facebookmetapixel
अश्लील AI कंटेंट पर सरकार सख्त: Grok की व्यापक समीक्षा करें X, 72 घंटे में रिपोर्ट पेश करने का आदेशमहिंद्रा समूह के CEO अनिश शाह का जरूरी संदेश: बड़ा सोचो, कम करो लेकिन उसे अच्छे से क्रियान्वित करोAdani Total ने घटाई CNG और PNG की कीमतें, आम उपभोक्ताओं को मिलेगी सीधी राहतछोटे निर्यातकों को बड़ी राहत: सरकार ने ₹7,295 करोड़ का निर्यात सहायता पैकेज और ऋण गारंटी योजना का किया ऐलानदेवयानी-सफायर के विलय को मिली मंजूरी, भारत में केएफसी-पिज्जा हट के नेटवर्क को करेगा मजबूतसुप्रिया लाइफ साइंसेज ने अंबरनाथ में नई इकाई से विनियमित वैश्विक बाजारों में दांव बढ़ायाECMS के तहत 22 और प्रस्ताव मंजूर, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग में ₹41,863 करोड़ का निवेश!2026 में भारतीय विमानन कंपनियां बेड़े में 55 नए विमान शामिल करेंगी, बेड़ा बढ़कर 900 के करीब पहुंचेगाIndia manufacturing PMI: नए ऑर्डर घटे, भारत का विनिर्माण दो साल के निचले स्तर पर फिसलाभारत में ऑटो पार्ट्स उद्योग ने बढ़ाया कदम, EV और प्रीमियम वाहनों के लिए क्षमता विस्तार तेज

अंबुजा के रुड़की संयंत्र में उत्पादन शुरू हुआ

Last Updated- December 05, 2022 | 4:41 PM IST


अंबुजा सीमेंट लिमिटेड (एसीएल) के रुड़की स्थित 10 लाख टन क्षमता वाले सीमेंट संयंत्र में उत्पादन कार्य शुरू हो चुका है। छह हजार करोड़ रुपये सालाना बिक्री वाली इस कंपनी ने 145 करोड़ रुपये की लागत से इस संयंत्र को लगाया है। कंपनी ने उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में कारोबार बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।


इस संयंत्र में अभी प्रतिदिन 40 हजार सीमेंट की बोरियों का उत्पादन हो रहा है। कंपनी सूत्रों का मानना है कि एक महीने के भीतर ही कंपनी अपनी पूरी क्षमता के साथ उत्पादन कार्य कर पाएगी। फिलहाल संयंत्र अपनी पूरी क्षमता के 75 प्रतिशत के बराबर ही काम कर रहा है। 50 एकड़ क्षेत्र पर बना यह संयंत्र पोर्टलैंड पोजोलोनो सीमेंट (पीपीसी) का उत्पादन कर रहा है। यह उत्तराखंड में पहला सीमेंट संयंत्र है।


कंपनी के अधिकारी का कहना है, ‘रुड़की में इस संयंत्र को लगाने के पीछे हमारा मकसद उत्तराखंड और इसके आसपास के राज्यों, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में अपने कारोबार को बढ़ाना है। एसीएल के रुड़की संयंत्र के अलावा पश्चिमी बंगाल में फरक्का संयंत्र भी अपने अंतिम चरण में है। राजस्थान में राब्रियावास के सीमेंट संयंत्र की क्लिंकरिंग क्षमता 16 लाख टन से बढ़ा कर 20 लाख टन कर दी गई है।

First Published - March 18, 2008 | 11:16 PM IST

संबंधित पोस्ट