facebookmetapixel
Advertisement
Editorial: यूपीआई के बाद अब ऋण क्रांति की बारी, फिनटेक बढ़ाएं सेवाओं का दायराNSE IPO: 17 सितंबर को खुलेगा इश्यू, SBI समेत ये कंपनियां बेचेंगी हिस्सा, GMP से पॉजिटिव लिस्टिंग के संकेत!NSE IPO में पैसा लगाएं या नहीं? प्राइस बैंड, वैल्यूएशन और ब्रोकरेज की राय समझेंप्याज की बढ़ती कीमतों से जल्द मिलेगी राहत, थोक बाजार में कम होने लगे दाम2,000 रुपये से ज्यादा के UPI भुगतान पर शुल्क का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, दायर हुई PIL6 साल बाद सरकार ने क्यों बदला UPI का नियम? क्या ₹20,000 करोड़ का खर्च है वजह, जानें 15 अक्टूबर से क्या बदलेगा39% तक का मिलेगा रिटर्न! मोतीलाल ओसवाल को पसंद BEL, M&M, टाइटन समेत ये 5 शेयरत्योहारों से पहले खाद्य तेल की रिकॉर्ड खरीदारी, आयात 11 महीने के उच्चतम स्तर परमल्टीबैगर Defence शेयर Solar Industries पर 3 ब्रोकरेज बुलिश, Omnia डील के बाद 46% तक तेजी की गुंजाइश₹2,000 से ज्यादा के UPI पेमेंट पर फीस क्यों? समझें 6 साल बाद क्यों बदला नियम

Soybean crushing: धीमी पड़ी सोयाबीन की पेराई

Advertisement

मई तक 77 लाख टन सोयाबीन की पेराई हो चुकी है, जो पिछली समान अवधि में हुई 55.75 लाख टन सोयाबीन की पेराई से करीब 38 फीसदी अधिक है।

Last Updated- June 12, 2023 | 5:02 PM IST
soyabean meal imports

सोयाबीन की पेराई धीमी पड़ने लगी है। चालू तेल वर्ष में सोयाबीन की पेराई निचले स्तर पर पहुंच गई है। अप्रैल महीने की तुलना में मई महीने में पेराई में करीब 28 फीसदी कमी दर्ज की गई। पेराई में कमी की वजह सोयाबीन तेल काफी सस्ता होने से पेराई में पड़ता नहीं पड़ना मानी जा रही है।

मई में पेराई करीब 28 फीसदी घटी

सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार तेल वर्ष 2022-23 (अक्टूबर से सितंबर ) के मई महीने में 6.50 लाख टन सोयाबीन की पेराई हुई, जबकि अप्रैल महीने में 9 लाख टन सोयाबीन की पेराई हुई थी। इस तरह सोयाबीन पेराई मई में अप्रैल से 27.77 फीसदी कम रही।

सालाना आधार पर भी मई में पेराई करीब 4 फीसदी घटी। मई महीने में सोयाबीन की पेराई चालू तेल वर्ष के निचले स्तर पर पहुंच गई है। चालू तेल वर्ष में मई से पहले 8 लाख टन से अधिक पेराई हर माह हो रही थी। कमोडिटी एक्सपर्ट इंद्रजीत पॉल कहते हैं कि अंतरराष्ट्रीय व घरेलू कारकों से खाद्य तेलों के दाम काफी गिर चुके हैं। सोयाबीन तेल भी काफी सस्ता हुआ है। जिससे सोयाबीन की पेराई में तेल मिलों को फायदा नहीं हो रहा है। इसलिए पेराई में कमी आने लगी है।

अब तक कुल पेराई 38 फीसदी अधिक

इस साल मई में पेराई भले कम हुई हो, लेकिन चालू तेल वर्ष की अक्टूबर-मई अवधि में कुल पेराई में इजाफा हुआ है। मई तक 77 लाख टन सोयाबीन की पेराई हो चुकी है, जो पिछली समान अवधि में हुई 55.75 लाख टन सोयाबीन की पेराई से करीब 38 फीसदी अधिक है।

इस तेल वर्ष में कैरीओवर स्टॉक, उत्पादन व आयात मिलाकर सोयाबीन की कुल उपलब्धता 154.26 लाख टन रहने का अनुमान है। इसमें 13 लाख टन बीज के लिए निकालने के बाद पेराई के लिए उपलब्धता 141.26 लाख टन बचेगी। पिछले तेल वर्ष में यह आंकड़ा 113.27 लाख टन था।

Advertisement
First Published - June 12, 2023 | 5:02 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement