facebookmetapixel
Advertisement
Swiggy Q1FY27 Results: स्विगी का घाटा 34% घटा, क्विक-कॉमर्स रेवेन्यू में 53% का जोरदार उछालHyundai Motor India Q1 result: खर्च बढ़ने से मुनाफा 35% घटा, डिविडेंड के लिए तय की रिकॉर्ड डेटभारत में कीमत, भारत में हेज: ग्लोबल कमोडिटी बाजार में ‘प्राइस सेटर’ बनने की राह पर भारतफेड के ब्याज दरें न बढ़ाने के फैसले के बाद सोना-चांदी में क्या करें? एक्सपर्ट्स से जानें आगे निवेश की रणनीतिBajaj Finance Q1FY27 results: मुनाफा 27.4% बढ़कर ₹5,986 करोड़; AUM में 23.9% की बढ़ोतरीVedanta Q1FY27 results: कमजोर रुपये और महंगी धातुओं से मुनाफा 72% उछला, ₹5,473 करोड़ पहुंचाGold Demand: पीएम मोदी की अपील और महंगे सोने का असर, मांग 6% घटी; पर बरकरार रहा निवेशकों का भरोसा5paisa Capital खरीदेगी Trendlyne: ₹207 करोड़ में हुई डील, बनेगा देश का पहला AI-फर्स्ट ब्रोकरM&M Q1 Results: दमदार नतीजों से शेयर में आई तेजी, दिन के निचले स्तर से 4% से ज्यादा उछला स्टॉकआधार, पैन या पासपोर्ट गुम होने पर क्या करें? नया डॉक्यूमेंट पाने का आसान तरीका

बढ़ती लागत से हारी मारुति थामेगी देसी हाथ

Advertisement
Last Updated- December 05, 2022 | 5:14 PM IST

बढ़ती लागत और मुनाफे पर मार से परेशान मारुति सुजुकी ने कारों की कीमत में इजाफा रोकने के रास्ते तलाशने शुरू कर दिए हैं। कंपनी ने सबसे पहले कलपुर्जों पर ध्यान दिया है।


मारुति अपने सभी नए मॉडलों के लिए ज्यादा से ज्यादा कलपुर्जे भारतीय बाजार से ही खरीदने की योजना बना रही है।कंपनी को भरोसा है कि इससे लागत कम करने में उसे काफी आसानी हो जाएगी। फिलहाल मारुति की हर साल भारत में एक नया मॉडल उतारने की योजना है। जाहिर है, कलपुर्जों की कीमत में कमी से उसे काफी फायदा होगा।


मारुति सुजुकी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी शिंजो नाकानिशी ने बिजनेस स्टैंडर्ड से बातचीत में बढ़ते खर्च और कच्चे माल की उछाल मारती कीमतों पर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा, ‘हम वाकई चिंतित हैं। इसी वजह से हमने नए मॉडलों के लिए कम से कम 70 या 80 फीसदी पुर्जे स्थानीय बाजारों से ही खरीदने की योजना बनाई है।


लागत कम रखने में इससे हमें काफी मदद मिलेगी। हम आगे जाकर भारतीय पुर्जों की खरीद का यह आंकड़ा बढ़ाकर 95 फीसदी तक पहुंचा सकते हैं। इनका इस्तेमाल मौजूदा मॉडलों में भी किया जा रहा है।’उन्होंने कहा कि कंपनी का पहला उद्देश्य स्थानीय बाजार में मौके तलाशना है। इसके लिए वह यहीं के बाजारों से कलपुर्जे खरीदेगी। इससे कंपनी को तो फायदा होगा ही, देशी कलपुर्जा निर्माताओं को भी खासा मुनाफा मिलेगा।


लेकिन कुछ खास पुर्जे अब भी यूरोपीय और दूसरे एशियाई बाजारों से खरीदे जाएंगे।कंपनी ने कुछ समय पहले ऐलान किया था कि हर साल वह भारत के बाजारों में एक नया मॉडल पेश करेगी। पिछले 3 साल के दरम्यान भी वह 6 नए मॉडल उतार चुकी है। नाकानिशी ने बताया कि कंपनी का बहुप्रतीक्षित मॉडल ‘ए स्टार’ भी इसी साल बाजार में पेश कर दी जाएगी।


मारुति के विभिन्न मॉडलों की बात करें, तो इस समय उसके सभी मॉडलों में कुल मिलाकर 95 फीसदी स्थानीय पुर्जों का इस्तेमाल हो रहा है। इस मामले में मारुति 800 सबसे आगे है। इसमें 99 प्रतिशत पुर्जे भारतीय हैं। आल्टो में भी 95 फीसदी भारतीय पुर्जों का इस्तेमाल है।

Advertisement
First Published - March 28, 2008 | 1:21 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement