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एक्साइड लगाएगी 180 करोड़ रुपये क्षमता विस्तार पर

Last Updated- December 07, 2022 | 1:41 PM IST

सीसायुक्त एसिड बैटरियों की दिग्गज कंपनी ने एक्साइड इंडस्ट्रीज सीसा की बढ़ती कीमतों के कारण प्रति यूनिट के उत्पादन खर्च में कमी लाने के लिए अपनी मौजूदा फैक्टरियों की क्षमता में 20 फीसदी का इजाफा किए जाने पर 180 करोड़ रुपये लगाएगी।


कंपनी ने इस वित्तीय वर्ष में कुल 15 फीसदी की राजस्व बढ़ोतरी का लक्ष्य रखा है। इसमें से तकरीबन 90 करोड़ रुपये पश्चिम बंगाल के श्यामनगर और महाराष्ट्र में तलोजा एवं चिंचवाड़ में इसके ऑटोमोटिव बैटरी संयंत्रों की क्षमता बढ़ाने पर खर्च किए जाएंगे वहीं 60 करोड़ रुपये औद्योगिक सेंगमेंट के लिए होंगे और बाकी रकम शोध एवं विकास परियोजनाओं पर खर्च की जाएगी।

एक्साइड इंडस्ट्रीज के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी टी. वी. रामनाथन के मुताबिक सीसा की कीमतों में इस साल के शुरू से ही उतार-चढ़ाव देखा गया है। मार्च में यह साल दर साल 52फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 1,11,327 रुपये प्रति टन थी। इसके बाद जून में घट कर 67,940 रुपये प्रति टन हो गई और फिर दोबारा यह बढ़ कर 94,600 रुपये प्रति टन पर पहुंच गई है। कंपनी ने इस साल अब तक बैटरी की कीमतों में इजाफा नहीं किया है, लेकिन रामनाथन ने संकेत दिया है कि यदि सीसे की कीमतें 107,500 रुपये प्रति टन पर पहुंच जाती हैं तो बैटरी की कीमतों में बढ़ोतरी की जा सकती है।

प्रति बैटरी के धातु खर्च में सीसा की भागीदारी तकरीबन 70 फीसदी है। एक्साइड ने इस वित्तीय वर्ष में 15 फीसदी की राजस्व बढ़ोतरी का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसका 60 फीसदी राजस्व ऑटोमोटिव बैटरियों से हासिल होता है और बाकी राजस्व औद्योगिक सेगमेंट से आता है।

सीसा की सुरक्षित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक्साइड ने पिछले साल अक्टूबर में टंडन मेटल्स के अधिग्रहण के बाद जून 2008 में लीडएज अलॉयज में 51 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी है। कंपनी ने अगले तीन वर्षों में अपनी सीसा जरूरतों के 70 फीसदी की खरीदारी इन दो सीसा स्मेल्टिंग कंपनियों से करने की योजना बनाई है। फिलहाल कंपनी अपनी सालाना 1.55 लाख टन की कुल जरूरत में से तकरीबन 40,000 टन का आयात करती है।

First Published - July 25, 2008 | 11:06 PM IST

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