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टाटा रिटेल योजना पर बिजली का झटका

Last Updated- December 07, 2022 | 11:40 AM IST

सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से टाटा पावर को फायदा पहुंच सकता है। इस फैसले में कंपनी को मुंबई के रिटेल ग्राहकों को बिजली बेचने की अनुमति दे दी गई है।


लेकिन कंपनी के लिए बिजली की उपलब्धता एक बड़ी समस्या के रूप में सामने आ रही है। अब तक कंपनी रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे विद्युत वितरकों और रेलवेज जैसे अपने थोक उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति कर रही है। फिलहाल कंपनी के पास अतिरिक्त बिजली नहीं है जिसे यह अपने नए ग्राहकों को बेच सके।

कंपनी की ओर से पैदा की जाने वाली सभी बिजली अनुबंध के आधार पर रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर, बृहण्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई ऐंड ट्रांसपोर्ट (बेस्ट) और इसके थोक उपभोक्ताओं को बेची जाती है। कंपनी ट्रॉम्बे (मुंबई में एक उत्तर-पूर्वी उपनगर) संयंत्र की उत्पादन क्षमता में 250 मेगावाट तक की बढ़ोतरी कर रही है जो इस साल अक्टूबर से उपलब्ध हो जाएगी। यह बिजली कंपनी के नए ग्राहकों को बेची जा सकेगी।

रिलायंस को बेची जाने वाली 500 मेगावाट बिजली के लिए कोई विद्युत खरीद समझौता नहीं किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कंपनी यही बिजली उचित मूल्य पर स्वयं बेचती है तो इससे आपूर्ति में कमी हो सकती है। टाटा पावर मॉल्स और मल्टीप्लेक्स जैसे बड़े ग्राहकों पर ध्यान केंद्रित कर सकती है जिनमें से कुछ  तो 10 रुपये प्रति यूनिट बिजली के हिसाब से भुगतान करते हैं। इंडिपेंडेंट पावर प्रोडयूसर्स एसोसिएशन के महानिदेशक हैरी धौल ने बताया, ‘कंपनी इन बड़े ग्राहकों को 7 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली बेच सकती है जिससे उसे और अधिक लाभ कमाने में मदद मिलेगी।’

टाटा पावर के एक विश्लेषक (इक्विटी) ने कहा कि आश्चर्यजनक बात यह है कि कंपनी महज 3 रुपये प्रति यूनिट की दर से रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर को बिजली बेचती है। एक दूसरे विशेषज्ञ ने बताया कि कंपनी अपने थोक उपभोक्ताओं को 4 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली बेचती है। टाटा पावर के अधिकारियों ने इस बारे में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। विशेषज्ञों के मुताबिक टाटा पावर का नेटवर्क अच्छा है। इसका 935 किलोमीटर लंबा हाई-टेंशन और लो-टेंशन केबल वितरण नेटवर्क मुंबई में 17 स्टेशनों और 85 सब-स्टेशनों को जोड़ता है।

टाटा पावर के हवाले से मीडिया में छपी खबर में कहा गया है कि कंपनी के पास अपने नए ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए मौजूदा सब-स्टेशनों के दायरे में आने वाले इलाकों में लगातार बिजली मुहैया कराने के लिए व्यापक नेटवर्क मौजूद है। इस खबर में कंपनी ने कहा है कि हमारी योजना हमारे सब-स्टेशनों के आसपास के उपभोक्ताओं को सेवा मुहैया कराने की है।

First Published - July 16, 2008 | 12:03 AM IST

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