facebookmetapixel
Anthropic के नए टूल से टेक कंपनियों में मची खलबली, औंधे मुंह गिरे आईटी शेयरअगले 20-25 वर्षों में भारत बनेगा दुनिया की सबसे प्रभावशाली आर्थिक ताकत: ब्लैकरॉक प्रमुख लैरी फिंकCCI ने दिए इंडिगो के ​खिलाफ जांच के आदेश, उड़ानें रद्द कर बाजार में प्रभुत्व का संभावित दुरुपयोगचुनौतियां अब बन रहीं अवसर, भारत-अमेरिका ट्रेड डील से विदेशी निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीदEditorial: ऑपरेशन सिंदूर का असर, रक्षा बजट में बढ़ोतरीजब व्यावसायिक हितों से टकराती है प्रवर्तन शक्ति, बाजार का भरोसा कमजोर होता हैसहनशीलता ने दिया फल: ट्रंप के साथ भारत की लंबी रणनीति रंग लाईBajaj Finance Q3FY26 Results: मुनाफा घटा, ब्रोकरेज की राय बंटी, शेयर के लिए टारगेट प्राइस में बदलावNMDC Q3FY26 Results: रेवेन्यू 16% बढ़कर ₹7,610 करोड़; उत्पादन और बिक्री में बढ़ोतरी जारीभारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद रुपया कमजोर, डॉलर के मुकाबले 11 पैसे गिरकर 90.43 पर बंद

भारतीय कंपनियों के लिए नए साल की व्यस्त शुरुआत

उद्योग जगत के दिग्गज दावोस के स्विस एल्प्स में होने वाले विश्व आर्थिक सम्मेलन में हिस्सा लेने से पहले चेन्नई और गुजरात के वैश्विक निवेशक सम्मेलन में शिरकत कर चुके हैं।

Last Updated- January 10, 2024 | 10:59 PM IST
Global-Investor-Summit

भारतीय कंपनियों के लिए आने वाले दिन काफी व्यस्त रहने वाले हैं। दो-दो वैश्विक निवेशक सम्मेलन और फिर विश्व के सबसे शक्तिशाली आर्थिक मंच की बैठक में शामिल होने के लिए कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों की व्यस्तता बनी रहेगी।

उद्योग जगत के दिग्गज दावोस के स्विस एल्प्स में होने वाले विश्व आर्थिक सम्मेलन में हिस्सा लेने से पहले चेन्नई और गुजरात के वैश्विक निवेशक सम्मेलन में शिरकत कर चुके हैं। इस बार दावोस की बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास भी होंगे पिछली बार वर्चुअल तरीके से इसमें शामिल हुए थे।

भारतीय कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने पहले चेन्नई में रविवार और सोमवार को आयोजित सम्मेलन में हिस्सा लिया। इस दो दिवसीय बैठक में करीब 20 हजार लोग शामिल हुए थे।

इसमें महिंद्रा समूह के चेयरमैन आनंद महिंद्रा, जेएसडब्ल्यू समूह के चेयरमैन सज्जन जिंदल, अदाणी पोर्ट्स ऐंड स्पेशल इकनॉमिक जोन के प्रबंध निदेशक करण अदाणी, गोदरेज की चेयरपर्सन निसाबा गोदरेज, ओला इलेक्ट्रिक के संस्थापक और मुख्य कार्याधिकारी भवीश अग्रवाल जैसे उद्योग के दिग्गज शामिल हुए। वहां निवेश की बारिश हुई जहां 6.64 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव हुए और 26.9 करोड़ लोगों को नौकरियों का वादा किया गया।

इसके बाद वाइब्रेंट गुजरात वैश्विक शिखर सम्मेलन (वीजीजीएस) है जो 10 जनवरी से शुरू होकर 12 जनवरी तक चलना है। इसके अगुआ के तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को गुजरात वैश्विक व्यापार प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। साथ ही उन्होंने बड़ी कंपनियों के मुख्य कार्याधिकारियों के साथ बैठक भी की।

प्रधानमंत्री ने माइक्रॉन टेक्नोलॉजी के अध्यक्ष और मुख्य कार्याधिकारी संजय मेहरोत्रा, डीपी वर्ल्ड के ग्रुप चेयरमैन और मुख्य कार्याधिकारी सुल्तान अहमद बिन सुलेयन, सुजुकी मोटर कॉर्प के रिप्रेजेंटेटिव निदेशक और प्रेसिडेंट तोशीहिरो सुजुकी के साथ चर्चा की।

वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन में अरबपति मुकेश अंबानी, गौतम अदाणी, लक्ष्मी मित्तल, टाटा समूह के अध्यक्ष नटराजन चंद्रशेखरन शामिल हुए। खबर है कि माइक्रोसॉफ्ट, अल्फाबेट और टोयोटा के अधिकारी भी आएंगे।

20 साल से लगातार हो वाइब्रेंट गुजरात को इस बार रिकॉर्ड करारों की उम्मीद है। पिछली बार साल 2019 में हुए 28,360 समझौतों से अधिक पर हस्ताक्षर करना वीजीजीएस का लक्ष्य है।

वीजीजीएस के बाद उद्योग जगत के दिग्गज 15 से 19 जनवरी तक दावोस में होने वाली बैठक में जाएंगे, जहां 100 सरकारें, सभी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संगठन और उद्योग जगत के दिग्गज शिरकत करेंगे।

इसमें भारतीय उद्योग से टाटा समूह के चेयरमैन चंद्रशेखरन, जेएसडब्ल्यू समूह के चेयरमैन सज्जन जिंदल, अदाणी समूह के गौतम अदाणी और प्रणव अदाणी, भारती एंटरप्राइजेज के सुनील मित्तल, विप्रो के रिषद प्रेमजी शामिल हो सकते हैं।

इसके अलावा आर्थिक दिग्गजों में भारतीय स्टेट बैंक के चेयरमैन दिनेश कुमार खारा, बजाज फिन्सर्व के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक संजीव बजाज, ऐक्सिस बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्याधिकारी अमिताभ चौधरी, बजाज आलियांज लाइफ इंश्योरेंस के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्याधिकारी तरुण चुघ भी इस साल वहां जा सकते हैं।

First Published - January 10, 2024 | 10:59 PM IST

संबंधित पोस्ट