facebookmetapixel
Advertisement
धड़ाम हुआ बाजार: पश्चिम एशिया युद्ध से भारतीय निवेशकों के $447 अरब स्वाहा, निफ्टी के मूल्यांकन में गिरावटचुनावी शंखनाद: बंगाल, असम और तमिलनाडु समेत 5 राज्यों में मतदान की तारीखों का हुआ ऐलानWTO में भारत-अमेरिका के बीच बड़ी नोक-झोंक के आसार: नियमों को बदलने की जिद पर अड़ा वाशिंगटनमिशन पश्चिम एशिया: जयशंकर ने सऊदी-यूएई से साधी बात, क्या सुरक्षित रहेगी भारत की ऊर्जा सप्लाई?चूल्हे ठंडे, पेट खाली: गैस की किल्लत से होटल-रेस्तरां पर ताले, केटरर्स ने बुकिंग से किया तौबास्टॉक मार्केट में कोरोना महामारी जैसा खौफ: मार्च 2020 के स्तर पर आई बाजार की धारणा, निवेशक पस्तनिवेशकों की पहली पसंद बने ‘ग्रोथ स्टॉक’, वैल्यू शेयरों को पछाड़कर ग्रोथ इंडेक्स ने मारी बाजीयुद्ध की ‘तपिश’ से चौतरफा संकट: आसमान में महंगा हुआ सफर, जमीन पर सर्विस सेक्टर का हाल-बेहालप्लेट खाली तो काम ठप! ऑटो सेक्टर में LPG की किल्लत का असर, गैस खत्म होने से कैंटीन बंदहिंडाल्को पर युद्ध की मार: गैस संकट के चलते एल्युमीनियम उत्पादन में रुकावट, ‘फोर्स मेज्योर’ घोषित

सरकारी सख्ती से सस्ता होने लगा गेहूं

Advertisement

केंद्र सरकार ने सोमवार को थोक कारोबारियों के लिए 3,000 टन और खुदरा कारोबारियों के लिए 10 टन स्टॉक रखने की लिमिट तय की है।

Last Updated- June 13, 2023 | 3:15 PM IST
Wheat price

गेहूं पर सरकारी सख्ती का असर दिखने लगा है। सरकार द्वारा गेहूं की महंगाई थामने के लिए स्टॉक लिमिट लगाने के दूसरे दिन गेहूं की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। कारोबारियों के मुताबिक आने वाले दिनों में गेहूं के भाव और गिर सकते हैं। केंद्र सरकार ने सोमवार को थोक कारोबारियों के लिए 3,000 टन और खुदरा कारोबारियों के लिए 10 टन स्टॉक रखने की लिमिट तय की है। साथ ही सरकार ने खुले बाजार में बिक्री योजना ओएमएसएस के तहत 15 लाख टन गेहूं उतारने की भी घोषणा की है।

40 से 70 रुपये घटे गेहूं के दाम

उत्तर प्रदेश की हरदोई मंडी के गेहूं कारोबारी संजीव अग्रवाल ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि केंद्र सरकार द्वारा गेहूं पर स्टॉक लिमिट लगाने के फैसले के दूसरे दिन हरदोई मंडी में गेहूं के भाव 40 रुपये गिरकर 2,270 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। अग्रवाल ने कहा कि थोक व खुदरा कारोबारियों के लिए स्टॉक लिमिट की सीमा पर्याप्त है। इसलिए भाव ज्यादा नहीं गिरे। कमोडिटी एक्सपर्ट इंद्रजीत पॉल कहते हैं कि स्टॉक लिमिट लगने से गेहूं उत्पादक राज्यों की मंडियों में गेहूं की कीमतों में आज 40 से 60 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गई। दिल्ली की मंडियों में भाव 60 रुपये गिरकर 2,400 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इंदौर मंडी में भाव 70 रुपये गिरकर 2,290 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। बडे रिटेलरों को इस स्टॉक लिमिट से खास फर्क नहीं पड़ने वाला है। छोटे कारोबारी जिनके पास तय स्टॉक से ज्यादा भंडारण है, उन्हें थोड़ी परेशानी हो सकती है। अग्रवाल का कहना है कि इस बार कारोबारियों ने बहुत ज्यादा स्टॉक नहीं किया है। इसलिए स्टॉक लिमिट से खास समस्या नहीं होने वाली है।

आगे और सस्ता हो सकता है गेहूं

अग्रवाल ने कहा कि खुला बाजार बिक्री योजना के तहत पहले चरण में केंद्रीय पूल से थोक उपभोक्ताओं और व्यापारियों को 15 लाख टन गेहूं बेचने का भी निर्णय लिया है। गेहूं की यह बिक्री 2,125 और 2,150 रुपये प्रति क्विंटल के भाव होगी। इससे गेहूं की कीमतों में और नरमी आ सकती है। आने वाले दिनों में हरदोई मंडी में गेहूं के भाव गिरकर 2,200 रुपये प्रति क्विंटल आ सकते हैं। गेहूं की कीमतों पर स्टॉक लिमिट से ज्यादा खुले बाजार में गेहूं की बिक्री का असर होगा। पॉल कहते हैं कि खुले बाजार में गेहूं की बिक्री होने से गेहूं के दाम 50 से 60 रुपये और गिर सकते हैं।

Advertisement
First Published - June 13, 2023 | 3:13 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement