facebookmetapixel
Advertisement
20% एथेनॉल ब्लेंडिंग के बाद भी भारत क्यों मंगा रहा विदेश से एथेनॉल? जानिए पूरी कहानीCredit Card के Hidden Charges! कहीं आप भी तो नहीं दे रहे फालतू पैसे?RIL Q1 Results Preview: O2C, जियो और रिटेल से दमदार प्रदर्शन की उम्मीद, जानें ब्रोकरेज के अनुमानEPFO Interest : 34 करोड़ खाताधारकों के PF खाते में आया ब्याज, ऐसे चेक करें अपना बैलेंसबारिश की कमी के बीच राहत; फिर सक्रिय होगा मॉनसून, जानें कहां कहां होगी झमाझम बारिशTech Mahindra Q1FY27 results: मुनाफा 28.4 बढ़कर ₹1,465 करोड़, नई डील्स से कमाई 1 अरब डॉलर के पारतीन हाइब्रिड फंड्स में स्ट्रैटेजी बदलेगी Shriram AMC, निवेशकों के लिए क्या है इसके मायने?Wipro Q1FY27 results: मुनाफा ₹3,356 पर स्थिर, रेवेन्यू 11% बढ़ा; ₹2 के डिविडेंड का ऐलानUS-Iran तनाव बढ़ने से गोल्ड की सेफ हैवेन डिमांड लौटेगी? क्रूड, फेड के फैसले कैसे डालेंगे असरCBDT ने FY27 के लिए CII बढ़ाकर 384 किया, 1 अप्रैल 2026 से टैक्स कैलकुलेशन के लिए होगा लागू

अग्निकुल कॉसमॉस ने लॉन्च की भारत की पहली हाई-टेक एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग सुविधा

Advertisement

3डी प्रिंटिंग से रॉकेट और एरोस्पेस घटकों की निर्माण लागत में 50% तक कमी

Last Updated- September 23, 2025 | 7:42 AM IST
Agnikul
Moin SPM, Co-Founder & COO (L) & Srinath Ravichandran, Co-Founder & CEO, AgniKul Cosmos

निजी क्षेत्र की अंतरिक्ष-तकनीक (स्पेसटेक) कंपनी अग्निकुल कॉसमॉस ने सोमवार को एरोस्पेस और रॉकेट प्रणालियों के लिए खास तौर पर अत्याधुनिक एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग सुविधा शुरू करने की घोषणा की। यह सुविधा पूरी तरह से एकीकृत ढांचा पेश करती है जिसमें डिजाइन, सिमुलेशन, प्रिंटिंग, पोस्ट-प्रोसेसिंग और फिनिशिंग शामिल हैं। इसका उद्देश्य गुणवत्ता, विश्वसनीयता और आपूर्ति श्रृंखला में लचीलापन बढ़ाना और अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए उत्पादों की निर्माण लागत 50 प्रतिशत तक कम करनी है।

भारत में पहली बार यह सुविधा एक मीटर तक की ऊंचाई वाले एरोस्पेस और रॉकेट घटकों की 3डी प्रिंटिंग को भी सक्षम बनाती है। उन हिस्सों का उत्पादन संभव बनाकर अग्निकुल अब कुछ ही दिनों में पूरी तरह उड़ान के लिए तैयार हार्डवेयर  वितरित कर सकता है। इससे विकास की समय-सीमा में काफी तेजी आएगी, साथ ही 3डी प्रिंटिंग के माध्यम से तैयार होने वाली चीजों का दायरा बढ़ेगा।

अग्निकुल कॉसमॉस के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीनाथ रविचंद्रन ने कहा, ‘अग्निकुल की शुरुआत अंतरिक्ष सभी के लिए उपलब्ध कराने के मकसद से साथ की गई थी। इसका एक तरीका यह है कि ऐसी क्षमता का निर्माण किया जाए जो हमें गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित करते हुए परिशुद्धता के साथ रॉकेट निर्माण आगे बढ़ाने की सहूलियत दे।’

अग्निकुल कॉसमॉस के सह-संस्थापक और मुख्य परिचालन अधिकारी मोइन एसपीएम ने कहा कि उनका लक्ष्य हमेशा अंतरिक्ष तक पहुंच को विश्वसनीय और लागत प्रभावी बनाना रहा है। उन्होंने कहा, इस सुविधा के साथ हम भारत में एक आत्मनिर्भर और विश्वस्तरीय प्रतिस्पर्द्धी अंतरिक्ष उद्योग की नींव को आकार देने में भी मदद कर रहे हैं।

अग्निकुल  के पास पहले से ही सिंगल-पीस 3डी-प्रिंटेड रॉकेट  इंजन के लिए एक अमेरिकी पेटेंट है। इस सुविधा के साथ कंपनी को एक मीटर के इंजन को प्रिंट करने और पहले की डिजाइन की तुलना में सात गुना अधिक थ्रस्ट पैदा करने में मदद मिलेगी।

इस सुविधा के अब शुरू होने के साथ कंपनी इस इंजन को कुछ ही दिनों में और स्वयं अपने स्तर पर तैयार कर सकती है। इससे बड़े पैमाने पर नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।

Advertisement
First Published - September 23, 2025 | 7:21 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement