Amazon India Investment plan: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला की नई दिल्ली में मुलाकात के कुछ घंटों के भीतर एक और अमेरिकी दिग्गज ने भी एआई पर केंद्रित बड़े निवेश की घोषणा कर दी। ई-कॉमर्स दिग्गज एमेजॉन ने बुधवार को कहा कि वह 2030 तक भारत में अपने सभी व्यवसायों में 35 अरब डॉलर से अधिक का निवेश बढ़ाएगी। सिएटल स्थित यह कंपनी यह निवेश अपने तीन रणनीतिक स्तंभों AI-आधारित डिजिटलाइजेशन, एक्सपोर्ट ग्रोथ और जॉब जेनरेशन के साथ कारोबारी विस्तार में करेगी। इससे पहले, माइक्रोसॉफ्ट ने देश की क्लाउड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर को आगे बढ़ाने के लिए चार वर्षों में 17.5 अरब डॉलर के निवेश का ऐलान किया।
इस महीने की शुरुआत में, एमेजॉन ने तेलंगाना और महाराष्ट्र में डेटा सेंटर विस्तार के माध्यम से एआई और वेब सर्विसेज को मजबूत करने के लिए भारत में 12.7 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की थी। बुधवार की नई घोषणा के साथ अबतक कुल निवेश 35 अरब डॉलर से अधिक हो गया है। कंपनी के अनुसार, 2010 से अब तक भारत में उसकी कुल निवेश राशि 40 अरब डॉलर तक पहुंच चुकी है, जिसमें कर्मचारियों को दिया गया भुगतान और इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास शामिल है।
एमेजॉन का मार्केटप्लेस ऑनलाइन बिजनेस 2013 में भारत में व्यावसायिक रूप से शुरू हुआ था।
नए निवेश के साथ, कंपनी देशभर में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को गति देने, इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने और इनोवेशन को सपोर्ट करने की दिशा में काम करना चाहती है। कंपनी के बयान में कहा गया, “ये निवेश भारत की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप हैं और एआई क्षमताओं के विस्तार, लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर करने, स्माल बिजनेस की ग्रोथ का समर्थन करने और नौकरियां पैदा करने पर केंद्रित होंगे।”
एमेजॉन के सीनियर वीपी (एमर्जिंग मार्केट्स) अमित अग्रवाल ने Smbhav में कहा, “हम पिछले 15 वर्षों में भारत की डिजिटल परिवर्तन यात्रा का हिस्सा बनने पर हम स्वयं को विनम्र और गौरवान्वित महसूस करते हैं। एमेजॉन की भारत में ग्रोथ आत्मनिर्भर और विकसित भारत की दृष्टि से पूरी तरह मेल खाती है।” उन्होंने कहा कि कंपनी ने भारत में छोटे व्यवसायों के लिए डिजिटल और फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े पैमाने पर निवेश किया है, लाखों नौकरियां बनाई हैं और मेड-इन-इंडिया उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाया है।
उन्होंने आगे कहा, “आने वाले समय में, हम एआई को भारत के करोड़ों लोगों तक पहुंचाने, 10 लाख रोजगार अवसर बनाने और 2030 तक ई-कॉमर्स निर्यात को 80 अरब डॉलर तक पहुंचाने के लिए उत्साहित हैं।”
पिछले साल के Smbhav में अमेजन ने 2030 तक 80 अरब डॉलर निर्यात का लक्ष्य रखा था। बुधवार को कंपनी ने “Accelerate Exports” नामक एक नई पहल की शुरुआत की। यह एक मैन्युफैक्चरिंग-केंद्रित पहल है जो डिजिटल आंत्रप्रेन्योरर्स को मैन्युफैक्चरर्स से जोड़ने के लिए बनाई गई है। इसके तहत अमेजन भारत के 10 से अधिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर्स जैसे तिरुपुर, कानपुर और सूरत में ऑन-ग्राउंड ऑनबोर्डिंग ड्राइव आयोजित करेगी। कार्यक्रम में अमेजन ने एपेरल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया के साथ साझेदारी की घोषणा भी की।
Smbhav समिट में पेश इस रिपोर्ट के मुताबिक, अमेजन ने 1.2 करोड़ से अधिक छोटे व्यवसायों को डिजिटाइज्ड किया। साथ ही 20 अरब डॉलर से अधिक के ई-कॉमर्स निर्यात को सक्षम किया, और भारत में करीब 28 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियों के अवसर बनाए। 2030 तक कंपनी का लक्ष्य 80 अरब डॉलर का निर्यात, 1.4 करोड़ छोटे व्यवसायों को एआई का लाभ पहुंचाना, और 4 मिलियन सरकारी स्कूल छात्रों को एआई शिक्षा देना है।
भारत, वैश्विक टेक कंपनियों के एआई निवेश के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर रहा है। माइक्रोसॉफ्ट और अमेज़न के अलावा गूगल ने विशाखापत्तनम में 15 अरब डॉलर का एआई डेटा सेंटर बनाने का ऐलान किया है, और रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ एआई-केंद्रित क्लाउड रीजन स्थापित करने की साझेदारी भी की है। भारत का व्यापक डिजिटल यूजर बेस, सरकारी समर्थन और एआई के लिए तेजी से बढ़ता बाजार इन निवेशों को आकर्षित कर रहा है।