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Amazon चला रहा खुफिया स्टोर! Walmart, Flipkart जैसे प्रतिद्वंदियों की करता है जासूसी- रिपोर्ट

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बिग रिवर के कर्मचारियों ने अपने काम के इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड कम कर दिए हैं, ताकि इनके और अमेजन के बीच के कनेक्शन को छिपाया जा सके।

Last Updated- April 19, 2024 | 2:07 PM IST
Amazon

ग्लोबल लेवल पर लीडिंग ई-कॉमर्स कंपनी Amazon अपने प्रतिस्पर्धियों पर जासूसी करने के लिए एक फेक बिजनेस चला रही है। कथित तौर पर,  Amazon वॉलमार्ट, ईबे और फेडेक्स जैसे प्रतिद्वंद्वियों पर नजर रखने के लिए “प्रोजेक्ट क्यूरियोसिटी” के नाम से एक खुफिया ऑपरेशन चला रहा है।

द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि Amazon साल 2015 से इस काम को कर रहा है। शुरुआत में इस प्रोजेक्ट के तहत अमेजन और अन्य मौजूद ई-कॉमर्स कंपनियों के थर्ड पार्टी सेलर्स के एक्सपीरियंस की तुलना की जाती थी। लेकिन फिर यहां प्रतिद्वंदियों की जासूसी की जाने लगी, खास तौर पर वॉलमार्ट की।

सेलर बन कर दूसरे प्लेटफॉर्म पर बेचा सामान

जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, अमेजन की इस कथित फर्म, बिग रिवर (Big River) ने प्रतियोगियों के प्लेटफार्मों पर टी-शर्ट, जूते और अन्य प्रोडक्ट्स सेलर बन कर बेचे ताकि वहां से जानकारी इकट्टा करके अमेजन के इस्तेमाल में लाई जा सके।

जर्नल में ये भी दावा किया गया है कि इस फर्म, बिग रिवर के कर्मचारियों ने अपने काम के इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड कम कर दिए हैं, ताकि इनके और अमेजन के बीच के कनेक्शन को छिपाया जा सके। रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि कर्मचारियों को इसके लिए अलग से ट्रेनिंग दी गई है, कि यदि किसी को पता चले कि वे अमेजन के लिए काम कर रहे हैं तो कैसे प्रतिक्रिया देनी है।

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इस बारे में बात करते हुएअमेजन के एक प्रवक्ता ने द जर्नल को बताया कि यह केवल “बेंचमार्किंग” था, जो अपने उत्पादों की प्रतिद्वंद्वियों से तुलना करने की एक लीगल प्रैक्टिस है।

दूसरी साइट्स की सारी जानकारी की इकट्ठा

वहीं द जर्नल ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि बिग रिवर सर्विसेज इंटरनेशनल के सदस्यों को ये निर्देश दिया गया था कि वे अपने बिक्री सिस्टम तक पहुंचते समय प्रतिस्पर्धियों के प्राइसिंग और एडवरटाइजिंग सिस्टम, कैटलॉग और लिस्टिंग पेजों के स्क्रीनशॉट लें, इन स्क्रीनशॉट को ईमेल के जरिए भेजने से भी रोका गया था।

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बिग रिवर ने प्रतिद्वंद्वियों की वेबसाइटों के माध्यम से बेचने के लिए अपने खुद के ब्रांड भी बनाए। जर्नल के अनुसार, इसमें क्रिमसन नॉट (Crimson Knot) नामक एक भारत-आधारित ब्रांड भी शामिल है जो फ्लिपकार्ट पर फोटो फ्रेम बेचता है, और नॉट सो एप (Not So Ape) नाम का एक स्ट्रीटवियर ब्रांड बनाया जो यूएस में अपने प्रोडक्ट बेचने के लिए Shopify द्वारा होस्ट की गई एक वेबसाइट का यूज करता है।

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First Published - April 19, 2024 | 1:52 PM IST

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