बजाज फाइनेंस ने बुधवार को अपनी तीसरी तिमाही के रिजल्ट की घोषणा कर दी। नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) ने 31 दिसंबर को समाप्त तिमाही में 4,308 करोड़ रुपये (497.84 मिलियन डॉलर) का शुद्ध मुनाफा कमाया, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग 18% ज्यादा है।
बजाज फाइनेंस की शुद्ध ब्याज आय (NII) तीसरी तिमाही में साल दर साल (YoY) 23 प्रतिशत बढ़कर 9,382 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 7,655 करोड़ रुपये थी। इस मजबूत प्रदर्शन के पीछे कंपनी के प्रबंधनाधीन संपत्तियों (AUM) में 28 प्रतिशत की वृद्धि रही, जो 31 दिसंबर 2024 तक 3.98 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 3.11 लाख करोड़ रुपये थी।
कंपनी ने ग्राहकों की संख्या में भी बड़ा इजाफा किया। तीसरी तिमाही में कंपनी ने 5.03 मिलियन नए ग्राहक जोड़े। अब कंपनी का कुल ग्राहक आधार 97.12 मिलियन तक पहुंच गया, जो पिछले साल की 80.41 मिलियन की संख्या से 21 प्रतिशत अधिक है। इसके अतिरिक्त, इस तिमाही में नई लोन बुकिंग भी रिकॉर्ड उच्चतम स्तर पर रही, जो 12.06 मिलियन रही, जो पिछले साल की इसी तिमाही से 22 प्रतिशत अधिक है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत में अक्टूबर-दिसंबर के बीच कई त्योहार मनाए जाते हैं और इस दौरान लोग कपड़े से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स तक कई वस्तुओं पर भारी खर्च करते हैं। इसके चलते क्रेडिट की मांग बढ़ती है, जिसका असर रिजल्ट में देखने को मिल रहा है।
बजाज फाइनेंस के शेयर बुधवार को 2 प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ 7758 के स्तर पर बंद हुए। इस स्टॉक का साल का उच्चतम स्तर 7824 रहा, जो पिछले साल सितंबर में देखा गया था, जबकि इसका निचला स्तर 6190 था, जो 6 मार्च 2024 को दर्ज हुआ था।
बजाज फाइनेंस लिमिटेड भारत की प्रमुख गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) में से एक है, जो उपभोक्ताओं और व्यवसायों के लिए फाइनेंशियल सर्विस देती है। कंपनी की स्थापना 1987 में हुई थी और यह बजाज फिनसर्व लिमिटेड का हिस्सा है।