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Biocon का बड़ा दांव, 5.5 अरब डॉलर में Biocon Biologics होगी पूरी तरह शामिल

Biocon ने अपनी बायोसिमिलर इकाई Biocon Biologics का पूरी तरह विलय कर वित्तीय मजबूती और वैश्विक विस्तार सुनिश्चित किया।

Last Updated- December 06, 2025 | 3:13 PM IST
Biocon
Representative Image

Biocon Limited ने अपनी बायोसिमिलर इकाई Biocon Biologics Limited को पूरी तरह से अपने साथ मिलाने का निर्णय लिया है। इस सौदे में बायोसिमिलर कारोबार का मूल्य लगभग 5.5 अरब डॉलर आंका गया है। कंपनी का कहना है कि यह कदम समूह की संरचना को सरल करेगा, उसकी वित्तीय स्थिति को मजबूत बनाएगा और मधुमेह, कैंसर और प्रतिरक्षा संबंधी रोगों के क्षेत्रों में तेजी से विकास में मदद करेगा।

यह सौदा शेयरधारकों और नियामक संस्थाओं की मंजूरी के अधीन है और इसके मार्च 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है।

IPO क्यों नहीं लाया जाएगा

Biocon की कार्यकारी चेयरपर्सन किरण मजूमदार शॉ ने कहा कि मौजूदा कर्ज के स्तर और बाजार की धारणा को देखते हुए इस समय IPO लाने से Biocon Biologics के वास्तविक मूल्य को सही पहचान नहीं मिलती। उनके अनुसार 2022 में Viatris के वैश्विक बायोसिमिलर कारोबार के अधिग्रहण के बाद कंपनी पर बढ़े कर्ज के कारण बाजार में गलत धारणा बनी, जिससे Biocon के मूल्यांकन पर दबाव पड़ा। ऐसे माहौल में IPO लाने से शेयरधारकों को वास्तविक लाभ नहीं मिलता।

रणनीति समिति की सिफारिश

Biocon के बोर्ड ने मई 2025 में एक रणनीति समिति बनाई थी और Morgan Stanley को सलाहकार नियुक्त कर सभी विकल्पों का मूल्यांकन कराया था। समिति ने Biocon Biologics को अलग कर सूचीबद्ध करने या उसे फिर से कंपनी में मिलाने जैसे विकल्पों पर विचार किया। सभी पहलुओं का विश्लेषण करने के बाद समिति ने निष्कर्ष निकाला कि इकाई का पूर्ण विलय ही सबसे लाभकारी विकल्प है। यह कदम कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति और शेयरधारकों के हितों के अनुरूप है।

इस निर्णय से Biocon Biologics के सभी अल्पांश निवेशकों को अपने निवेश से बाहर निकलने का अवसर मिलेगा। साथ ही Viatris को नकद और हिस्सेदारी के मिश्रण के रूप में निश्चित और तेज निकास का विकल्प उपलब्ध कराया जाएगा।

बायोकॉन बायोलॉजिक्‍स में बची सभी हिस्सेदारी खरीदेगी कंपनी

बायोकॉन ने अपनी सहायक कंपनी बायोकॉन बायोलॉजिक्‍स को पूरी तरह अपने में मिलाने का फैसला किया है। इसके लिए कंपनी अब सभी बाहरी निवेशकों की बची हुई हिस्सेदारी खरीद रही है।

डील कैसे होगी?

  • बायोकॉन, Serum Institute Life Sciences, Tata Capital Growth Fund II और Activ Pine LLP के पास मौजूद हिस्सेदारी शेयर स्वैप के जरिए खरीदेगी।

  • इस स्वैप में 100 बायोकॉन बायोलॉजिक्‍स शेयर के बदले 70.28 बायोकॉन के शेयर दिए जाएंगे।

  • बायोकॉन के एक शेयर की कीमत ₹405.78 मानी गई है।

  • इस आधार पर बायोकॉन बायोलॉजिक्‍स की कुल कीमत लगभग $5.5 बिलियन बैठती है।

Viatris से हिस्सेदारी खरीदना

  • इसके अलावा बायोकॉन, Mylan Inc. (Viatris) के पास बचा हिस्सा भी खरीदेगी।

  • इस डील की कुल कीमत $815 मिलियन रखी गई है।

    • $400 मिलियन नकद दिए जाएंगे।

    • बाकी $415 मिलियन शेयर स्वैप के जरिए पूरे होंगे, जिसमें 100 बायोकॉन बायोलॉजिक्‍स शेयर के बदले 61.70 बायोकॉन शेयर दिए जाएंगे।

मूल्यांकन कौन तय करेगा?

स्वैप रेशियो और पूरी डील को बायोकॉन के बोर्ड ने मंजूरी दी है। इसका मूल्यांकन EY ने स्वतंत्र रूप से किया था।

कंपनी ने क्या कहा?

बायोकॉन की प्रमुख किरण मजूमदार-शॉ ने कहा कि पूरी हिस्सेदारी खरीदने से कंपनी को फायदा होगा।

  • इससे बायोकॉन बायोलॉजिक्‍स की सही वैल्यू सामने आएगी।

  • पहले जो “होल्डिंग कंपनी डिस्काउंट” की वजह से बायोकॉन का मूल्यांकन कम दिखाई देता था, वह अब खत्म हो जाएगा।

एकीकृत कंपनी को क्या फायदा होगा?

  • डील के बाद सभी निवेशकों को अपनी हिस्सेदारी बेचने का मौका (लिक्विडिटी) मिलेगा।

  • नई संयुक्त कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी।

  • कंपनी का कर्ज से EBITDA अनुपात 2020 के 4.3x से घटकर सितंबर 2025 में 2.5x पर आ गया है। आने वाले महीनों में इसके और कम होने की उम्मीद है।

नकद भुगतान के लिए पैसा कहाँ से आएगा?

Viatris को जो नकद दिया जाना है, उसे जुटाने के लिए बायोकॉन ₹4,500 करोड़ तक का फंड QIP (Qualified Institutional Placement) से जुटाएगी। यह फैसला अभी शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर है।

Biocon का वित्तीय रीसेट और बैलेंस शीट पर असर

Biocon ने अपनी सहायक कंपनी Biocon Biologics के साथ एकीकरण का फैसला किया है। कंपनी का कहना है कि इससे उसकी वित्तीय स्थिति मजबूत होगी और वह होल्डिंग कंपनी डिस्काउंट भी खत्म होगा जिसने 2022 में Viatris की ग्लोबल बायोसिमिलर यूनिट की कर्ज के सहारे की गई खरीद के बाद Biocon के मूल्यांकन को दबा दिया था।

वित्तीय स्थिति में सुधार

Viatris सौदे के बाद निवेशक कंपनी पर बढ़ते कर्ज को लेकर चिंतित थे जिसके कारण Biocon Biologics के अच्छे प्रदर्शन का असर Biocon के बाजार मूल्य पर नहीं दिख रहा था। इसी वजह से कंपनी को IPO का विकल्प आकर्षक नहीं लगा।

Biocon का Debt to EBITDA अनुपात 2020 में 4.3 गुना था। सितंबर 2025 तक यह घटकर 2.5 गुना रह गया है और आने वाले क्वार्टरों में इसके और कम होने की उम्मीद है।

कर्ज में कटौती और ब्याज खर्च घटने की उम्मीद

कंपनी ने हाल में Goldman Sachs और OTAG से लिया गया स्ट्रक्चर्ड डेब्ट QIP की राशि से चुका दिया है। Edelweiss के साथ भी अलग समझौता किया गया है। इन कदमों से ब्याज खर्च कम होगा और Biocon Biologics की मार्जिन में सुधार आएगा। इसका पूरा असर FY27 से दिखाई देगा।
शेयर स्वैप के माध्यम से Biocon Biologics का मूल्यांकन 5.5 बिलियन डॉलर तय किया गया है। कंपनी का कहना है कि मौजूदा बाजार माहौल और कर्ज के स्तर को देखते हुए IPO में ऐसा मूल्य हासिल करना मुश्किल था।

नेतृत्व में बदलाव और इंटीग्रेशन प्रक्रिया

एकीकरण की निगरानी के लिए गवर्नेंस काउंसिल बनाई गई है जिसकी अध्यक्षता किरण मजूमदार शॉ कर रही हैं। ट्रांजिशन और इंटीग्रेशन मैनेजमेंट कमेटी का नेतृत्व श्रेयस तम्हे संभाल रहे हैं। इंटीग्रेशन प्रक्रिया 31 मार्च 2026 तक पूरी होने की उम्मीद है। जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती, सिद्धार्थ मित्तल Biocon के CEO और MD रहेंगे और श्रेयस तम्हे Biocon Biologics के CEO और MD बने रहेंगे।

इंटीग्रेशन पूरा होने के बाद तम्हे संयुक्त कंपनी के CEO और MD होंगे तथा केदार उपाध्याय CFO की जिम्मेदारी संभालेंगे। मित्तल Biocon समूह में एक नई नेतृत्व भूमिका में जाएंगे।

रणनीतिक फायदा और आगे की राह

इस विलय से Biocon के जेनेरिक और बायोसिमिलर कारोबार को 120 से अधिक देशों में एक प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा। Biocon Biologics पहले ही विश्व के शीर्ष पांच बायोसिमिलर खिलाड़ियों में शामिल है और उसके पास 10 कमर्शियल प्रोडक्ट हैं। कंपनी के पाइपलाइन में 20 से अधिक नए बायोसिमिलर हैं जिनमें डायबिटीज, ऑन्कोलॉजी, इम्यूनोलॉजी, आंखों और हड्डियों से जुड़ी बीमारियों के इलाज शामिल हैं।

Biocon का जेनेरिक कारोबार अमेरिका, यूरोप और उभरते बाजारों में 90 से ज्यादा उत्पादों के साथ मौजूद है।

कंपनी का कहना है कि वह बायोसिमिलर इंसुलिन और जटिल पेप्टाइड्स जैसे GLP 1 के जेनेरिक संस्करण दोनों रखने वाली एकमात्र ग्लोबल खिलाड़ी बन रही है जो तेजी से बढ़ते डायबेसिटी बाजार में उसे बढ़त देता है।

कंपनी की आगे की योजना

Biocon का मानना है कि एकीकृत ढांचा, बेहतर कैश फ्लो और कम होता कर्ज कंपनी को उत्पाद विकास, मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और ग्लोबल मार्केट में विस्तार पर अधिक निवेश करने में मदद करेगा। साथ ही पूंजी के उपयोग में अनुशासन भी बनाए रखा जाएगा।

डील से जुड़े सलाहकार

इस लेनदेन में Morgan Stanley वित्तीय सलाहकार रहा। EY ने टैक्स और वैल्यूएशन पर सलाह दी। Shardul Amarchand Mangaldas एंड कंपनी लीगल सलाहकार रही और HSBC इस सौदे का फंडिंग पार्टनर है।

First Published - December 6, 2025 | 3:13 PM IST

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