facebookmetapixel
16वां वित्त आयोग: राज्यों की कर हिस्सेदारी 41% बरकरार, जीडीपी योगदान बना नया मानदंडBudget 2026: मजबूत आर्थिक बुनियाद पर विकास का रोडमैप, सुधारों के बावजूद बाजार को झटकाBudget 2026: TCS, TDS और LSR में बदलाव; धन प्रेषण, यात्रा पैकेज पर कर कटौती से नकदी प्रवाह आसानBudget 2026: खाद्य सब्सिडी में 12.1% का उछाल, 81 करोड़ लोगों को मिलता रहेगा मुफ्त राशनBudget 2026: पारंपरिक फसलों से आगे बढ़ेगी खेती, काजू, नारियल और चंदन जैसी नकदी फसलों पर जोरBudget 2026: मुश्किल दौर से गुजर रहे SEZ को बड़ी राहत, अब घरेलू बाजार में सामान बेच सकेंगी इकाइयांBudget 2026: व्यक्तिगत करदाताओं के लिए जुर्माने और अ​भियोजन में ढील, विदेश परिसंपत्तियों की एकबार घोषणा की सुविधाBudget 2026: बुनियादी ढांचे को रफ्तार देने के लिए ₹12.2 लाख करोड़ का आवंटन, कैपेक्स में भारी बढ़ोतरीBudget 2026: पहली बार ₹1 लाख करोड़ के पार पहुंचा हेल्थ बजट, ‘मिशन बायोफार्मा शक्ति’ का आगाजविनिवेश की नई रणनीति: वित्त वर्ष 2027 में 80,000 करोड़ जुटाएगी सरकार, जानें क्या है पूरा रोडमैप

LIC हाउसिंग को ऋण बहीखाते में वृद्धि की आस

LIC Housing Finance: अफॉर्डेबल हाउसिंग लोन पोर्टफोलियो का योगदान दो साल में 25% तक पहुंच सकता है।

Last Updated- February 05, 2024 | 11:10 PM IST
LIC share

LIC हाउसिंग फाइनैंस के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्याधिकारी त्रिभुवन अधिकारी ने कहा कि वित्त वर्ष 2025 के दौरान ऋण बुक में 15 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की जा सकती है। वहीं कंपनी के कुल ऋणों में अफॉर्डेबल हाउसिंग लोन पोर्टफोलियो का योगदान दो साल में मौजूदा 10 प्रतिशत से बढ़कर 25 प्रतिशत पर पहुंच सकता है।

वित्त वर्ष 2024 की तीसरी तिमाही में ऋण वितरण का आंकड़ा 15,184 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले की समान अवधि के 16,100 करोड़ रुपये के मुकाबले 5 प्रतिशत कम है। कंपनी द्वारा वित्त वर्ष के दौरान किए गए तकनीकी उन्नयन और संगठनात्मक बदलाव की वजह से यह नरमी दर्ज की गई।

अधिकारी ने कहा, ‘लेकिन ये चुनौतियां अब दूर हो गई हैं। मेरा मानना है कि चौथी तिमाही के दौरान ऋण बुक में अच्छी वृद्धि दिखेगी। वित्त वर्ष 2025 LIC हाउसिंग फाइनैंस के लिए शानदार वर्ष होगा।’

कंपनी का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 142 प्रतिशत बढ़कर 1,162.88 करोड़ रुपये हो गया जो एक साल पहले की दिसंबर तिमाही में 480.30 करोड़ रुपये था। कंपनी की शुद्ध ब्याज आय 2,097 करोड़ रुपये रही, जो वित्त वर्ष 2023 की तीसरी के 1,598 करोड़ रुपये के मुकाबले 31 प्रतिशत अधिक है।

First Published - February 5, 2024 | 11:10 PM IST

संबंधित पोस्ट