facebookmetapixel
Advertisement
पहले सेवा उत्पादन सूचकांक में आवास-भोजन सेवाएं सबसे आगे, अप्रैल में 37.2% की शानदार बढ़ोतरीबाइरैक की बड़ी पहल: ₹1 लाख करोड़ के RDI फंड के लिए चुने गए देश के 8 बेहतरीन बायोटेक स्टार्टअपRBI का नया फरमान: बैंक बोर्डों को अब रणनीति और जोखिम प्रबंधन पर देना होगा ज्यादा समय, नियम बदलेसंयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में 2028-29 की सीट के लिए भारत करेगा दावेदारी, अगले साल जून में होगा चुनावEditorial: महंगाई फिर RBI के लक्ष्य से ऊपर, तेल और मॉनसून बढ़ा सकते हैं नीतिगत चुनौतियांआंध्र प्रदेश में कोरोना की दस्तक से हड़कंप, दो मरीजों की मौत के बाद पड़ोसी राज्यों में अलर्ट जारीहोर्मुज स्ट्रेट में ईरानी हमले पर भारत का कड़ा विरोध, 1 भारतीय नाविक की मौत; तेहरान के राजनयिक तलबHurun India Real Estate List: अदाणी प्रॉपर्टीज बनी चौथी सबसे मूल्यवान कंपनी, वैल्यू ₹90,400 करोड़ हुईब्राजील के एथनॉल मॉडल से भारत क्या सीख सकता है? अवसर, चुनौतियां और संतुलन की जरूरतवैश्विक मंच पर भारतीय प्रवासियों की सफलता: विदेशों में हासिल उपलब्धियों से भारत क्या सीख सकता है?

Reliance की केजी बेसिन गैस की दूसरी नीलामी में आईओसी को मिला आधा हिस्सा

Advertisement

सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों गेल और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लि. (एचपीसीएल) को 6-6 लाख घनमीटर प्रतिदिन की गैस मिली।

Last Updated- June 11, 2023 | 11:11 AM IST
Indian Oil

देश की सबसे बड़ी पेट्रोलियम कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) ने रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और उसकी ब्रिटिश भागीदार बीपी की केजी गैस की हालिया प्राकृतिक गैस नीलामी में करीब आधा हिस्सा हासिल किया है।

प्राकृतिक गैस का इस्तेमाल बिजली और उर्वरक उत्पादन में होता है। इसके अलावा इसे वाहन ईंधन सीएनजी और रसोई में इस्तेमाल होने वाले ईंधन में भी बदला जाता है। सूत्रों ने बताया कि पिछले महीने हुई नीलामी में आईओसी ने 25 लाख घनमीटर प्रतिदिन गैस हासिल की है। नीलामी में 50 लाख घनमीटर गैस रखी गई थी।

तेल शोधन और विपणन कंपनी ने इस मात्रा के लिए बोली सात उर्वरक संयंत्रों की ओर से लगाई थी। रिलायंस-बीपी की पिछली पूर्वी अपतटीय केजी-डी6 ब्लॉक की गैस की नीलामी में भी आईओसी ने सबसे ज्यादा गैस के लिए बोली लगाई थी। शहर गैस वितरण कंपनियों…गेल गैस लि., महानगर गैस लि., टॉरेंट गैस, अडाणी गैस लि. और हरियाणा सिटी गैस आदि ने कुल मिलाकर पांच लाख घनमीटर प्रतिदिन की गैस के लिए बोली लगाई। ये कंपनियां इस गैस को सीएनजी और रसोई में इस्तेमाल वाली पीएनजी में बदलती हैं।

सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों गेल और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लि. (एचपीसीएल) को 6-6 लाख घनमीटर प्रतिदिन की गैस मिली। वहीं गुजरात राज्य पेट्रोलियम निगम (जीएसपीसी) को पांच लाख घनमीटर और शेल को दो लाख घनमीटर गैस हासिल हुई। रिलायंस-बीपी ने दो साल पहले घरेलू गैस उत्पादन में गिरावट के रुख को पलट दिया था। उसने बंगाल की खाड़ी के गहरे समुद्र क्षेत्र में केजी-डी6 ब्लॉक में दूसरे दौर की खोजों से उत्पादन शुरू कर इस रुख को पलटा था।

प्राकृतिक गैस एक स्वच्छ और दक्ष ईंधन है। यह विभिन्न देशों के शून्य उत्सर्जन वाले ईंधन की ओर बढ़ने की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। रिलायंस-बीपी ने ताजा निविदा में एक जून से तीन साल की अवधि के लिए 50 लाख घनमीटर प्रतिदिन गैस की पेशकश की थी। सूत्रों ने बताया कि ई-नीलामी 19 मई को शुरू होकर 23 मई को बंद हुई थी। इससे पहले रिलायंस-बीपी ने अप्रैल में करीब 60 लाख घनमीटर प्रतिदिन गैस की नीलामी की थी।

12 अप्रैल को हुई ई-नीलामी में आधा हिस्सा आईओसी को मिला था। वहीं गेल को सात लाख घनमीटर, अडाणी-टोटल गैस को चार लाख घनमीटर, शेल को पांच लाख घनमीटर, जीएसपीसी को ढाई लाख घनमीटर और आईजीएस को पांच लाख घनमीटर गैस मिली थी।

Advertisement
First Published - June 11, 2023 | 11:11 AM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement