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Budget 2024: तेल फर्मों के मार्केटिंग बजट में मजबूती, आवंटित किया गया 4.91 फीसदी ज्यादा धन

तेल क्षेत्र में कुल पूंजीगत खर्च 18.6 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 1.33 लाख करोड़ रुपये पर पहुंचा

Last Updated- February 02, 2024 | 11:45 PM IST
तेल फर्मों के मार्केटिंग बजट में मजबूती, आवंटित किए गए 4.91 फीसदी ज्यादा धन, Marketing budget of oil firms strengthened, 4.91 percent more funds allocated

गुरुवार को पेश अंतरिम बजट में वित्त वर्ष 2025 में तेल कंपनियों की रिफाइनरी व विपणन की गतिविधियों को मजबूती मिली है जबकि एक साल पहले खर्च घटा था। सार्वजनिक क्षेत्र की तीन तेल विपणन कंपनियों (आईओसी, बीपीसीएल और एचपीसीएल) के हाथों में और वित्त मुहैया कराया गया है और यह आवंटन आम चुनाव से ठीक पहले देखने को मिला है।

इस क्षेत्र में आवंटन वित्त वर्ष 25 के लिए 4.91 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 57,451 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो वित्त वर्ष 24 के लिए संशोधित अनुमान 54,758 करोड़ रुपये से ज्यादा है। हालिया बढ़ोतरी इसलिए अहम हो जाती है क्योंकि वित्त वर्ष 24 में रिफाइनरी व विपणन खर्च वित्त वर्ष 23 के मुकाबले 9.5 फीसदी घटा था।

ओएमसी केंद्र सरकार की सब्सिडी वाली योजना प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लिए समर्पित एजेंसियां भी हैं। इस योजना का दायरा बढ़ा है और अब लाभार्थियों में खास तौर से ज्यादा महिलाएं हैं, ऐसे में अनुमान है कि ज्यादातर विपणन बजट उज्ज्वला योजना को लेकर जागरूकता अभियान को लक्षित होगा।

10.3 करोड़ कनेक्शन के साथ इस योजना के लाभार्थी देश भर में 31.4 करोड़ घरों में एलपीजी कनेक्शन का करीब एक तिहाई बैठते हैं। साथ ही अक्टूबर में कैबिनेट ने इस योजना का कवरेज तीन साल में 75 लाख नए एलपीजी कनेक्शन के साथ बढ़ाया था और इस पर 1,650 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

तेल की खोज में मामूली बढ़ोतरी

इस बीच गहन पूंजी वाले एक्सप्लोरेशन ऐंड प्रॉडक्शन क्षेत्र में (जिसमें ओएनजीसी व ऑयल इंडिया शामिल हैं) आवंटन में मामूली इजाफा हुआ है। वित्त वर्ष 25 के लिए सरकार का आवंटन ईऐंडपी की खातिर 50,382 करोड़ रुपये है जबकि वित्त वर्ष 24 के लिए संशोधित अनुमान 48,658 करोड़ रुपये का है। यह 3.5 फीसदी की बढ़ोतरी दर्शाता है।

इंडसलॉ के पार्टनर दीपक चौधरी ने कहा, यह बजट केंद्र सरकार का ध्यान ऊर्जा की जरूरतें खुद के दम पर करने पर हासिल करना बताता है। इस अवधि में ओएनजीसी अपने पूंजीगत खर्च में मामूली बढ़ोतरी देखेगी और यह 30,125 करोड़ रुपये होगा। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह कदम तेल कंपनियों की तरफ से भारी भरकम विस्तार की बनाई योजना के मुताबिक है।

इसमें आईओसी का 4 लाख करोड़ रुपये का रोडमैप शामिल है, जिसमें ऊर्जा संक्रमण परियोजनाओं पर जोर और रिफाइनिंग व पेट्रोकेमिकल क्षमता का विस्तार भी होगा, जिसका अनावरण पिछले साल किया गया था।

दूसरी ओर, बीपीसीएल ने भी अगले पांच साल के लिए 1.5 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत खर्च का अनुमान जताया था। बीपीसीएल ने 2024-25 के लिए निवेश के आंकड़ों में 88 फीसदी की वृद्धि देखी है और यह 9,000 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो वित्त वर्ष 24 के लिए संशोधित अनुमान में 7,350 करोड़ रुपये था।

अब वित्त वर्ष 25 में सभी सार्वजनिक क्षेत्र वकी कंपनियों में बड़े निवेश की उम्मीद है। पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस में पूंजीगत खर्च के तौर पर कुल आवंटन इस बजट में 18.6 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 1.33 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। जबकि वित्त वर्ष 23-24 के लिए संशोधित अनुमान 1.12 लाख करोड़ रुपये का था।

बजट दस्तावेज से संकेत मिलता है कि गेल व इंजीनियर्स इंडिया जैसी कंपनियां 2023-24 में 2,940 करोड़ रुपये के बोनस शेयर जारी करेंगी, जिसमें से गेल का शेयर 2,840 करोड़ रुपये का होगा।

First Published - February 2, 2024 | 10:16 PM IST

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