facebookmetapixel
Advertisement
तमिलनाडु सीएम विजय का ऐलान: सभी 234 विधायकों को गाड़ी और ₹1 लाख मासिक भत्ता; जनता के लिए भी कई बड़े ऐलानगाजा कैपिटल IPO में पैसा लगाएं या नहीं? GMP ₹25, एनालिस्ट्स की राय और निवेश से जुड़ी जरूरी बातें जानेंUPI ट्रांजैक्शन हुआ फेल और अकाउंट से कट गए पैसे? ऐसे में क्या करें यूजरपैसा रखिए तैयार! 24 अगस्त से खुलने जा रहा इंदौर बेस्ड इस कंपनी का IPO, ₹1757 करोड़ जुटाने का है प्लानAxis Bank Credit Card: 28 अगस्त से बदलेंगे नियम, विदेश में पेमेंट और टोल से लेकर लेट फीस तक पर पड़ेगा सीधा असर1 साल से सुस्त ये PSU शेयर दौड़ने वाला है! 40% से ज्यादा का रिटर्न संभव, ब्रोकरेज ने कहा – खरीदोपीयूष गोयल का सिंगापुर दौरा: FDI और निवेश बढ़ाने के लिए उच्च स्तरीय बैठकचीनी शेयरों में आई मिठास! बजाज हिंदुस्तान, द्वारिकेश और रेणुका शुगर में 14% तक उछाल; जानिए वजहभारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने बदला कमिटमेंट रूल्स, गूगल और इंडिगो के प्रस्तावों पर फैसले का इंतजारमिल्की मिस्ट के निवेशकों की बल्ले-बल्ले! पहले 18% प्रीमियम पर लिस्टिंग, फिर लगातार 2 दिनों से लग रहा 10-10% का अपर सर्किट

एक्साइड लगाएगी 180 करोड़ रुपये क्षमता विस्तार पर

Advertisement
Last Updated- December 07, 2022 | 1:41 PM IST

सीसायुक्त एसिड बैटरियों की दिग्गज कंपनी ने एक्साइड इंडस्ट्रीज सीसा की बढ़ती कीमतों के कारण प्रति यूनिट के उत्पादन खर्च में कमी लाने के लिए अपनी मौजूदा फैक्टरियों की क्षमता में 20 फीसदी का इजाफा किए जाने पर 180 करोड़ रुपये लगाएगी।


कंपनी ने इस वित्तीय वर्ष में कुल 15 फीसदी की राजस्व बढ़ोतरी का लक्ष्य रखा है। इसमें से तकरीबन 90 करोड़ रुपये पश्चिम बंगाल के श्यामनगर और महाराष्ट्र में तलोजा एवं चिंचवाड़ में इसके ऑटोमोटिव बैटरी संयंत्रों की क्षमता बढ़ाने पर खर्च किए जाएंगे वहीं 60 करोड़ रुपये औद्योगिक सेंगमेंट के लिए होंगे और बाकी रकम शोध एवं विकास परियोजनाओं पर खर्च की जाएगी।

एक्साइड इंडस्ट्रीज के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी टी. वी. रामनाथन के मुताबिक सीसा की कीमतों में इस साल के शुरू से ही उतार-चढ़ाव देखा गया है। मार्च में यह साल दर साल 52फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 1,11,327 रुपये प्रति टन थी। इसके बाद जून में घट कर 67,940 रुपये प्रति टन हो गई और फिर दोबारा यह बढ़ कर 94,600 रुपये प्रति टन पर पहुंच गई है। कंपनी ने इस साल अब तक बैटरी की कीमतों में इजाफा नहीं किया है, लेकिन रामनाथन ने संकेत दिया है कि यदि सीसे की कीमतें 107,500 रुपये प्रति टन पर पहुंच जाती हैं तो बैटरी की कीमतों में बढ़ोतरी की जा सकती है।

प्रति बैटरी के धातु खर्च में सीसा की भागीदारी तकरीबन 70 फीसदी है। एक्साइड ने इस वित्तीय वर्ष में 15 फीसदी की राजस्व बढ़ोतरी का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसका 60 फीसदी राजस्व ऑटोमोटिव बैटरियों से हासिल होता है और बाकी राजस्व औद्योगिक सेगमेंट से आता है।

सीसा की सुरक्षित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक्साइड ने पिछले साल अक्टूबर में टंडन मेटल्स के अधिग्रहण के बाद जून 2008 में लीडएज अलॉयज में 51 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी है। कंपनी ने अगले तीन वर्षों में अपनी सीसा जरूरतों के 70 फीसदी की खरीदारी इन दो सीसा स्मेल्टिंग कंपनियों से करने की योजना बनाई है। फिलहाल कंपनी अपनी सालाना 1.55 लाख टन की कुल जरूरत में से तकरीबन 40,000 टन का आयात करती है।

Advertisement
First Published - July 25, 2008 | 11:06 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement