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ट्विटर इंडिया प्रमुख को कर्नाटक अदालत से राहत

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Last Updated- December 12, 2022 | 2:27 AM IST

कर्नाटक उच्च न्यायालय ने ट्विटर इंडिया के प्रमुख मनीष माहेश्वरी के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट से संबंधित उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा जारी किया नोटिस शुक्रवार को खारिज कर दिया। यह नोटिस दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 41ए के तहत जारी किया गया था। उत्तर प्रदेश पुलिस ने माहेश्वरी को जांच के संबंध में लोनी बॉर्डर पुलिस स्टेशन के सामने पेश होने के लिए कहा था। यह मामला गाजियाबाद में एक बुजुर्ग मुस्लिम व्यक्ति के साथ मारपीट पर ट्वीट के संबंध में चल रही शिकायत से जुड़ा हुआ है। इस नोटिस को चुनौती देते हुए एक याचिका दायर की गई थी।
अदालत ने नोटिस रद्द करते हुए कहा कि इसे दुर्भावनापूर्ण जारी किया गया था। न्यायमूर्ति जी नरेंद्र के एकल पीठ ने कहा कि दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 41ए के तहत नोटिस को धारा 160 के तहत माना जाना चाहिए, जिससे गाजियाबाद पुलिस को माहेश्वरी से उनके कार्यालय या बेंगलूरु में उनके आवासीय पते पर डिजिटल तरीके से पूछताछ करने की अनुमति मिलती है।
लाइवलॉ के अनुसार अदालत के आदेश में कहा गया है कि कानूनी प्रावधानों को उत्पीडऩ का औजार बनने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। प्रतिवादी ने ऐसी कोई सामग्री पेश नहीं की, जिससे प्रथम दृष्टया याची की संलिप्तता पता चलती। इस तथ्य की पृष्ठभूमि में कि धारा 41ए के तहत नोटिस दुर्भावना से जारी किया गया था, यह रिट याचिका स्वीकार करने योग्य है। संलग्नक ए1 नोटिस को खारिज किया जाता है।
कानून समाचार पोर्टल ने बताया है कि उच्च न्यायालय ने यह बात पर गौर किया है कि ट्विटर कम्युनिकेशंस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (टीसीआईपीएल) एक स्वतंत्र इकाई थी और माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म पर डाली गई सामग्री पर उसका नियंत्रण नहीं होता है। ट्विटर इंडिया की शेयरधारिता ट्विटर आयरलैंड के अधीन है और अमेरिका स्थित फर्म ट्विटर इंक की भारतीय इकाई में कोई शेयरधारिता नहीं है। गाजियाबाद पुलिस ने 21 जून को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 41ए के तहत नोटिस जारी कर माहेश्वरी को 24 जून को सुबह साढ़े 10 बजे लोनी बॉर्डर थाने में पेश होने के लिए कहा था। इसके बाद बेंगलूरु में रह रहे माहेश्वरी ने कर्नाटक उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। उच्च न्यायालय ने 24 जून को एक अंतरिम आदेश में गाजियाबाद पुलिस को उनके खिलाफ कोई भी दंडात्मक कार्रवाई शुरू करने से रोक दिया था।

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First Published - July 23, 2021 | 11:53 PM IST

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