facebookmetapixel
Advertisement
ईरान को प्रतिबंधों में मिलेगी ढील, होर्मुज स्ट्रेट खुलने की संभावनाशेयर बाजार में रिकॉर्ड उछाल: युद्ध विराम, कच्चे तेल में गिरावट और RBI के रुख से सेंसेक्स 2,946 अंक चढ़ाभारत में सोलर क्रांति की तैयारी: अब पॉलिसिलिकन के लिए PLI योजना लाने पर विचार कर रही सरकाररीपो रेट में कोई बदलाव नहीं, तटस्थ रुख बरकरार; वैश्विक अनिश्चितता और मुद्रास्फीति जोखिमों पर नजर‘आपकी पूंजी, आपका अधिकार’ का असर: बिना वारिस वाली जमा राशियों का भुगतान तेजबहुत संभव है कि निकट और मध्य अवधि में दरें कम ही रहें: RBI गवर्नर संजय मल्होत्राRBI MPC Meet: NBFCs के वर्गीकरण के लिए नई व्यवस्था लाएगा रिजर्व बैंकRBI का बड़ा कदम: बैंक बोर्डों के नियम तर्कसंगत बनाएगा भारतीय रिजर्व बैंकRBI MPC Meet: देश की बैंकिंग प्रणाली दमदार, सुरक्षित व मजबूतEditorial: पश्चिम एशिया संकट के बीच अनिश्चितता पर ‘वेट एंड वॉच’ रुख

Credit Rating Agencies : सेबी ने ऑपरेशनल फ्रेमवर्क में किया बदलाव

Advertisement
Last Updated- February 03, 2023 | 7:57 PM IST
SEBI

बाजार नियामक सेबी ने क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों के बारे में जारी अपने फ्रेमवर्क में शुक्रवार को संशोधन करते हुए उन्हें कंपनियों से महत्वपूर्ण सूचनाएं नहीं मिलने की स्थिति के लिए मार्च अंत तक एक विस्तृत नीति बनाने को कहा।

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों के बारे में संशोधित फ्रेमवर्क जारी करते हुए कहा कि यह प्रावधान 31 मार्च, 2023 तक पूरा कर लिया जाए।

इसमें रेटिंग एजेंसियों को कहा गया है कि कंपनियों की तरफ से तिमाही वित्तीय विवरणों समेत महत्वपूर्ण सूचनाएं नहीं जमा किए जाने की स्थिति से निपटने के लिए वे विस्तृत नीति बनाएं।

इस नीति में महत्वपूर्ण सूचनाओं की अनुपलब्धता से जुड़े जोखिमों के आकलन का तरीका निर्धारित किया जाएगा। इसके अलावा लगातार तीन तिमाहियों तक कंपनी से सूचना न मिलने पर उसे ‘असहयोगी’ घोषित करने और उस रेटिंग को सात दिन के भीतर दर्ज करने की व्यवस्था करनी होगी।

इसके पहले सेबी ने जनवरी में परिचालन परिपत्र (Operational Circular) जारी किया था जिसे एक फरवरी से लागू होना था। लेकिन अब सेबी ने इसमें संशोधन कर दिया है।

सेबी ने नए फ्रेमवर्क में कहा है कि किसी क्रेडिट रेटिंग एजेंसी के प्रबंध निदेशक या मुख्य कार्यपालक अधिकारी या कारोबारी जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारी को किसी एजेंसी की रेटिंग समिति का सदस्य नहीं बनाया जा सकता है। किसी सूचीबद्ध कंपनी के शेयर की क्रेडिट रेटिंग को वापस लिए जाते समय एजेंसी को उसे रेटिंग देकर एक प्रेस विज्ञप्ति भी जारी करनी होगी। इस विज्ञप्ति में उसे रेटिंग को वापस लिए जाने की वजह बतानी होगी।

Advertisement
First Published - February 3, 2023 | 7:51 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement