facebookmetapixel
Govt Scheme: अब घर बैठी महिलाएं भी बना सकती हैं अपना कारोबार, सरकार दे रही ₹3 लाख तक का लोनRBI Monetary Policy: 3 दिसंबर से होने वाली बैठक में रीपो रेट में कटौती होगी या फिर रहेंगे स्थिर??5 साल में 165% से अधिक का रिटर्न देने वाली PSU देने जा रही है डिविडेंड, रिकॉर्ड डेट इसी हफ्तेसीमेंट कंपनियों को दूसरी छमाही में तेजी की उम्मीद, घर बनाने वालों और सरकारी खर्च पर सबकी नजरUpcoming IPO: दिसंबर-जनवरी में IPO का मेगा सीजन, ₹40000 करोड़ जुटाने की तैयारीMarket Outlook: इस हफ्ते बाजार में RBI के रेट फैसले और वैश्विक रुझान रहेंगे मुख्य ड्राइवरMCap: सात बड़ी कंपनियों का मार्केट कैप बढ़ा ₹96,201 करोड़, RIL और बजाज फाइनेंस चमकेIndiGo के सभी A320 विमानों में एयरबस सिस्टम अपडेट पूरा, यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चितTrain Ticket Booking: 1 दिसंबर से बदल रहा है तत्काल टिकट का सिस्टम, OTP के बिना टिकट नहीं मिलेगाAI अब दिखाएगा Ads! ChatGPT के नए फीचर को लेकर बड़ा खुलासा

असहमत निवेशकों के साथ मध्यस्थता चाह रही Byju’s, NCLT में दायर किया आवेदन

Byju’s के वकील ने अदालत में दलील देते हुए कहा कि शेयरधारिता समझौते के अनुसार NCLT में जाने से पहले ऐसे मामलों को मध्यस्थता के लिए भेजा जाना चाहिए।

Last Updated- April 04, 2024 | 11:15 PM IST
उच्च न्यायालय से बैजूस को राहत, दूसरे राइट्स इश्यू को मिली हरी झंडी, Karnataka High Court sets aside NCLT stay on second rights issue by Byju's

एडटेक क्षेत्र की संकटग्रस्त कंपनी बैजूस ने निवेशकों के साथ अपने विवाद को मध्यस्थता के लिए भेजे जाने के लिए राष्ट्रीय कंपनी कानून पंचाट (एनसीएलटी) में आवेदन दायर किया है। हालांकि निवेशकों ने इसका विरोध किया है।

बैजूस के वकील ने अदालत में दलील देते हुए कहा कि शेयरधारिता समझौते के अनुसार एनसीएलटी में जाने से पहले ऐसे मामलों को मध्यस्थता के लिए भेजा जाना चाहिए।

सूत्रों ने कहा कि निवेशकों के वकीलों ने विभिन्न कानून और कानून की धाराओं का उल्लेख किया है, जो बताते हैं कि कथित उल्लंघनों और की जाने वाली मांग के मद्देनजर ऐसे मामले को मध्यस्थता के लिए नहीं भेजा जा सकता है।

इस बीच एनसीएलटी अब 23 अप्रैल को मामले की सुनवाई करेगा। मध्यस्थता की यह याचिका दिलचस्प है, क्योंकि इसका मतलब यह होगा कि मामला एनसीएलटी के अधिकार क्षेत्र से बाहर चला जाएगा।

27 फरवरी को बैजूस के निवेशकों ने उत्पीड़न और कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए एक याचिका में कंपनी के 20 करोड़ डॉलर के राइट्स इश्यू को चुनौती दी थी।

एनसीएलटी ने 27 फरवरी को अपने आदेश में एडटेक फर्म को राइट्स इश्यू से प्राप्त धनराशि को एस्क्रो खाते में रखने का निर्देश दिया था।

First Published - April 4, 2024 | 11:15 PM IST

संबंधित पोस्ट