facebookmetapixel
Advertisement
तेल, रुपये और यील्ड का दबाव: पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी अस्थिरता, लंबी अनिश्चितता के संकेतवैश्विक चुनातियों के बावजूद भारतीय ऑफिस मार्केट ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में 15% इजाफाJio IPO: DRHP दाखिल करने की तैयारी तेज, OFS के जरिए 2.5% हिस्सेदारी बिकने की संभावनाडेटा सेंटर कारोबार में अदाणी का बड़ा दांव, Meta और Google से बातचीतभारत में माइक्रो ड्रामा बाजार का तेजी से विस्तार, 2030 तक 4.5 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमानआध्यात्मिक पर्यटन में भारत सबसे आगे, एशिया में भारतीय यात्रियों की रुचि सबसे अधिकबांग्लादेश: चुनौतियों के बीच आजादी का जश्न, अर्थव्यवस्था और महंगाई बनी बड़ी चुनौतीपश्चिम एशिया संकट के बीच भारत सतर्क, रणनीतिक तेल भंडार विस्तार प्रक्रिया तेजGST कटौती से बढ़ी मांग, ऑटो और ट्रैक्टर बिक्री में उछाल: सीतारमणसरकार का बड़ा फैसला: पीएनजी नेटवर्क वाले इलाकों में नहीं मिलेगा एलपीजी सिलिंडर

Rolls-Royce भारत में करेगा बड़ा निवेश, नई पीढ़ी के एरो इंजन पर फोकस

Advertisement

रॉल्स रॉयस भारत में बड़े निवेश की योजना बना रही है और नई पीढ़ी के एरो इंजन व इलेक्ट्रिक प्रोपल्सन में मौजूदगी बढ़ाएगी।

Last Updated- December 29, 2025 | 7:29 AM IST
Rolls-Royce
Representative Image

ब्रिटेन की एरो-इंजन विनिर्माता कंपनी रॉल्स रॉयस ने रविवार को कहा कि वह भारत को ब्रिटेन के बाहर अपना तीसरा घरेलू बाजार बनाने पर विचार कर रही है। यह योजना जेट इंजन, नेवल प्रोपल्सन, थल प्रणालियों और उन्नत इंजीनियरिंग समेत  कई क्षेत्रों में मौजूद अवसरों का लाभ उठाने के लिए तैयार की गई है।

रॉल्स रॉयस इंडिया के कार्यकारी उपाध्यक्ष शशि मुकुंदन ने कहा कि कंपनी भारत में बड़े निवेश की योजना बना रही है। उन्होंने कहा, नई पीढ़ी के एरो इंजन को भारत में विकसित करना प्राथमिकता है ताकि उन्नत मध्यम युद्धक विमान कार्यक्रम के तहत भारत में बनने वाले लड़ाकू विमानों को शक्ति दी जा सके। ब्रिटेन के अलावा रॉल्स रॉयस अमेरिका और जर्मनी को भी अपना घरेलू बाजार मानती है क्योंकि इन दोनों देशों में कंपनी की खासी मौजूदगी है, जिसमें विनिर्माण सुविधाएं शामिल हैं।

मुकुंदन ने यह भी बताया कि रॉल्स रॉयस भारतीय नौसेना की युद्धक क्षमता बढ़ाने के लिए इलेक्ट्रिक प्रोपल्सन की जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने कहा कि एएमसीए के लिए जेट इंजन के विकास में रॉल्स रॉयस की भागीदारी से भारत को नौसैनिक प्रोपल्सन के लिए भी इंजन बनाने में मदद मिल सकती है।

उन्होंने विशिष्ट विवरण साझा किए बिना कहा कि रॉल्स रॉयस भारत में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण निवेश पर नजर रखे हुए है। उन्होंने कहा कि भारत के पास पैमाना, नीति की स्पष्टता और रक्षा तथा औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की स्पष्ट दिशा है।
मुकुंदन ने कहा कि अगर सब कुछ ठीक रहा तो यह एक बड़ा निवेश होगा, इतना बड़ा कि लोगों की नजर इस पर जाएगी।

Advertisement
First Published - December 29, 2025 | 7:29 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement