facebookmetapixel
Advertisement
Vedanta की 4 नई कंपनियों की आज एंट्री, कौन बनेगा निवेशकों का नया फेवरेट?Stocks To Watch Today: Reliance Industries, JSW Energy समेत इन शेयरों पर आज रहेगी नजर, बड़े ऐलानों से बढ़ सकती है हलचलहॉर्मुज खुलने की खबर से तेल में बड़ी गिरावट, 80 डॉलर के करीब पहुंचे भावफुटबॉल विश्व कप का चढ़ा खुमार तो ब्रांड भी कर रहे पेशकश जोरदारलेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ के नेतृत्व में और बढ़ेगी थलसेना की ताकत, 30 जून से संभालेंगे कमान ओमान संकट: सभी 14 भारतीय नाविक सुरक्षित, लेकिन तीन मौतों पर राजनीतिक टकराव बढ़ा मोदी-मैक्रों की मुलाकात में रक्षा, AI और परमाणु ऊर्जा सहयोग पर जोर, कई समझौतों की उम्मीदअमेरिका ने विदे​शियों के लिए मिथोस पर लगाई पाबंदी, देसी एआई मॉडल की संप्रभुता अहमNFRA की सख्ती बढ़ी, FY27 में Deloitte, PwC समेत 6 बड़ी ऑडिट फर्मों की होगी गुणवत्ता जांचFPI रजिस्ट्रेशन 5 दिन में कराने की तैयारी, विदेशी निवेशकों के लिए प्रक्रिया आसान करेगा सेबी

Soybean crushing: धीमी पड़ी सोयाबीन की पेराई

Advertisement

मई तक 77 लाख टन सोयाबीन की पेराई हो चुकी है, जो पिछली समान अवधि में हुई 55.75 लाख टन सोयाबीन की पेराई से करीब 38 फीसदी अधिक है।

Last Updated- June 12, 2023 | 5:02 PM IST
soyabean meal imports

सोयाबीन की पेराई धीमी पड़ने लगी है। चालू तेल वर्ष में सोयाबीन की पेराई निचले स्तर पर पहुंच गई है। अप्रैल महीने की तुलना में मई महीने में पेराई में करीब 28 फीसदी कमी दर्ज की गई। पेराई में कमी की वजह सोयाबीन तेल काफी सस्ता होने से पेराई में पड़ता नहीं पड़ना मानी जा रही है।

मई में पेराई करीब 28 फीसदी घटी

सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार तेल वर्ष 2022-23 (अक्टूबर से सितंबर ) के मई महीने में 6.50 लाख टन सोयाबीन की पेराई हुई, जबकि अप्रैल महीने में 9 लाख टन सोयाबीन की पेराई हुई थी। इस तरह सोयाबीन पेराई मई में अप्रैल से 27.77 फीसदी कम रही।

सालाना आधार पर भी मई में पेराई करीब 4 फीसदी घटी। मई महीने में सोयाबीन की पेराई चालू तेल वर्ष के निचले स्तर पर पहुंच गई है। चालू तेल वर्ष में मई से पहले 8 लाख टन से अधिक पेराई हर माह हो रही थी। कमोडिटी एक्सपर्ट इंद्रजीत पॉल कहते हैं कि अंतरराष्ट्रीय व घरेलू कारकों से खाद्य तेलों के दाम काफी गिर चुके हैं। सोयाबीन तेल भी काफी सस्ता हुआ है। जिससे सोयाबीन की पेराई में तेल मिलों को फायदा नहीं हो रहा है। इसलिए पेराई में कमी आने लगी है।

अब तक कुल पेराई 38 फीसदी अधिक

इस साल मई में पेराई भले कम हुई हो, लेकिन चालू तेल वर्ष की अक्टूबर-मई अवधि में कुल पेराई में इजाफा हुआ है। मई तक 77 लाख टन सोयाबीन की पेराई हो चुकी है, जो पिछली समान अवधि में हुई 55.75 लाख टन सोयाबीन की पेराई से करीब 38 फीसदी अधिक है।

इस तेल वर्ष में कैरीओवर स्टॉक, उत्पादन व आयात मिलाकर सोयाबीन की कुल उपलब्धता 154.26 लाख टन रहने का अनुमान है। इसमें 13 लाख टन बीज के लिए निकालने के बाद पेराई के लिए उपलब्धता 141.26 लाख टन बचेगी। पिछले तेल वर्ष में यह आंकड़ा 113.27 लाख टन था।

Advertisement
First Published - June 12, 2023 | 5:02 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement