facebookmetapixel
Q3 Results: DLF का मुनाफा 13.6% बढ़ा, जानें Zee और वारी एनर्जीज समेत अन्य कंपनियों का कैसा रहा रिजल्ट कैंसर का इलाज अब होगा सस्ता! Zydus ने भारत में लॉन्च किया दुनिया का पहला निवोलुमैब बायोसिमिलरबालाजी वेफर्स में हिस्से के लिए जनरल अटलांटिक का करार, सौदा की रकम ₹2,050 करोड़ होने का अनुमानफ्लाइट्स कैंसिलेशन मामले में इंडिगो पर ₹22 करोड़ का जुर्माना, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हटाए गएIndiGo Q3 Results: नई श्रम संहिता और उड़ान रद्द होने का असर: इंडिगो का मुनाफा 78% घटकर 549 करोड़ रुपये सिंडिकेटेड लोन से भारतीय कंपनियों ने 2025 में विदेश से जुटाए रिकॉर्ड 32.5 अरब डॉलरग्रीनलैंड, ट्रंप और वैश्विक व्यवस्था: क्या महा शक्तियों की महत्वाकांक्षाएं नियमों से ऊपर हो गई हैं?लंबी रिकवरी की राह: देरी घटाने के लिए NCLT को ज्यादा सदस्यों और पीठों की जरूरतनियामकीय दुविधा: घोटालों पर लगाम या भारतीय पूंजी बाजारों का दम घोंटना?अवधूत साठे को 100 करोड़ रुपये जमा कराने का निर्देश 

Rare Earth Minerals पर भारत सरकार का बड़ा खेल, छत्तीसगढ़ से कांगो, माली तक; जानें क्या बोले NLC CMD

माली (पश्चिम अफ्रीका) में लिथियम ब्लॉकों और रिपब्लिक ऑफ कॉन्गो में तांबा और कोबाल्ट की खानों के लिए प्रारंभिक स्तर पर बातचीत शुरू हो चुकी है।

Last Updated- July 27, 2025 | 3:03 PM IST
Rare Earth

सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एनएलसी इंडिया लिमिटेड (NLC India Ltd) ने दुर्लभ खनिजों की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को ध्यान में रखते हुए विदेशों में खनिज संसाधनों की खोज तेज कर दी है। कंपनी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (CMD) प्रसन्ना कुमार मोटुपल्ली ने जानकारी दी है कि माली (पश्चिम अफ्रीका) में लिथियम ब्लॉकों और रिपब्लिक ऑफ कॉन्गो में तांबा और कोबाल्ट की खानों के लिए प्रारंभिक स्तर पर बातचीत शुरू हो चुकी है।

चीन द्वारा हाल ही में दुर्लभ खनिजों के निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंधों के बीच यह कदम उठाया गया है, जिससे वैश्विक आपूर्ति पर असर पड़ा है। इन खनिजों का उपयोग घरेलू उपकरणों से लेकर इलेक्ट्रिक वाहनों तक में होता है।

NLC CMD ने बताया, “खनन और कोयला मंत्रालयों ने हमें स्पष्ट रूप से कहा है कि हमें आक्रामक रूप से क्रिटिकल और रेयर अर्थ मेटल ब्लॉकों की खोज करनी है। उसी के तहत हमने कुछ विदेशी खानों को लेकर शुरुआती कदम उठाए हैं।”

उन्होंने बताया कि इस माह संभावित नॉन-डिस्क्लोजर एग्रीमेंट (एनडीए) पर हस्ताक्षर के बाद आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कंपनी इन परियोजनाओं को अंतिम रूप देने से पहले संबंधित देशों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति और राजनीतिक स्थिरता जैसे सभी पहलुओं की सावधानीपूर्वक समीक्षा करेगी।

यह भी पढ़ें: बिना किसी रुकावट 6.5% से ज्यादा की ग्रोथ हासिल कर सकता है भारत: RBI MPC सदस्य का दावा

एनएलसी इंडिया ने पांच वर्षों में 10 लाख मीट्रिक टन क्रिटिकल मिनरल के उत्पादन का लक्ष्य रखा है, जिसमें देश और विदेश दोनों स्रोतों से खनन किया जाएगा।

इसके अलावा, कंपनी को हाल ही में छत्तीसगढ़ के बलौद जिले में दो महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिज ब्लॉक – सेम्हारडीह फॉस्फोराइट एंड लाइमस्टोन ब्लॉक और रायपुरा फॉस्फोराइट एंड लाइमस्टोन ब्लॉक – नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से मिले हैं। कंपनी जल्द ही इन ब्लॉकों में खोज शुरू करने को लेकर आशान्वित है।

गौरतलब है कि एनएलसी इंडिया की मुख्य गतिविधियां कोयला और लिग्नाइट खनन के साथ-साथ बिजली उत्पादन से जुड़ी हुई हैं। अब कंपनी देश की खनिज आत्मनिर्भरता की दिशा में अहम भूमिका निभाने की तैयारी में है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

 

First Published - July 27, 2025 | 3:03 PM IST

संबंधित पोस्ट