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डीमार्ट की बिक्री सुधरने से तीसरी तिमाही में मिलेगी मदद

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Last Updated- December 14, 2022 | 10:22 PM IST

लॉकडाउन में नरमी के बाद आर्थिक गतिविधियों में सुधार से रिटेल चेन शृंखला एवेन्यू सुपरमाट्र्स (डीमार्ट) ने दूसरी तिमाही के प्रदर्शन में शानदार तेजी दर्ज की है। सितंबर तिमाही में बिक्री जून तिमाही के मुकाबले 37 प्रतिशत तक बढ़ी, हालांकि यह एक साल पहले के स्तरों से 12 प्रतिशत कम रही।
ज्यादातर बिक्री अभी भी जरूरी उत्पादों (स्टैपल्स और एफएमसीजी) के लिए है, हालांकि सामान्य वस्तुओं और अपैरल की बिक्री में कुछ सुधार आया है।
कंपनी ने कहा है कि बड़े स्टोरों (जो कम से कम दो साल पुराने हैं) में रिकवरी एक साल पहले की अवधि के मुकाबले सितंबर में 87.5 प्रतिशत रही। हालांकि जून तिमाही के मुकाबले ग्राहकों की आवक बढ़ी, लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग मानकों और ग्राहकों द्वारा ई-कॉमर्स चैनलों पर ज्यादा ध्यान दिए जाने से अनुकूल बिक्री/राजस्व के मुकाबले नरमी दर्ज की जा सकती है।
हालांकि बिक्री के आंकड़े अनुमानों से नीचे हैं, लेकिन ब्रोकरों का कहना है कि किराना-केंद्रित रिटेलरों के लिए रिकवरी तेज थी और मौजूदा रुझान को सभी सेगमेंट में वृद्घि से मदद मिलेगी। मोतीलाल ओसवाल रिसर्च के विश्लेषकों का कहना है, ‘अन्य रिटेलरों के विपरीत, अनिवार्य वस्तुओं की जरूरतें पूरी करने वाले किराना रिटेलरों ने कोविड-19 के दबाव से तेजी से निकलने  में सफलता हासिल की है। हमें विश्वास है कि देश में गतिविधियां धीरे धीरे खुलने से वित्त वर्ष 2021 की तीसरी तिमाही से अच्छी बिक्री को बढ़ावा मिलेगा।’
ग्रोसरी/एफएमसीजी बिक्री का सितंबर तिमाही में डीमार्ट के राजस्व में तीन-चौथाई का योगदान रहा। दूसरी तिमाही की सुस्ती के बावजूद, सुधार की उम्मीद से यह शेयर सोमवार के कारोबार में 6 प्रतिशत चढ़ गया था।
प्रतिकूल हालात और बिक्री का आंकड़ा पिछले साल के स्तर पर नहीं पहुंचने के बावजूद कंपनी लगातार विस्तार पर जोर दे रही है और उसने सितंबर तिमाही में 6 स्टोर खोले। कंपनी ने अपने दो स्टोर बंद किए और इन्हें ई-कॉमर्स व्यवसाय के लिए ई-फुलफिलमेंट सेंटर में तब्दील किया। तिमाही के अंत में स्टोरों की कुल संख्या 220 थी, जो एक साल पहले की समान अवधि में 189 थी।
जहां एफएमसीजी और स्टैपल्स की बिक्री में सुधार आया है, क्योंकि खरीदारी जरूरत-केंद्रित बनी हुई है, वहीं सामान्य उत्पाद खंड में सुधार राजस्व और मार्जिन, दोनों के लिए जरूरी होगा। दूसरी तिमाही के लिए, सकल मार्जिन 30 आधार अंक तक बढ़कर तिमाही आधार पर 14.5 प्रतिशत रहा, लेकिन एक साल पहले की तिमाही के मुकाबले इसमें 90 आधार अंक की कमी आई। हालांकि दूसरी तिमाही में ग्रोसरी सेगमेंट के ऊंचे योगदान से कमजोर मार्जिन प्रोफाइल को बढ़ावा मिला, लेकिन कई मुनाफे वाले सामान्य उत्पादों और अपैरल की बिक्री में सुधार से मार्जिन सुधारने में मदद मिल सकेगी। कमजोर सकल मार्जिन और परिचालन दक्षता से दूसरी तिमाही में परिचालन मुनाफा मार्जिन 240 आधार अंक घटकर 6.2 प्रतिशत रह गया।
डीमार्ट का ई-कॉमर्स व्यवसाय दोगुने से ज्यादा बढ़कर 88 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, लेकिन इसका कंपनी के कुल राजस्व में महज 2 प्रतिशत का मामूली योगदान है। प्रभुदास लीलाधर के विश्लेषकों का कहना है कि कंपनी ने  ई-कॉमर्स पर ध्यान बढ़ाया है, क्योंकि उसने मंबई क्षेत्र और पुणे में डिजिटल उपस्थिति में इजाफा दर्ज किया है और मौजूदा स्टोरों को ई-फुलफिलमेंट केंद्रों में तब्दील कर रही है।

मिसेज वेक्टर फूड लाएगी आईपीओ
बिस्कुट निर्माता मिसेज बेक्टर्स फूड स्पेशिएलिटी ने आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) के जरिए 550 करोड़ रुपये जुटाने की खातिर विवरणिका का मसौदा बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास जमा कराया है। सेबी के पास दायर डीआरएचपी के अनुसार, आईपीओ में 50 करोड़ रुपये के शेयर बिक्री की जाएगी जबकि मौजूदा शेयरधारकों द्वारा 500 करोड़ रुपये के शेयर बेचे
जाएंगे। आरंभिक सार्वजनिक बिक्री में लाइनस प्राइवेट लिमिटेड, माबेल प्राइवेट लिमिटेड, जीडब्ल्यू कन्फेक्शनरी पीटीई लिमिटेड और जीडब्ल्यू क्राउन पीटीई लिमिटेड अपने शेयरों की पेशकश करेंगे। भाषा

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First Published - October 21, 2020 | 12:20 AM IST

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