facebookmetapixel
Advertisement
HDFC Bank के शेयर में फिर तेजी! $1.75 अरब जुटाने के बाद 1% उछला स्टॉकछोटे शहरों से शेयर बाजार में बढ़ी Gen Z की एंट्री, 76% युवा म्युचुअल फंड निवेशकों को SIP पसंदभारत के दूर-दराज गांवों में इंटरनेट की क्रांति लाएंगे एलन मस्क, स्टारलिंक की सेवाओं पर बड़ी उम्मीदेंसेवा क्षेत्र ने संभाली अर्थव्यवस्था की रफ्तार, मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ 5 साल में सबसे कमजोरऑगमोंट एंटरप्राइजेज आईपीओ में आज से निवेश का मौका, एक्सपर्ट ने दी सब्सक्राइब करने की सलाह; GMP 38%एक्सप्लेनर: सिर्फ 2 सेकंड में 88 ऑर्डर! नए क्लोजिंग ऑक्शन सिस्टम में कैसे हुई हेरफेर? समझें पूरा मामलाकोलगेट-पामोलिव इंडिया के मैनेजमेंट में बड़ा बदलाव: मनीष आनंदानी होंगे नए MD & CEOडिफेंस सेक्टर में बना निवेश मौका! इन PSU शेयरों पर ब्रोकरेज बुलिश, कहा – BUYजेपी मॉर्गन की यूनिट पर SEBI का तगड़ा एक्शन, ट्रेडर्स के लिए मानी जा रही बड़ी चेतावनी7% पर मिल रहा होम लोन; आवेदन से पहले चेक कर लें SBI, HDFC, ICICI समेत प्रमुख बैंकों की ब्याज दरें

Kharif Sowing 2024: खरीफ फसलों की बोआई बढ़ी, धान के रकबा में हल्की गिरावट

Advertisement

अरहर, मूंग, सोयाबीन, मूंगफली, मक्का जैसी प्रमुख खरीफ फसलों की बोआई में इजाफा। बाजरा, उड़द, तिल, कपास का रकबा घटा।

Last Updated- July 26, 2024 | 7:01 PM IST
Rice production will be a record 150 million tons, USDA raised estimates

Kharif Sowing 2024: खरीफ फसलों की बोआई में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। चालू सीजन में अब तक खरीफ फसलों की बोआई 800 लाख हेक्टेयर को पार कर गई है। दलहन, तिलहन, मोटे अनाज की बोआई में इजाफा हुआ है। हालांकि इस सीजन की सबसे बड़ी फसल धान की बोआई में हल्की गिरावट देखी जा रही है। अब तक 215.97 लाख हेक्टेयर में धान बोया जा चुका है, जो पिछले सीजन की समान अवधि में 216.39 लाख हेक्टेयर में बोये गए धान से थोड़ा कम है। इस साल कपास की बोआई 6.87 फीसदी घटकर 105.73 लाख हेक्टेयर रह गई।

2024 में कितनी हुई खरीफ फसलों की बोआई?

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के आंकड़ों के अनुसार 26 जुलाई तक 811.87 लाख हेक्टेयर में खरीफ फसलों की बोआई हो चुकी है। पिछले साल की समान अवधि में यह आंकड़ा 793.63 लाख हेक्टेयर था। इस तरह चालू खरीफ सीजन में अब तक खरीफ फसलों का रकबा 2.29 फीसदी बढ़ा है।

कितना रहा दलहन फसलों का रकबा?

चालू खरीफ सीजन में 26 जुलाई तक दलहनी फसलों का रकबा 102.03 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया, जो पिछली समान अवधि के रकबा 89.41 लाख हेक्टेयर से अधिक है। अरहर की बोआई पिछले साल के 28.73 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 38.53 लाख हेक्टेयर और मूंग की 27.01 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 30.37 लाख हेक्टेयर हो गई, जबकि उड़द की बोआई पिछले साल के 23.86 लाख हेक्टेयर से घटकर 23.12 लाख हेक्टेयर रह गई।

Also read: Budget 2024: आभूषण दुकानों पर उमड़ रहे खरीदार, शुल्क में कटौती से घटी कीमत

तिलहन फसलों की बोआई में कितना हुआ इजाफा?

देश में अब तक 171.67 लाख हेक्टेयर में तिलहन फसलें बोई जा चुकी हैं, जो पिछले साल इसी अवधि में 165.37 लाख हेक्टेयर में बोई गईं तिलहन फसलों से 3.80 फीसदी ज्यादा है। इस दौरान इस सीजन की सबसे बड़ी तिलहन फसल सोयाबीन का रकबा 121.73 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया, पिछली समान अवधि में यह आंकड़ा 116.99 लाख हेक्टेयर था। इस सीजन में मूंगफली का रकबा पिछले साल के 36.08 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 41.03 लाख हेक्टेयर हो गया। तिल का रकबा पिछले साल के 8.94 लाख हेक्टेयर से घटकर 7.32 लाख हेक्टेयर रह गया।

मोटे अनाजों की कितनी हुई बोआई?

सरकारी आंकड़ों के अनुसार 26 जुलाई तक मोटे अनाजों की 153.10 लाख हेक्टेयर में बोआई हो चुकी है, जो पिछले साल की समान अवधि में 145.76 लाख हेक्टेयर में हुई बोआई से 5 फीसदी ज्यादा है। मोटे अनाजों में मक्का का रकबा 13.61 फीसदी बढ़कर 78.80 लाख हेक्टेयर हो गया। हालांकि इस साल मोटे अनाजों में मक्का के बाद दूसरी बड़ी फसल बाजरा की बोआई 6.83 फीसदी घटकर 56.46 लाख हेक्टेयर रह गई।

Advertisement
First Published - July 26, 2024 | 7:01 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement