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मेडिकल डिवाइस कंपनियों ने लाइसेंस के लिए 6 महीने का समय मांगा

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CDSCO के पास निरीक्षण के लिए संसाधनों की कमी, देसी कंपनियां प्रभावित

Last Updated- October 03, 2023 | 10:31 PM IST
National Medical Devices Policy 2023 gets Centre’s green light

चिकित्सा उपकरण बनाने वाली कंपनियों ने ड्रग्स ऐंड कॉस्मेटिक्स अधिनियम के तहत सी और डी श्रेणी के चिकित्सा उपकरण के लिए अनिवार्य लाइसेंस का पालन करने के लिए 6 महीने का वक्त मांगा है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया को 25 सितंबर को लिखे अपने पत्र में चिकित्सा उपकरण बनाने वाली देसी कंपनियों के संगठन एसोसिएशन ऑफ इंडियन मेडिकल डिवाइस इंडस्ट्री (एम्ड) ने समय पर निरीक्षण सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय औषधी मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) के सीमित संसाधनों के मद्देनजर समय बढ़ाने की मांग की थी।

एम्ड के फोरम कोऑर्डिनेटर राजीव नाथ ने पत्र में कहा था कि वह समय सीमा को छह महीने बढ़ाने का अनुरोध कर रहे हैं। उनका कहना था कि सीडीएससीओ के पास 30 सितंबर, 2023 तक समय पर निरीक्षण करने और विनिर्माण लाइसेंस जारी करने के लिए पर्याप्त संसाधनों की कमी है और इससे कई देसी चिकित्सा उपकरण बनाने वाली कंपनियों की आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हो सकती है।

नए चिकित्सा उपकरण विनियम 2020 के तहत विनिर्माताओं को गैर अधिसूचित सी और डी श्रेणी के चिकित्सा उपकरणों के लाइसेंस को पूरा करने के लिए 1 अप्रैल 2020 से 42 महीने का समय दिया गया था।

उद्योग के एक विशेषज्ञ का कहना है, ‘ए और बी श्रेणी के उपकरणों को 1 अप्रैल से ही विनियमित किया गया है और जो विनिर्माता 1 अप्रैल को पंजीकृत थे मगर उन्हें लाइसेंस नहीं मिला था उन्हें विनिर्माण और बिक्री जारी रखने की अनुमति दी गई थी।

उनसे राज्य और केंद्र सरकार के नियामकों ने अनुपालन और ऑडिट प्रमाणन मांगा था। उच्च जोखिम वाले चिकित्सा उपकरणों के लिए इसी तरह की लिखित स्पष्टता का इंतजार किया जा रहा है।’

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First Published - October 3, 2023 | 10:31 PM IST

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