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प्याज व्यापारियों की हड़ताल खत्म होने के आसार, मंडियों में बुधवार से शुरू हो सकती है खरीद

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नेफेड के माध्यम से देश के अन्य राज्यों के बाजारों में कम कीमत पर प्याज बेचने से राज्य के प्याज व्यापारियों को नुकसान हो रहा है।

Last Updated- September 26, 2023 | 11:23 PM IST
onion Export

Onion Traders Strike: देश में सबसे बड़े प्याज उत्पादक जिले नासिक में पिछले सप्ताह से व्यापारियों की जारी हड़ताल केन्द्र सरकार के सहयोग के बिना खत्म होना मुश्किल है।

प्याज व्यापारियों के सख्त रुख और किसानों को हो रहे भारी नुकसान को देखते हुए राज्य सरकार ने केन्द्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से हड़ताल खत्म कराने में मदद मांगी तो केन्द्र सरकार कारोबारियों की बात सुनने को तुरंत तैयार हो गई। उम्मीद की जा रही है कि कल से व्यापारी मंड़ियों में प्याज की खरीद शुरु कर देंगे।

हड़ताल खत्म करने के लिए मंगलवार को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की अध्यक्षता में मंत्रालय में बैठक बुलाई गई है। जिसमें संबंधित मंत्रालय के मंत्रियों के साथ अधिकारी और कृषि आयुक्त, नाशिक जिलाधिकारी, नेफेड, लासलगांव बाजार समिति , कृषि उपज बाजार समिति, व्यापारी संघ के लोग शामिल हुए।

अजीत पवार ने की पीयूष गोयल से बात

अजीत पवार ने केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से फोन पर बात की। पीयूष गोयल ने भी प्याज व्यापारियों के साथ बैठक करके समस्या का समाधान करने को कहा यह बैठक आज रात में ही होगी।

प्याज व्यापारियों के संगठनों ने समस्याओं पर त्वरित ध्यान देने और इस मुद्दे को हल करने पर संतोष व्यक्त किया है। उपमुख्यमंत्री पवार ने व्यापारियों से कृषि उपज बाजार समितियों में बंद पड़ी प्याज की खरीद तुरंत शुरू करने की भी अपील की है। जिससे उम्मीद कहा जा रही है कि बुधवार से व्यापारी प्याज की खऱीद शुरु कर देगे।

अजीत पवार ने कहा कि प्याज उत्पादक किसानों को किसी भी परिस्थिति में नुकसान न हो, इसके लिए राज्य सरकार के माध्यम से प्रयास किये जायेंगे। प्याज की कीमत को नियंत्रण में रखने के लिए केंद्र सरकार ने प्याज पर 40 फीसदी निर्यात शुल्क लगाया है। इस फैसले से प्याज किसानों को नुकसान न हो, इसके लिए केंद्र सरकार ने 2,410 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 2 लाख मीट्रिक टन प्याज खरीदने का फैसला किया था। खरीद की अवधि भी 10 सितंबर को समाप्त हो गई है।

इस बीच, प्याज व्यापारियों की हड़ताल के कारण नासिक जिले में प्याज किसानों को नुकसान हो रहा है। पवार ने अपील की कि व्यापारियों को प्याज खरीदना शुरू कर देना चाहिए ताकि किसानों को कोई नुकसान न हो। सरकार सभी प्याज उत्पादकों, प्याज उत्पादकों, व्यापारियों और उपभोक्ताओं के हितों पर विचार करेगी।

नेफेड के माध्यम से देश के अन्य राज्यों के बाजारों में कम कीमत पर प्याज बेचने से राज्य के प्याज व्यापारियों को नुकसान हो रहा है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से इस पर चर्चा कर सकारात्मक रास्ता निकाला जायेगा।

किसानों का बुरा हाल

नासिक ज़िले में प्याज़ व्यापारियों ने 20 सितंबर से नीलामी रोक दी है। व्यापारियों की सबसे बड़ी मांग है कि केंद्र सरकार प्याज़ के निर्यात पर लगाया गया 40 फीसदी शुल्क तुरंत हटाए। लासलगांव एपीएमसी के डायरेक्टर जयदत्त होलकर ने बताया कि व्यापारियों की हड़ताल के कारण करीब 200 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। किसानों का हाल बुरा है। उन्हें आर्थिक मदद की जरूरत है, लेकिन प्याज नहीं बेच पाने के कारण उनकी रोलिंग पूरी तरह से थम सी गई है। किसानों के पास खाद खरीदने के लिए भी पैसे नहीं हैं।

महाराष्ट्र प्याज उत्पादक किसान संगठन के अध्यक्ष भारत दिघोले कहते हैं कि हड़ताल खत्म नहीं होने से किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। केन्द्र सरकार को इस पर हस्ताक्षेप करना चाहिए। व्यापारियों का कहना है कि उन्होंने हड़ताल नहीं की है, बल्कि उन्होंने प्याज की नीलामी में भाग नहीं लेने का निर्णय लिया है। उनकी मांगों को जब तक माना नहीं जाता, तब तक वे ऐसा करेंगे। हड़ताल खत्म करने के लिए लाइसेंस रद्द करने की नोटिस भी व्यापारियों को दी गई है। मार्केट में व्यापारियों से दी गई जमीन भी वापस लेने को कहा गया। लेकिन व्यापारियों पर उसका कोई असर नहीं पड़ा है।

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First Published - September 26, 2023 | 9:18 PM IST

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