facebookmetapixel
Advertisement
AI और डेटा सेंटर बूम पर दांव: लाइटस्टॉर्म का एशिया-प्रशांत में विस्तार पर जोर; IPO की तैयारीजेपी एसोसिएट्स मामले में वेदांत का आरोप: मूल्यांकन प्रक्रिया पर उठाए सवाल, NCLAT में दी चुनौतीभारत पर रेनो का बड़ा दांव: 2030 तक उतारेगी 7 नए मॉडल, टॉप-3 बाजार बनने का लक्ष्यWipro का मुनाफा घटा, ग्रोथ पर दबाव बरकरार: कमजोर गाइडेंस से FY27 की शुरुआत पर चिंताअल-नीनो का खतरा: कमजोर मॉनसून की आशंका, जल संरक्षण पर नहीं ध्यान तो सूख जाएंगे खेत-खलिहानअमेरिकी छूट खत्म होने के बावजूद रूस से तेल खरीद जारी रखेगा भारतडिजिटल पेमेंट के दौर में भी नकदी का दबदबा: FY26 में चलन में मुद्रा 11.9% बढ़कर रिकॉर्ड स्तर परउभरते बाजारों के निवेश दिग्गज मार्क मोबियस का निधन: EM निवेश को वैश्विक पहचान दिलाने वाली विरासत समाप्तस्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में तेज रिकवरी, युद्ध-पूर्व स्तर पर लौटे इंडेक्सपूंजी बाजार के शेयरों की चमकीली राह, अगले 10 साल में MFs का AUM 17% की दर से बढ़ने का अनुमान

GST में बड़ा बदलाव, 5 करोड़ से ज्यादा कारोबार वाली कंपनियों को भी निकालना पड़ेगा ई-चालान, जाने कब से लागू होगी नयी व्यवस्था

Advertisement
Last Updated- May 11, 2023 | 2:31 PM IST
Government treasury increased by 8.5%, GST collection reached Rs 1.82 lakh crore in November सरकार के खजाने में 8.5% का हुआ इजाफा, नवंबर में GST कलेक्शन 1.82 लाख करोड़ रुपये पर पहुंचा

केंद्र सरकार ने माल एवं सेवा कर (GST) के कानून में बड़ा बदलाव किया गया है। इसके तहत अब पांच करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार वाली कंपनियों को आगामी 1 अगस्त से बी2बी लेनदेन के लिए इलेक्ट्रॉनिक या ई-इन्वॉयस (चालान) निकालना होगा।

पांच करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार वाली कंपनियों को आगामी पहली अगस्त से बी2बी लेनदेन के लिए इलेक्ट्रॉनिक या ई-इन्वॉयस (चालान) निकालना होगा। अभी तक 10 करोड़ रुपये या अधिक के कारोबार वाली इकाइयों को बी2बी लेनदेन के लिए ई-चालान निकालना होता है।

वित्त मंत्रालय की 10 मई को जारी अधिसूचना के अनुसार, बी2बी लेनदेन के लिए ई-चालान निकालने की सीमा को 10 करोड़ रुपये से घटाकर पांच करोड़ रुपये कर दिया गया है। यह व्यवस्था एक अगस्त से लागू होगी।

डेलॉयट इंडिया के भागीदार, अप्रत्यक्ष कर- लीडर महेश जयसिंह ने कहा कि इस घोषणा के साथ ई-चालान के तहत सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) का दायरा बढ़ जाएगा और उन्हें ई-चालान लागू करने की आवश्यकता होगी।

एएमआरजी एंड एसोसिएट्स के वरिष्ठ भागीदार रजत मोहन ने कहा कि ई-चालान के चरणबद्ध क्रियान्वयन से अड़चनें कम हुई हैं, अनुपालन में सुधार हुआ है और राजस्व बढ़ा है।

ई-चालान शुरू में 500 करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार वाली बड़ी कंपनियों के लिए लागू किया गया था और तीन साल के भीतर इस सीमा को घटाकर अब पांच करोड़ रुपये कर दिया गया है।

Advertisement
First Published - May 11, 2023 | 2:31 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement