facebookmetapixel
रूसी तेल की अफवाहों पर Reliance का पलटवार, कहा- खबरें ‘पूरी तरह से झूठी हैं’LIC Scheme: 10वीं पास महिलाओं के लिए खास स्कीम, हर महीने ₹7,000 तक की कमाई का मौकासीमेंट कंपनियों की बल्ले-बल्ले! दिसंबर तिमाही में मुनाफा 65% तक बढ़ने की उम्मीद, ब्रोकरेज ने चुने 3 स्टॉक्सनया साल, नया मनी प्लान! निवेश, बचत और वेल्थ बनाने की रणनीति, याद रखें एक्सपर्ट के 4 टिप्सCIBIL स्कोर अच्छा होने के बावजूद क्रेडिट कार्ड क्यों होता है रिजेक्ट? एक्सपर्ट ने बताए कारणभारत की सर्विसेज PMI दिसंबर में 11 महीने के निचले स्तर पर, नए ऑर्डर में दिखी सुस्ती2026 तक 52 डॉलर तक गिर सकता है कच्चा तेल? रुपये में भी लौटेगी मजबूती! जानें क्या कह रहे हैं एक्सपर्टSenior Citizen FD Rates: PSU, Private या SFB, कौन दे रहा है सीनियर सिटीजन को सबसे ज्यादा ब्याज?Q3 अपडेट के बाद 4% टूटा दिग्गज FMCG शेयर, लेकिन ब्रोकरेज को भरोसा; ₹625 के दिए टारगेटअमेरिका-वेनेजुएला तनाव के बीच सोना-चांदी में ताबड़तोड़ तेजी, एक्सपर्ट ने बताया- इन धातुओं में कितना निवेश करें

मांग को लेकर आशंका दूर होने से बढ़ीं तेल की कीमतें

Last Updated- December 12, 2022 | 9:32 AM IST

मंगलवार को तेल की कीमतें इस आशावाद में बढ़ी कि सरकारी प्रोत्साहन से वैश्विक अर्थव्यवस्था की रफ्तार बढ़ेगी और कोविड-19 महामारी के कारण वैश्विक स्तर पर दोबारा हुए लॉकडाउन से तेल की मांग पर असर को लेकर चिंता भी दूर हो जाएगी।
मार्च का ब्रेंट क्रूड फ्यूचर 55 सेंट यानी 1 फीसदी चढ़कर 55.30 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया जबकि एक कारोबारी सत्र पहले यह 35 सेंट फिसल गया था। अमेरिका में वेस्ट टैक्सस इंटरमीडिएट क्रूड 16 सेंट चढ़कर 52.52 डॉलर प्रति बैरल पर रहा। सार्वजनिक अवकाश के कारण सोमवार को अमेरिकी बाजारों में सेटलमेंट नहीं हुआ। फरवरी का डब्ल्यूटीआई फ्यूचर बुधवार को एक्सपायर हो रहा है।
दुनिया में कच्चे तेल के सबसे बड़े आयातक चीन में मांग को लेकर निवेशक उत्साहित हैं। सोमवार को जारी आंकड़ों से पता चला है कि रिफाइनरी का उत्पादन 3 फीसदी बढ़कर साल 2020 में नए रिकॉर्ड पर पहुंच गया। चीन एकमात्र ऐसी बड़ी अर्थव्यवस्था रही, जहां पिछले साल गिरावट नहीं आई क्योंकि कई देश कोविड महामारी पर लगाम कसने की चुनौती का सामना कर रहे थे।
सिडनी मेंं सीएमसी मार्केट्स के मुख्य रणनीतिकार माइकल मैकार्थी ने कहा, सोमवार को चीन मेंं जारी आंकड़े तेल की कीमतों के लिए सकारात्मक रहे।
निवेशकों की नजर अब बुधवार को अमेरिका के नए राष्ट्रपति की तरफ से दिए जाने वाले भाषण पर है, जहां देश के 1.9 लाख करोड़ डॉलर वाले पैकेज पर विस्तृत जानकारी दी जाएगी। एक वरिष्ठ
तेल की कीमतों को सऊदी अरब की तरफ से अगले दो महीने में होने वाली तेल की अतिरिक्त आपूर्ति में कटौती से सहारा मिला है, जिससे पहली तिमाही में वैश्विक तेल इन्वेंट्री 11 लाख बैरल रोजाना की कमी आ सकती है। एएनजेड के विश्लेषकों ने यह जानकारी दी।
वैश्विक स्तर पर कोविड के बढ़ते मामले और फिर से हो रहे लॉकडाउन का तेल की मांग पर असर पड़ा और इससे कीमतें नहीं बढ़ पाई। एएनजेड के विश्लेषकों ने जनवरी से दिसंबर में तेल की बिक्री में गिरावट को लेकर चिंता दूर की और चीन व जापान में कोविड के मामलों को लेकर भी, जिसका असर तेल की मांग पर पड़ सकता था।
बैंक ने कहा कि यूरोप व अमेरिका में वैक्सीन लगाने के काम में सुस्ती भी इस बात की चिंता बढ़ा रही है कि तेल की मांग में सुधार को लेकर मुश्किल बना रहेगा।

First Published - January 19, 2021 | 11:31 PM IST

संबंधित पोस्ट