facebookmetapixel
Stocks To Buy: मार्केट क्रैश में खरीदारी का मौका, बोनांजा की पसंद 3 पीएसयू बैंक शेयर; 27% तक अपसाइड34% रिटर्न दे सकता है ये IT स्टॉक, Q3 में 18% बढ़ा मुनाफा; ब्रोकरेज ने कहा- सही मौका50% टैरिफ, फिर भी नहीं झुके भारतीय निर्यातक, बिल चुकाया अमेरिकी खरीदारों नेनई नैशनल इले​क्ट्रिसिटी पॉलिसी का मसौदा जारी, पावर सेक्टर में 2047 तक ₹200 लाख करोड़ निवेश का अनुमानखदानें रुकीं, सप्लाई घटी, क्या कॉपर बनने जा रहा है अगली सुपरहिट कमोडिटी, एक्सपर्ट से जानेंभारत-पाकिस्तान परमाणु युद्ध के करीब थे, मैंने संघर्ष रोका: व्हाइट हाउस ब्रीफिंग में ट्रंप ने फिर किया दावाAmagi Media Labs IPO ने निवेशकों को किया निराश, 12% डिस्काउंट पर लिस्ट हुए शेयरGold and Silver Price Today: सोने ने हासिल की नई ऊंचाई, चांदी सुस्त शुरुआत के बाद सुधरीBudget 2026: PSU के भरोसे कैपेक्स को रफ्तार देने की तैयारी, अच्छी कमाई के लिए ब्रोकरेज की पसंद बने ये 6 सेक्टरReliance Share: 30% उछलेगा स्टॉक! ब्रोकरेज ने बढ़ाया टारगेट; कहा – जियो लिस्टिंग और रिटेल ग्रोथ से मिलेगी रफ्तार

NCLT ने कहा- बैजूस के लेनदार फिर से करें अपील

NCLT ने मामले की सुनवाई 11 सितंबर तक टाल दी।

Last Updated- September 04, 2024 | 10:16 PM IST
Byjus

नैशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ने सुनवाई के दौरान एडटेक दिग्गज बैजूस के अमेरिकी लेनदारों से कहा है कि लेनदारों की समिति को हटाने वाली याचिका की सुनवाई के लिए नई अपील करे। एनसीएलटी ने मामले की सुनवाई 11 सितंबर तक टाल दी।

बैजूस के अमेरिकी लेनदारों का प्रतिनिधित्व करने वाली ग्लास ट्रस्ट ने एक पत्र में दावा किया कि अंतरिम रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल (आईआरपी) ने सीओसी से लेनदारों को गैरकानूनी तौर पर निकाल दिया है। यह जानकारी ग्लास ट्रस्ट के ईमेल से मिली।

जानकार सूत्रों ने बताया कि आईआरपी पंकज श्रीवास्तव ने ग्लास ट्रस्ट को सीओसी से हटा दिया और दावा किया कि वह कंसोर्टियम के न्यूनतम 51 फीसदी लेनदारों का प्रतिनिधित्व नहीं करता। इस बारे में श्रीवास्तव से संपर्क की कोशिश नाकाम रही।

अयोग्य ठहराए जाने पर अमेरिकी लेनदारों ने एक ईमेल में कहा, अयोग्य ठहराए जाने का मामला किसी भी तरह से थिंक ऐंड लर्न की वित्तीय देनदारी के खिलाफ ग्लास ट्रस्ट के दावे को कहीं से भी कमतर नहीं बताता, जिसे पहले पंकज ने मानते हुए मूल रूप से ग्लास ट्रस्ट को सीओसी में शामिल किया था। इसके उलट पंकज की आखिरी वक्त पर दलील को इस तरह से देखा जाना चाहिए कि वे क्या हैं – स्पष्ट तौर पर धोखाधड़ी के जरिये ग्लास ट्रस्ट और लेनदारों को सीओसी से हटाना।

बैजूस की मूल कंपनी थिंक ऐंड लर्न की तरफ से 1.5 अरब डॉलर कर्ज के लिए दी गई गारंटी के तहत अमेरिकी टर्म लोन लेंडर्स का प्रतिनिधित्व ग्लास ट्रस्ट करता है। जिन लेनदारों का प्रतिनिधित्व ग्लास ट्रस्ट करता था उन्हें अयोग्य ठहराए जाने के बाद अब वह पात्र लेनदारों की सीमा को पूरा नहीं करते, जो बैजूस के खिलाफ उसके दावे को बरकरार रखने के लिए जरूरी है। इसका मतलब यह हुआ कि अमेरिकी टर्म लोन के लेनदार सीओसी की चर्चा में पक्षकार नहीं होंगे।

ग्लास ट्रस्ट के प्रतिनिधित्व वाले ऋणदाताओं के संघ ने बयान में कहा, ‘पंकज श्रीवास्तव की कार्रवाई अभूतपूर्व और पूरी तरह अवैध है क्योंकि भारतीय ऋणशोधन अक्षमता और दिवालियापन संहिता के इतिहास में किसी भी अंतरिम समाधान पेशेवर ने कभी भी इस स्तर के दावों के वित्तीय लेनदारों को अवैध रूप से बेदखल करने का प्रयास नहीं किया है।’

बैजूस के खिलाफ यह दिवाला कार्यवाही पिछले महीने शुरू हुई थी। तब सर्वोच्च न्यायालय ने एनसीएलएटी के उस फैसले को खारिज कर दिया था जिसमें बैजूस के खिलाफ दिवाला कार्यवाही को रद्द कर दिया गया था। एनसीएलएटी ने बैजूस और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के बीच 159 करोड़ रुपये के समझौते को भी मंजूरी दी थी।

First Published - September 4, 2024 | 10:16 PM IST

संबंधित पोस्ट