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नकली बायोडाटा पर आईटी कंपनियों की पैनी नजर

Last Updated- December 07, 2022 | 11:04 AM IST

बड़ी कंपनी में नौकरी पाने के चक्कर में अगर आप नकली बायोडाटा जमा करने की सोच रहे हैं तो जरा फिर से सोच लीजिए। आईटी और बीपीओ क्षेत्र की कंपनियां अब नकली बायोडाटा के आधार पर नौकरी लेने वालों की छंटनी कर रही हैं।


हाल ही में देश की सबसे बड़ी आईटी सेवा प्रदाता कंपनी टाटा कंसल्टेसी सर्विसेज (टीसीएस) ने कोलकाता केंद्र में काम कर रहे लगभग 20 लोगों को नौकरी से निकाल दिया है। पिछले रिकॉर्ड की छानबीन के दौरान इन लोगों के बायोडाटा नकली पाये गये।

हाल ही में इन्फोसिस, सत्यम और विप्रो टेक्नोलॉजीज समेत कई छोटी कंपनियों ने नकली बायोडाटा जमा करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ काफी सख्त कदम उठाए हैं। इन सबके बावजूद भी नकली बायोडाटा जमा करने वालों की संख्या में कोई कमी नहीं आई है। कर्मचारियों के बैकग्राउंड की जांच-पड़ताल करने वाली कंपनी फर्स्ट एडवान्टेज की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी की जांच में लगभग 30 फीसदी बायोडाटा में गड़बड़ थी।

पिछले साल 2006-07 के दौरान कंपनी ने अलग-अलग उद्योगों के लगभग 20 लाख से भी ज्यादा बायोडाटा की जांच की थी। फर्स्ट एडवान्टेज के प्रबंध निदेशक (पश्चिम एशिया) आशीष देहाड़े ने कहा, ‘इस संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। साल 2006 में यह संख्या 16-17 फीसदी थी। जबकि साल 2007 में बढ़कर यह 30 फीसदी तक पहुंच गई। इस साल भी यही प्रतिशत रहने की आशंका है।’ ऐसा करने वाली टीसीएस अकेली कंपनी नहीं है। इससे पहले इन्फोसिस ने भी पिछले साल लगभग 100 कर्मचारियों को उनके गलत बायोडाटा के कारण नौकरी से निकाला था।

सत्यम की मानव संसाधन प्रमुख सुचारिता पलेपु ने बताया, ‘कई कंपनियों ने इस समस्या से निपटने के लिए कुछ समाधान ढूंढे हैं। हमने यह प्रक्रिया दो साल पहले ही शुरू कर दी थी और हमारे सभी कर्मचारी इसी प्रक्रिया के  जरिये कंपनी मंज आए हैं। इससे नकली रिज्यूमों की संख्या में काफी कमी आई है।’ रिपोर्ट के मुताबिक  नकली बायोडाटा की बात करें तो नकली बायोडाटा की सबसे ज्यादा भरमार बैंकिंग क्षेत्र पर ही पड़ रही है। इसके बाद आईटी क्षेत्र का नंबर आता है। आईटी कंपनियों को मिलने वाले हर चार बायोडाटा में से एक रिज्यूमे गलत होता है, बीपीओ के लिए यह आंकड़ा 6 में से एक बायोडाटा है। 

एक और कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, ‘आईटी क्षेत्र की एक बड़ी कंपनी प्रैक्टिस हैड के पद पर नियुक्ति कर रही थी। इस पद के लिए जिस व्यक्ति का चुनाव हुआ था उसकी छानबीन करने के बाद पता चला कि 20 साल के अनुभव वाले उस आदमी के पास आईआईटी के नकली प्रमाणपत्र थे।’ नैसकॉम ने नैशनल स्किल्स रजिस्ट्री बनाई है। 2007 के अंत तक इसमें रजिस्ट्रेशन कराने वालों की संख्या 1.60 लाख थी।

First Published - July 15, 2008 | 12:25 AM IST

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