facebookmetapixel
Advertisement
तेल, रुपये और यील्ड का दबाव: पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी अस्थिरता, लंबी अनिश्चितता के संकेतवैश्विक चुनातियों के बावजूद भारतीय ऑफिस मार्केट ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में 15% इजाफाJio IPO: DRHP दाखिल करने की तैयारी तेज, OFS के जरिए 2.5% हिस्सेदारी बिकने की संभावनाडेटा सेंटर कारोबार में अदाणी का बड़ा दांव, Meta और Google से बातचीतभारत में माइक्रो ड्रामा बाजार का तेजी से विस्तार, 2030 तक 4.5 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमानआध्यात्मिक पर्यटन में भारत सबसे आगे, एशिया में भारतीय यात्रियों की रुचि सबसे अधिकबांग्लादेश: चुनौतियों के बीच आजादी का जश्न, अर्थव्यवस्था और महंगाई बनी बड़ी चुनौतीपश्चिम एशिया संकट के बीच भारत सतर्क, रणनीतिक तेल भंडार विस्तार प्रक्रिया तेजGST कटौती से बढ़ी मांग, ऑटो और ट्रैक्टर बिक्री में उछाल: सीतारमणसरकार का बड़ा फैसला: पीएनजी नेटवर्क वाले इलाकों में नहीं मिलेगा एलपीजी सिलिंडर

तेल कीमतों में उबाल फिर ठंडा पड़ा

Advertisement

चीन ने भी अमेरिकी वस्तुओं पर अतिरिक्त आयात शुल्क लगाने की घोषणा की है और उसने कहा है कि गुरुवार से 84 फीसदी शुल्क लगाया जाएगा।

Last Updated- April 11, 2025 | 6:19 AM IST
petrol companies
Representative Image

अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की 90 दिन तक शुल्क रोकने की घोषणा के बाद गुरुवार को तेल की कीमतों में 2 फीसदी से अधिक की गिरावट आई। ब्रेंट वायदा गुरुवार दोपहर तक 1.77 डॉलर यानी 2.7 फीसदी गिरकर 63.71 डॉलर प्रति बैरल रह गया। यूएस वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट क्रूड वायदा भी 1.77 डॉलर यानी 2.84 फीसदी घटकर 60.58 डॉलर तक फिसल गया। बुधवार को क्रूड बेंचमार्क दिन में पहले 7 फीसदी तक गिर गए थे लेकिन ट्रंप की घोषणा के बाद 4 फीसदी तक चढ़ गए।

पैनम्योर लिबेरम में विश्लेषक ऐश्ली केल्टी ने कहा, ‘अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्ध से तेल की मांग में वृद्धि को लेकर काफी अनिश्चितताएं पैदा हो गई हैं जिससे कीमतों में गिरावट का जोखिम और बढ़ गया है।’ अभी काफी अस्थिरता है और यह कहना मुश्किल है कि निकट भविष्य में तेल की कीमतें कहां रहेंगी।

चीन ने भी अमेरिकी वस्तुओं पर अतिरिक्त आयात शुल्क लगाने की घोषणा की है और उसने कहा है कि गुरुवार से 84 फीसदी शुल्क लगाया जाएगा। शुल्क स्थगन के बाद भी सैक्सो बैंक में कमोडिटी रणनीति के प्रमुख ओले हेन्सन ने कहा कि दुनिया अभी सन् 1930 के दशक के बाद से सबसे गंभीर व्यापार बाधाओं का सामना कर रही है।

Advertisement
First Published - April 11, 2025 | 6:19 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement