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IT उद्योग के लिए अगला वित्त वर्ष रहेगा चुनौतीपूर्ण

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Last Updated- March 01, 2023 | 11:36 PM IST
Raisina Dialogue 2023: A period of change in electronics, innovation, like-minded countries should come together – Chandrasekhar
BS

जहां भारतीय प्रौद्योगिकी उद्योग मौजूदा अनिश्चित वृहद परिवेश में मजबूत बना हुआ है और वित्त वर्ष 2023 में 245 अरब डॉलर का आंकड़ा छू लेगा, वहीं वित्त वर्ष 2024 के लिए समस्याएं स्पष्ट तौर पर दिख रही हैं। निर्णय लेने की प्रक्रिया में विलंब, मांग पर दबाव और बढ़ते प्रौद्योगिकी विनियमन से इस उद्योग पर प्रभाव पड़ेगा।

यदि आप वित्त वर्ष 2022 के आंकड़ों से तुलना करें तो स्पष्ट पता चलता है कि वित्त वर्ष 2023 के आंकड़े पहले ही प्रभावित हुए हैं। इन चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए भारतीय प्रौद्योगिकी उद्योग का प्रतिनिधित्व करने वाली उद्योग संस्था नैसकॉम ने अपनी स्ट्रैटजिक रिव्यू 2023 में वर्ष को ‘प्राइमिंग फॉर ए नो नॉर्मल फ्यूचर’ करार दिया है।

स्ट्रैटजिक रिव्यू में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2023 में आईटी सेवा, बीपीएम, सॉफ्टवेयर उत्पादों, ईआरऐंडडी और घरेलू बाजार के विभिन्न सेगमेंट का आकार 194 अरब डॉलर पर पहुंच जाने का अनुमान है, जो वित्त वर्ष 2022 के मुकाबले 9.4 प्रतिशत तक की तेजी है।

हालांकि उद्योग आगामी वृद्धि को लेकर किसी तरह के अनुमान को लेकर सतर्कता बरत रहा है। नैसकॉम के अध्यक्ष देबजानी घोष ने कहा, ‘हमें विभिन्न सीईओ से मिल रहे रुझान सतर्क, लेकिन आशावादी हैं। हम जानते हैं कि प्रौद्योगिकी खर्च बढ़ेगा, लेकिन हमें यह भी पता है कि समस्याएं काफी बड़ी हैं। हमारे सदस्य कह रहे हैं कि वित्त वर्ष 2024 समान वर्ष जैसा रहने की संभावना है।’

नैसकॉम के अध्यक्ष कृष्णन रामानुजम ने कहा कि कई अनिश्चितताएं बरकरार हैं। एक सकारात्मक बिंदु यह है कि आईटी उद्योग 54 लाख से अधिक कर्मियों के साथ शुद्ध नियोक्ता बना रहेगा। इस उद्योग में वित्त वर्ष 2023 में 290,000 नए रोजगार पैदा हो रहे हैं।

36 प्रतिशत डिजिटली तौर पर कुशल कर्मियों के साथ यह उद्योग वैश्विक तौर पर एआई कौशल के संदर्भ में शीर्ष पर बना हुआ है, वहीं एआई/एमएल बीडीए टेलेंट पूल में दूसरा सबसे बड़ा और क्लाउड पेशेवरों की आपूर्ति के मामले में तीसरे पायदान पर है।

सकारात्मक बात यह है कि ग्लोबल केप्टिव सेंटर्स (जीसीसी) का भारत में लगातार विस्तार हो रहा है। वैश्विक तौर पर लगभग 40 प्रतिशत जीसीसी मौजूदा समय में भारत हैं, जिससे यहां अवसर तेजी से बढ़ने का पता चलता है। भारत ने वर्ष में 65 नए जीसीसी जोड़े, जिसके साथ ही इनकी कुल संख्या बढ़कर 1,570 से ज्यादा हो गई।

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First Published - March 1, 2023 | 10:49 PM IST

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