पिछले रिकॉर्डों को फिर से पाने में आसानी और काम को बेहतर बनाने के लिए एयर इंडिया अपने सभी दस्तावेजों और फाइलों का डिजिटलीकरण कर रही है। यह कदम एयर इंडिया के निजीकरण के आठ महीने बाद उठाया जा रहा है। साथ ही एयर इंडिया के मुख्य कार्यालय को दिल्ली-एनसीआर में स्थानांतरित किया जा रहा है।
एयर इंडिया के मुख्य मानव संसाधन अधिकारी सुरेश दत्त त्रिपाठी ने कर्मचारियों से कहा ‘नए कार्यालय में हमारा प्रवेश डिजिटल तरीके से काम करने के लिए पूरी तरह उपयुक्त है। हमारे दस्तावेजों के पूर्ण डिजिटलीकरण से कार्यक्षमता और उत्पादकता में वृद्धि होगी और भविष्य में रिकॉर्ड को फिर से पाने में तेजी भी आएगी।’
सरकारी स्वामित्व वाली संस्था के रूप में सरकारी अनुमोदन या खरीद विवरण के लिए फाइलों पर बहुत अधिक निर्भरता थी। इन सभी का रिकॉर्ड कागजों में दर्ज होता है। एक अधिकारी ने कहा ‘डिजिटलीकरण अच्छा कदम है। विमान कंपनी के सचिवों को भी इस उद्देश्य के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है।’
शुक्रवार को विमान कंपनी ने घोषणा की थी कि वह कार्यस्थलों के समेकन के लिए सरकारी स्वामित्व वाले परिसर को खाली कर रही है। एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और एयरएशिया इंडिया को 2023 की शुरुआत में दिल्ली-एनसीआर में एक आधुनिक कार्यालय परिसर में स्थानांतरित किया जाएगा।
एयर इंडिया ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कार्यस्थलों का समेकन सहयोग में सुधार, संगठन की संस्कृति मजबूत करने, कर्मचारियों के काम करने के तरीकों और सुविधाओं को उन्नत करने और नई तकनीक को आसानी से शुरू करने के लिए किया जा रहा है।
कंपनी ने कहा कि कार्यालयों के स्थानांतरण और समेकन के साथ-साथ विमान कंपनी के क्षेत्रीय संगठनों को भी धीरे-धीरे बंद कर दिया जाएगा और केंद्रीकृत कार्यालय के रूप में एक जगह कर दिया जाएगा।