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महंगे पाम ऑयल से भारतीयों ने मोड़ा मुंह, दिसंबर में आयात घटकर 9 महीने के निचले स्तर पर आया

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भारत का कुल खाद्य तेल आयात दिसंबर में 25 फीसदी घटकर 11.9 लाख टन हो गया।

Last Updated- January 03, 2025 | 8:48 PM IST
Indians turn away from expensive palm oil, palm oil import at 9 month low in December महंगे पाम तेल से भारतीयों ने मोड़ा मुंह, दिसंबर में पाम तेल का आयात 9 महीने के निचले स्तर पर

Palm oil import: अंतर्राष्ट्रीय बाजार में दूसरे खाद्य तेलों के मुकाबले पाम तेल की कीमतें अधिक होने के कारण उसके मांग में भारी कमी आयी है। मांग में कमी आने से दिसंबर में पाम तेल का आयात पिछले महीने की तुलना में 40 फीसदी गिरकर नौ महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया है। जिसके कारण भारत का कुल खाद्य तेल आयात दिसंबर में 25 फीसदी घटकर 11.9 लाख टन हो गया।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक दिसंबर में पाम तेल का आयात पिछले महीने की तुलना में 40 फीसदी गिरकर 5,03,000 मीट्रिक टन रह गया, जो मार्च 2023 के बाद सबसे कम है। दिसंबर में सोया ऑयल का आयात एक महीने पहले की तुलना में 3 फीसदी बढ़कर 4,20,000 मीट्रिक टन हो गया, जो चार महीनों में सबसे अधिक है, जबकि सूरजमुखी तेल का आयात 22 फीसदी गिरकर 2,65,000 मीट्रिक टन रह गया है। एक अनुमान के अनुसार, पाम ऑयल और सूरजमुखी तेल के कम आयात के कारण दिसंबर में देश का कुल खाद्य तेल आयात 25 फीसदी घटकर 11.9 लाख टन रह गया, जो तीन महीनों में सबसे कम है।

पिछले कुछ महीनो में सोया तेल के मुकाबले पाम तेल के प्रीमियम में उछाल के बाद भारतीय खरीदार सक्रिय रूप से आकर्षक कीमतों पर उपलब्ध सोया तेल की ओर रुख कर रहे हैं। पाम तेल आमतौर पर सोया तेल और सूरजमुखी तेल के मुकाबले डिस्काउंट पर कारोबार करता है, लेकिन उत्पादन में गिरावट के कारण इसकी कीमत प्रतिद्वंद्वी तेलों से ऊपर पहुंच गई हैं, जिनकी आपूर्ति प्रचुर मात्रा में है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में पाम तेल सोया तेल के मुकाबले 100 डॉलर प्रति टन से अधिक प्रीमियम पर है जिसके चलते भारत सोयाबीन तेल आयात कर रहा है। भारत मुख्य रूप से इंडोनेशिया, मलेशिया और थाईलैंड से पाम तेल खरीदता है, जबकि अर्जेंटीना, ब्राजील से सोया तेल और रूस और यूक्रेन सूरजमुखी तेल का आयात करता है।

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अखिल भारतीय खाद्य तेल व्यापारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शंकर ठक्कर ने बताया पाम तेल जो कि पिछले कई वर्षों से सबसे सस्ते खाने के तेल के रूप में उपलब्ध था के लगातार गिरते उत्पादन और जैव ईंधन बनाने में बढ़ते इस्तेमाल के चलते दाम आपे से बाहर चले जाने से भारत के उपभोक्ताओं ने पाम तेल से अपना मुंह मोड़ लिया है और दूरी बनाना शुरू कर दिया जिसके कारण दिसंबर में भारत का पाम तेल का आयात नौ महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया है।

वनस्पति तेलों के दुनिया के सबसे बड़े खरीदार भारत द्वारा पाम तेल के कम आयात से आने वाले दिनों में मलेशियाई में पाम तेल की कीमतों पर दबाव पड़ सकता है। मुंबई में शुक्रवार बाजार बंद होने पर पाम तेल का भाव 1340 से 1350 रुपये प्रति 10 किलो, सोयाबीन तेल के दाम 1240 से 1250 रुपये प्रति 10 किलो और सूरजमुखी तेल की कीमत 1345 से 1355 रुपये प्रति 10 किलो थी।

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First Published - January 3, 2025 | 8:48 PM IST

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