलक‘मन की बात’ में बोले PM मोदी: भारतीय उत्पाद उच्च गुणवत्ता के प्रतीक बनें और उद्योग उत्कृष्टता अपनाएPadma Awards 2026: अ​भिनेता धर्मेंद्र, वीएस अच्युतानंदन, उदय कोटक समेत 131 को पद्म पुरस्कार दुनिया को शांति का संदेश दे रहा भारत, महिलाओं की भागीदारी को 2047 तक विकसित भारत की नींव: राष्ट्रपतिबच्चों की शिक्षा और भविष्य सुरक्षित करने के लिए चाइल्ड इंश्योरेंस प्लान जरूरी, लक्ष्य पूरे करने में होगा मददगार2026 में भारत की नजरें पांच अहम आर्थिक और वैश्विक घटनाओं पर टिकीं रहेंगीEditorial: बदलती वैश्विक परिस्थितियों में भारत का गणराज्य और तेज आर्थिक सुधारों की राहडॉलर के दबदबे को चुनौती देती चीन की मुद्रा रणनीति, भारत के लिए छिपे हैं बड़े सबकपेंशन फंड को आधुनिक बनाने की पहल: NPS निवेश ढांचे में बदलाव की तैयारी, PFRDA ने बनाई समितिईंधन लागत पास-थ्रू और सुधारों से बदली तस्वीर, दशक भर बाद बिजली वितरण कंपनियां मुनाफे में लौटीं

Q3 Results: फूड डिलीवरी कंपनी का घाटा बढ़कर हुआ ₹799 करोड़, शेयरों पर रखें नजर

पिछले साल इसी अवधि में कंपनी को ₹574.4 करोड़ का घाटा हुआ था। वहीं, जुलाई-सितंबर तिमाही में भी कंपनी को ₹574.4 करोड़ का घाटा हुआ था।

Last Updated- February 06, 2025 | 8:34 PM IST
Q3 Results- दिसंबर तिमाही नतीजे

फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म Swiggy ने बुधवार को बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 (FY25) की तीसरी तिमाही (Q3) में उसका कंसोलिडेटेड नेट लॉस बढ़कर ₹799 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी को ₹574.4 करोड़ का घाटा हुआ था। वहीं, जुलाई-सितंबर तिमाही में भी Swiggy को ₹574.4 करोड़ का घाटा हुआ था।

हालांकि, घाटा बढ़ने के बावजूद कंपनी के ऑपरेशंस से होने वाली कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में 31% की साल-दर-साल बढ़ोतरी हुई। Q3FY24 में ₹3,049 करोड़ के मुकाबले Q3FY25 में यह बढ़कर ₹3,993 करोड़ हो गया, जो कंपनी के बिजनेस में मजबूती को दर्शाता है।

Swiggy की कुल कंसोलिडेटेड इनकम भी 30.8% बढ़कर ₹4,095.8 करोड़ हो गई, जो Q3FY24 में ₹3,130.9 करोड़ थी।

GOV और EBITDA पर Swiggy का प्रदर्शन

Swiggy का ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू (GOV) – यानी प्लेटफॉर्म पर किए गए कुल ऑर्डर का मूल्य – 38% साल-दर-साल बढ़कर ₹12,165 करोड़ हो गया।

कंपनी ने यह भी बताया कि कंसोलिडेटेड एडजस्टेड EBITDA लॉस (ब्याज, टैक्स, मूल्यह्रास और अमोर्टाइजेशन से पहले की कमाई में घाटा) 2% साल दर साल घटकर ₹490 करोड़ रह गया। हालांकि, तिमाही-दर-तिमाही (Q-o-Q) आधार पर यह घाटा थोड़ा बढ़कर ₹149 करोड़ हो गया, जिससे परिचालन लागत में लगातार बढ़ोतरी का संकेत मिलता है।

Swiggy के मैनेजिंग डायरेक्टर और ग्रुप CEO, श्रीहर्ष माजेती ने कहा, “फूड डिलीवरी मार्जिन और कैश फ्लो जेनरेशन में लगातार सुधार हो रहा है। हालांकि, क्विक-कॉमर्स के विस्तार में निवेश, डार्क स्टोर्स की वृद्धि और मार्केटिंग खर्चों के कारण, निकट भविष्य में प्रतिस्पर्धा का दबाव बना रहेगा।”

Swiggy बनाम Zomato

Swiggy की प्रमुख प्रतिद्वंद्वी Zomato Ltd ने भी हाल ही में अपने Q3FY25 नतीजे जारी किए। Zomato का नेट प्रॉफिट साल-दर-साल 57% गिरकर ₹59 करोड़ रह गया। हालांकि, Zomato की ऑपरेशंस से होने वाली रेवेन्यू ग्रोथ साल-दर-साल 64% बढ़कर ₹5,404 करोड़ हो गई, जो कि Swiggy की राजस्व वृद्धि दर से कहीं अधिक है। Zomato पहले ही फूड डिलीवरी डिमांड में संभावित गिरावट को लेकर आगाह कर चुका है।

Swiggy के शेयर BSE पर आज ₹418.10 पर बंद हुए, जो कि Q3FY25 के फाइनेंशियल रिजल्ट्स जारी होने से पहले 3.59% की गिरावट दर्शाता है।

 

ITC Q3 results: बुरी खबर! जानें क्यों तिमाही नतीजों ने किया निराश; पढ़े मुनाफे-रेवेन्यू-व्यय के आंकड़ें

 

First Published - February 5, 2025 | 5:04 PM IST

संबंधित पोस्ट