facebookmetapixel
Advertisement
पेपर लीक के खिलाफ कानून में संशोधन को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी, सोमवार को संसद में पेश होगा विधेयकभारी बारिश और बाढ़ का कहर: गुजरात में सेना ने संभाला मोर्चा, असम-महाराष्ट्र में भी हालात गंभीरचार साल के निचले स्तर पर पहुंची निजी कारोबारी गतिविधियां, महंगाई और पश्चिम एशिया तनाव से सुस्त पड़ी रफ्तारफ्रंट-रनिंग मामले में ऐक्सिस MF के पूर्व डीलर वीरेश जोशी पर 7 साल का प्रतिबंध, 3 करोड़ का जुर्माना भीरसायन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सरकार का बड़ा कदम, 3,030 करोड़ रुपये की ‘भव्य-रसायन’ योजना मंजूरCBDT को वित्त मंत्री की सख्त हिदायत, कहा: अभी भी 5.4 लाख अपीलें लंबित, मुकदमेबाजी रणनीति की करें समीक्षाUS Tariff on India: अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर लगाया 10% टैरिफ, धारा 301 के तहत हुई कार्रवाईUpcoming IPO: देश का सबसे बड़ा हेल्थकेयर IPO ला रही मणिपाल हेल्थ, 29 जुलाई से खुलेगा इश्यूHindustan Zinc Q1 Results: दोगुने से ज्यादा बढ़ा मुनाफा, 5,469 करोड़ रुपये पर पहुंचा आंकड़ाबिना इंटरनेट चलने वाले Bitchat ऐप पर सरकार का शिकंजा, GitHub से कोड हटाने का दिया निर्देश

एयरटेल अफ्रीका का लाभ 53.6 फीसदी घटा

Advertisement
Last Updated- December 15, 2022 | 4:22 AM IST

भारती एयरटेल की अफ्रीकी इकाई एयरटेल अफ्रीका ने जून 2020 तिमाही के लिए 5.7 करोड़ डॉलर का कर-बाद लाभ (पीएटी) दर्ज किया है। हालांकि कंपनी का मुनाफा पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले कंस्टैंट करेंसी के संदर्भ में 53.6 प्रतिशत कम है। पिछले साल समान तिमाही में कंपनी ने 13.2 करोड़ डॉलर का पीएटी दर्ज किया था। कंस्टैंट करेंसी का मतलब वित्तीय विवरण में उतार-चढ़ाव के प्रभाव को अलग रखने से है।
एयरटेल अफ्रीका का शुद्घ कर्ज 342.5 करोड़ डॉलर है। सभी प्रमुख व्यवसाय सेगमेंट में कस्टैंट करेंसी के संदर्भ में कंपनी का राजस्व बढ़ा है। जहां वॉयस सेगमेंट के राजस्व में 2.2 प्रतिशत की तेजी आई, वहीं डेटा के लिए 35.7 और मोबाइल मनी के लिए राजस्व 26.3 प्रतिशत तक बढ़ा।
जून तिमाही में कंपनी का कुज राजस्व 7 प्रतिशत बढ़कर 85.1 करोड़ डॉलर रहा, जो पिछले साल की अप्रैल-जून तिमाही में 79.6 करोड़ डॉलर था। एयरटेल अफ्रीका की उपस्थिति अफ्रीका के 14 देशों मुख्य तौर पर पूर्वी, मध्य और पश्चिमी अफ्रीका में है।
कंपनी के मुख्य कार्याधिकारी रघुनाथ मंडावा ने कहा, ‘खासकर संक्रमण के दूसरे चरण की आशंका और सरकार द्वारा इस संदर्भ में उठाए जाने वाले कदमों के संदर्भ में परिदृश्य अनिश्चित बना हुआ है।’
इन चुनौतीपूर्ण समय में, हमने ग्राहकों और व्यवसाय को बरकरार रखने के लिए सरकारों, नियामकों, भागीदारों, और आपूर्तिकर्ताओं के साथ मिलकर काम किया। हमने बढ़ी मांग को ध्यान में रखकर अपना नेटवर्क बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया है।’

Advertisement
First Published - July 24, 2020 | 11:43 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement