facebookmetapixel
बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की लागत में 18.3% का इजाफा, बजट बढ़कर ₹35.1 लाख करोड़ पहुंचामॉनसून पर मंडराया अल नीनो का साया: स्काईमेट ने जताई 2026 में सूखे और कम बारिश की गंभीर आशंकाPDS में अनाज की हेराफेरी पर लगेगा अंकुश, सरकार लाएगी डिजिटल ई-रुपी वाउचरIndia- EU FTA से 5 साल में यूरोप को निर्यात होगा दोगुना, 150 अरब डॉलर तक पहुंचेगा व्यापार: पीयूष गोयलMoody’s का दावा: यूरोपीय संघ के साथ समझौता भारत को देगा बड़ा बाजार, अमेरिकी टैरिफ से मिलेगी सुरक्षाRBI का नया कीर्तिमान: स्वर्ण भंडार और डॉलर में उतार-चढ़ाव से विदेशी मुद्रा भंडार सर्वकालिक उच्च स्तर परBPCL की वेनेजुएला से बड़ी मांग: कच्चे तेल पर मांगी 12 डॉलर की छूट, रिफाइनिंग चुनौतियों पर है नजरमासिक धर्म स्वास्थ्य अनुच्छेद 21 के तहत मौलिक अधिकार: छात्राओं को मुफ्त मिलेगा सैनिटरी पैड500 यूनिवर्सिटी छात्रों को मिलेंगे GPU और AI टूल्स, इंडिया AI मिशन का दायरा बढ़ाएगी सरकारराज्यों के पूंजीगत व्यय की धीमी रफ्तार: 9 महीनों में बजट का केवल 46% हुआ खर्च, केंद्र के मुकाबले पिछड़े

बाजारों के उतार-चढ़ाव के बीच 10 दिग्गज कंपनियां, जहां हो सकती है भारी आय

इक्विटी बाजारों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। ऐसे में निवेशक उन कंपनियों पर ध्यान दे सकते हैं जो शानदार लाभांश चुकाएं जो कि आपके लिए दूसरी आय बन सके। विस्तार से बता रहे हैं कृष्ण कांत और राम प्रसाद साहू

Last Updated- March 31, 2023 | 12:02 AM IST
Nifty

अक्टूबर-दिसंबर 2022 तिमाही के लिए कॉरपोरेट आय अनुमान के मुकाबले कम दर्ज की गई थी, क्योंकि गैर-वित्त कंपनियों के शुद्ध लाभ में सालाना आधार पर कमजोरी रही। इससे करीब डेढ़ साल के आय अपग्रेड के बाद ब्रोकरों ने अब प्रति शेयर आय (ईपीएस) घटाने पर जोर दिया है। उदाहरण के लिए, ब्रोकरों को अब निफ्टी-50 सूचकांक की 50 में से 26 कंपनियों द्वारा वित्त वर्ष 2023 में कमजोर ईपीएस दर्ज किए जाने का अनुमान है। तुलनात्मक तौर पर, निफ्टी-50 सूचकांक की शेष 24 कंपनियों द्वारा वित्त वर्ष 2023 में पिछले अनुमानों के मुकाबले ज्यादा आय दर्ज किए जाने की संभावना है।

डाउनग्रेड-अपग्रेड रे​शियो भी दूसरे स्तर की कंपनियों के लिए खराब है। ब्रोकरों को निफ्टी जूनियर सूचकांक की करीब 70 प्रतिशत कंपनियों (सूचकांक के 50 में से 34 शेयर) द्वारा अब कैलेंडर वर्ष 2022 के अंत में जताए गए अनुमानों के मुकाबले वित्त वर्ष 2023 में कम ईपीएस दर्ज किए जाने की संभावना है।

निफ्टी-50 सूचकांक में, सबसे ज्यादा आय डाउनग्रेड भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन, टाटा स्टील, और जेएसडब्ल्यू स्टील में (39 से 61 प्रतिशत के बीच) देखा गया है। वहीं निफ्टी जूनियर कंपनियों के मामले में, सबसे ज्यादा डाउनग्रेड इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, इंडस टावर्स और बंधन बैंक में देखा गया है।

आय में डाउनग्रेड से ज्यादातर सूचकांक कंपनियों के लिए कीमत लक्ष्य में कटौती को भी बढ़ावा मिला है और इसका सूचकांक में गिरावट के तौर पर असर दिखा है। ये सूचकांक दिसंबर 2022 के अपने 52 सप्ताह के ऊंचे स्तरों से काफी नीचे आ गए हैं। हालांकि इ​​क्विटी निवेशक यदि अच्छे शेयरों में पैसा लगाते हैं तो कमाई कर सकते हैं। कुछ सूचकांक और प्रमुख गैर-सूचकांक आधारित शेयरों में वित्त वर्ष 2023 की चौथी तिमाही में शानदार कमाई के मौके हैं। इससे ब्रोकरों को वित्त वर्ष 2023 के लिए इनकी ईपीएस बढ़ाने में मदद मिली हैऔर साथ ही इनके कीमत लक्ष्य में भी इजाफा किया गया है।

यहां निफ्टी-50 और निफ्टी जूनियर सूचकांकों से 10 शेयरों का खास सूची पेश की जा रही है, जिनमें ब्रोकरों द्वारा वित्त वर्ष 2023 के ईपीएस अनुमानों में दिसंबर 2022 के अंत से अपग्रेड किए गए हैं। दरअसल, इस अव​धि के दौरान इन सभी के वित्त वर्ष 2024 के ईपीएस अनुमानों में वृद्धि भी दर्ज की है। विश्लेषण में, टाटा मोटर्स और इंटरग्लोब एविएशन जैसी कंपनियों (जिनके आय अपग्रेड के बावजूद वित्त वर्ष 2023 में नुकसान में बने रहने की आशंका है) को अलग रखा गया है।

First Published - March 30, 2023 | 11:41 PM IST

संबंधित पोस्ट