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अदाणी का कॉरपोरेट शासन व खुलासा मानकों पर भरोसा

समूह की प्रमुख फर्म अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड की वार्षिक रिपोर्ट में समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने कहा कि उच्चतम न्यायालय की विशेषज्ञ समिति को कोई नियामक विफलता नहीं मिली।

Last Updated- June 27, 2023 | 10:56 PM IST
अदाणी समूह ने हिंडनबर्ग के दावों को ‘भ्रामक’ बताकर खारिज कियाHindenburg-Adani Case: Adani Group rejects Hindenburg's claims as 'misleading

अमेरिकी शॉर्टसेलर हिंडनबर्ग की एक धमाकेदार रिपोर्ट के चलते अरबों डॉलर गंवाने के पांच महीने बाद अदाणी समूह ने एक बार फिर अपने कॉरपोरेट शासन और खुलासा मानकों पर अपना पूरा भरोसा जताया है।

समूह की प्रमुख फर्म अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड की वार्षिक रिपोर्ट में समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने कहा कि उच्चतम न्यायालय की विशेषज्ञ समिति को कोई नियामक विफलता नहीं मिली। हिंडनबर्ग रिसर्च ने 24 जनवरी को अदाणी पर शेयरों की कीमतों में हेराफेरी करने और खातों में धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। साथ ही शॉर्टसेलर ने फर्जी कंपनियों के जरिए धन के गुप्त लेनदेन का आरोप भी लगाया।

अदाणी समूह ने इन आरोपों का दृढ़ता से खंडन किया है और हिंडनबर्ग की रिपोर्ट को ‘भारत पर एक सोचा-समझा हमला’ बताया। वार्षिक रिपोर्ट में अडानी ने कहा कि अमेरिकी शॉर्टसेलर ने ‘हमारे गणतंत्र दिवस के अवसर पर’ रिपोर्ट प्रकाशित की। उन्होंने कहा कि इन आरोपों का मकसद समूह की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाकर और शेयर की कीमतों को जानबूझकर गिराकर मुनाफा कमाना था।

उन्होंने कहा कि न्यायालय की समिति में ऐसे व्यक्ति शामिल थे, जो अपनी स्वतंत्रता और ईमानदारी के लिए जाने जाते हैं। समिति को नियामक विफलता या किसी उल्लंघन का कोई उदाहरण नहीं मिला।

उन्होंने आगे कहा, ”हालांकि, सेबी को आने वाले महीनों में अपनी रिपोर्ट (अदाणी समूह के खिलाफ एक अलग आरोप पर) जमा करनी है। हम अपने शासन और प्रकटीकरण मानकों के प्रति आश्वस्त हैं।” अदाणी समूह ने सोमवार देर शाम एक बयान में कहा कि उन्हें हिंडनबर्ग के आरोपों के बाद अमेरिकी अधिकारियों द्वारा अमेरिकी निवेशकों को किसी समन की जानकारी नहीं है।

First Published - June 27, 2023 | 10:56 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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