facebookmetapixel
वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में बड़े डेवलपरों को दमदार बुकिंग से मिलेगा दमडी बीयर्स का बड़ा दांव: भारत में नैचुरल हीरों के लिए मार्केटिंग खर्च दोगुना, फॉरएवरमार्क पर फोकसBMW ने 2025 में बेच डाली 18,001 कारें, पहली बार लग्जरी खरीदारों और ईवी से मिली रफ्तारबजट से उम्मीदें: हेल्थकेयर, मेडिकल डिवाइस और फार्मा कंपनियों ने टैक्स राहत और R&D निवेश बढ़ाने की मांग कीIndiaAI Mission: 12 से 15 हजार जीपीयू खरीदने की तैयारी, सरकार जल्द आमंत्रित करेगी एक और दौर की बोलीभारत पर 500% शुल्क का जो​खिम! रूस से तेल खरीदने वालों पर ‘दंड’ लगाने वाले विधेयक को ट्रंप का समर्थनSIF सेगमेंट में बढ़ी हलचल: कई म्युचुअल फंड हाउस पहली पेशकश की तैयारी में, हाइब्रिड लॉन्ग-शॉर्ट पर सबसे ज्यादा जोरBNP Paribas का बुलिश अनुमान: दिसंबर तक 29,500 पर पहुंचेगा निफ्टी, 14% रिटर्न की संभावनाकमोडिटी इंडेक्स रीबैलेंसिंग और मजबूत डॉलर से सोना फिसला, चांदी में भी तेज गिरावट500% टैरिफ की आशंका से रुपया डगमगाया, RBI के हस्तक्षेप के बावजूद 90 प्रति डॉलर के पार फिसला

स्टील कंपनियों के कदम से मिली राहत

Last Updated- December 07, 2022 | 3:45 PM IST

तीन महीने की मियाद पूरी होने के बाद भी बड़ी स्टील कंपनियों ने कीमतें न बढ़ाने का जो फैसला किया है, उसका स्वागत किया जा रहा है।


दरअसल महंगाई दर 12 फीसदी के ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है और महंगाई को मापने वाले थोक मूल्य सूचकांक में स्टील का भार 3.63 फीसदी है।

ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि यदि स्टील की कीमतों में और इजाफा होता तो हालात और बिगड़ सकते थे और महंगाई को रोकने की सरकारी कवायद को पलीता लग सकता था। रियल एस्टेट, ऑटोमोबाइल, आधारभूत ढांचा, टिकाऊ उपभोक्ता सामान, मशीनरी जैसे कई उद्योग काफी हद स्टील पर निर्भर हैं।

ऐसे में कीमतों में बढ़ोतरी होने से इनका प्रभावित होना लाजिमी ही है।रियल एस्टेट कंपनी पार्श्वनाथ की प्रवक्ता नीतल नारंग ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘कच्चे माल की कीमतो में इजाफे की वजह से हमारी परियोजनाएं लागत बढ़ गई हैं जिसके चलते हमको भी कीमतों में 2 से 12 फीसदी तक इजाफा करना पड़ा।

स्टील कंपनियों ने कीमतों को न  बढ़ाने का जो फैसला किया है, वह इस उद्योग की सेहत के लिहाज से अछा ही है। सलाहकार संस्था अर्नेस्ट एंड यंग में पार्टनर नवीन वोहरा ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि स्टील कंपनियों के इस कदम को सरकारी मदद के तौर पर देख सकते हैं।

वह बताते हैं कि चाहे मन से या मजबूरी से इस कदम से सरकार की महंगाई रोकने की कोशिशों को कुछ सहारा ही मिलेगा। वोहरा के मुताबिक जुलाई में वैश्विक स्तर पर स्टील की कीमतें शिखर पर पहंच गई थीं जो अब उतार पर हैं।

First Published - August 7, 2008 | 11:05 PM IST

संबंधित पोस्ट