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वैश्विक नेतृत्व की भूमिका में उभर रहे भारतीय GCC

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गोल्डमैन सैक्स, डॉयचे बैंक समेत कई कंपनियां भारत से वैश्विक नेतृत्वकर्ताओं को नियुक्त कर रही हैं

Last Updated- November 27, 2023 | 11:24 PM IST
GCC

भारतीय वैश्विक क्षमता केंद्र (GCC) तेजी से वैश्विक भूमिका वाले नेतृत्वकर्ताओं के केंद्र के रूप में उभर रहे हैं। आज भारतीय जीसीसी के कई नेतृत्वकर्ता रणनीतिक वैश्विक कार्यों को संभाल रहें हैं, जो सीधे मुख्यालय में सी-सूट को रिपोर्ट करते हैं, जबकि पहले भारत को प्रौद्योगिकी आउटसोर्सिंग इकाई के रूप में देखा जाता था।

जीसीसी को वैश्विक आंतरिक केंद्रों या कैप्टिव के रूप में भी जाना जाता है। चयनित प्रौद्योगिकी परिचालन के लिए जनरल इलेक्ट्रिक, टेक्सस इंस्ट्रूमेंट्स, सिटीग्रुप और अमेरिकन एक्सप्रेस जैसी बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियों की विदेशी इकाइयों के रूप में जीसीसी 1990 के दशक की शुरुआत में सामने आई थीं। नैसकॉम-जिन्नोव रिपोर्ट के अनुसार फिलहाल भारत में लगभग 1,580 जीसीसी हैं, जिनमें 16.6 लाख लोग कार्यरत हैं।

भारतीय जीसीसी में वैश्विक नेतृत्वकर्ताओं के कई उदाहरण मौजूद हैं। इसका एक उदाहरण गोल्डमैन सैक्स है, जहां गोल्डमैन सैक्स सर्विसेज इंडिया के साझेदार और प्रमुख गुंजन समतानी को इस साल अगस्त में इंजीनियरिंग के वैश्विक मुख्य परिचालन अधिकारी के रूप में पदोन्नत किया गया था।

गोल्डमैन सैक्स ने इस सााल 35 भारतीय कर्मचारियों को प्रबंध निदेशक रूप में पदोन्नत किया है, जो इतिहास में सबसे अधिक संख्या में की जाने वाली पदोन्नति है। इससे वैश्विक स्तर पर कारोबार के प्रति भारत के योगदान का पता चलता है। नई पदोन्नति सहित भारत में कुल 92 प्रबंध निदेशक हैं। साझेदार के बाद प्रबंध निदेशक कंपनी का दूसरा सबसे बड़ा स्तर होता है।

साल 2021 की तुलना में वैश्विक स्तर पर प्रबंध निदेशकों के रूप में पदोन्नति वाले वर्ग का आकार 5.4 प्रतिशत कम होने के बावजूद भारत से प्रबंध निदेशकों के रूप में पदोन्नति की संख्या में 16.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। गोल्डमैन सैक्स के न्यूयॉर्क मुख्यालय के बाद तकरीबन 8,000 से अधिक कर्मचारियों के साथ भारत में इसकी दूसरी सबसे बड़ी मौजूदगी है। वैश्विक स्तर पर गोल्डमैन सैक्स साल 2023 की तीसरी तिमाही तक 45,900 पेशेवरों को रोजगार दे चुकी है।

गोल्डमैन सैक्स सर्विसेज इंडिया में मानव पूंजी प्रबंधन प्रमुख और प्रबंध निदेशक दीपिका बनर्जी ने कहा कि भारत की विश्व स्तरीय प्रतिभा, बढ़ते पूंजी बाजार और सेवा दक्षताओं की परिपक्वता ने गोल्डमैन सैक्स को पैमाने और विशेषज्ञता दोनों में ही आगे बढ़ने में सक्षम बनाया है।

डॉयचे बैंक में भी डॉयचे इंडिया के मुख्य कार्याधिकारी दिलीप कुमार खंडेलवाल देश से बाहर वैश्विक भूमिका संभाल रहे हैं। वह ग्लोबल सीआईओ कॉरपोरेट फंक्शंस के प्रबंध निदेशक और जर्मन निवेश बैंक के प्रौद्योगिकी केंद्रों के वैश्विक प्रमुख भी हैं।

दरअसल डॉयचे इंडिया प्रमुख कार्यों में ऐसी कई वैश्विक भूमिकाओं का संचालन करता है। इसका उदाहरण देते हुए खंडेलवाल ने कहा कि कुछ इकाइयों के मामले में वैश्विक परिचालन और परिचालन संबंधी रणनीति भारत से बाहर कर दी गई है।

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First Published - November 27, 2023 | 11:24 PM IST

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