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सोना 2025 में 3150 डॉलर पर पहुंचेगा, गोल्डमैन सैक्स ने जताया अनुमान

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सोने की कीमत वृद्धि में बड़ा योगदान वैश्विक केंद्रीय बैंकों की ऊंची मांग के साथ-साथ अमेरिकी राजकोषीय स्थिरता और व्यापार तनाव/युद्धों को लेकर चिंताओं का भी होगा।

Last Updated- November 27, 2024 | 9:19 PM IST

गोल्डमैन सैक्स को उम्मीद है कि दिसंबर 2025 तक सोने की कीमतें (Gold Price) 3,150 डॉलर प्रति औंस (तेजी के परिदृश्य में) तक पहुंच जाएंगी जो मौजूदा स्तर से लगभग 19 फीसदी अधिक है। वे मुद्रास्फीति और बढ़ते भूराजनीतिक मसलों के खिलाफ सोने का हेजिंग का अच्छा साधन मानते हैं। उनका मानना ​​है कि इस कीमत वृद्धि में बड़ा योगदान वैश्विक केंद्रीय बैंकों की ऊंची मांग के साथ-साथ अमेरिकी राजकोषीय स्थिरता और व्यापार तनाव/युद्धों को लेकर चिंताओं का भी होगा।

जिंस शोध प्रमुख डान. स्ट्रूवेन की अगुआई में गोल्डमैन सैक्स के विश्लेषकों ने हालिया नोट में कहा है कि दिसंबर 2025 के लिए हम अपना 3,000 डॉलर का पूर्वानुमान बरकरार रख रहे हैं। हमारे तेजी के सोने के पूर्वानुमान की संरचनात्मक वाहक केंद्रीय बैंकों की ऊंची मांग है। हम मान रहे हैं कि नवंबर 2,640 डॉलर के पूर्वानुमान के सापेक्ष दिसंबर 2025 तक सोने की कीमत में 9 फीसदी की वृद्धि होगी।

गोल्डमैन सैक्स ने कहा कि मुद्रास्फीति और राजकोषीय जोखिमों की बढ़ती आशंकाएं सटोरिया पोजीशन और एक्सचेंज ट्रेडेड फंडों (ईटीएफ) के प्रवाह में इजाफा कर सकती हैं। अमेरिकी ऋण स्थिरता संबंधी चिंताएं केंद्रीय बैंकों, विशेष रूप से जिनके पास बड़े अमेरिकी ट्रेजरी रिजर्व हैं, को अधिक सोना खरीदने के लिए प्रेरित कर सकती हैं।

स्ट्रूवेन ने कहा कि हालांकि केंद्रीय बैंक की मांग में बढ़ोतरी ने 2022 के अंत और 2023 की शुरुआत में उच्च ब्याज दरों के दबाव को कम कर दिया है। हम संभावित रूप से ऊंची ब्याज दरों और मजबूत डॉलर को सोने में तेजी के पूर्वानुमान को लेकर मुख्य नकारात्मक जोखिम के रूप में देखते हैं।

यूबीएस के विश्लेषकों को भी उम्मीद है कि सोने की कीमतें तेजी से बढ़ती रहेंगी और दिसंबर 2025 तक 2,900 डॉलर प्रति औंस (पहले 2885 डॉलर प्रति औंस) तक पहुंच जाएंगी। ऊपरी स्तर को लेकर उन्हें उम्मीद है कि दिसंबर 2025 के अंत तक पीली धातु 3,000 डॉलर प्रति औंस के स्तर को छू सकती है।
हालांकि उनका मानना ​​है कि अल्पावधि में सोने की कीमतों में मजबूती की गुंजाइश है। वर्ष के अंत में मौजूदा हाजिर स्तर की तुलना में मामूली बढ़ोतरी के रुझान के साथ 2024 के अंत के लिए उनका लक्ष्य 2700 डॉलर है।

यूबीएस इन्वेस्टमेंट बैंक के रणनीतिकार (कीमती धातु) जोनी टेव्स ने लिखा कि हमें धीरे-धीरे जैसे-जैसे अमेरिकी नीतियों के बारे में जानकारी मिलती जाएगी, यह आने वाले वर्ष के लिए आर्थिक परिदृश्य के अनुरूप होगा।

कच्चे तेल की कीमतों का परिदृश्य

गोल्डमैन सैक्स का अनुमान है कि आने वाले वर्ष में दुनिया भर में कम मांग और अतिरिक्त आपूर्ति क्षमता के बीच ब्रेंट क्रूड की कीमतें 70-85 डॉलर के दायरे में रहने की संभावना है। गोल्डमैन सैक्स के अनुसार सबसे खराब स्थिति तब होगी जब भूराजनीति मुख्य मसला बन जाए और आपूर्ति बाधित हो जाए तो होर्मुज जलडमरूमध्य बंद हो जाएगा और अगर नया अमेरिकी प्रशासन ईरान की आपूर्ति पर जोखिम बढ़ा देता है तो ब्रेंट क्रूड की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल तक चढ़ सकती हैं।

कैलेंडर वर्ष 2024 में भू-राजनीतिक चिंताएं बढ़ने के कारण अप्रैल 2024 में ब्रेंट क्रूड की कीमतें 91 डॉलर प्रति बैरल का स्तर तोड़ दिया था और उसके बाद लगभग 69 डॉलर प्रति बैरल के निचले स्तर पर पहुंच गईं थी।

स्टूवेन ने कहा कि 2025 में हम अभी भी ब्रेंट के औसतन 76 डॉलर प्रति बैरल तक बढ़ने का अनुमान लगा रहे हैं जो जून में 78 डॉलर के सर्वोच्च स्तर पर रह सकती हैं। इसके बाद दिसंबर 2025 तक यह गिरकर 73 डॉलर पर आ जाएगा। 4 लाख बैरल प्रति दिन 2025 का मामूली अधिशेष हमारे आधार मामले को दर्शाता है।

दूसरी ओर, ऐसे परिदृश्य में जब अमेरिका सब पर 10 फीसदी का शुल्क लगा देता है तो उनका अनुमान है कि 2026 के अंत तक ब्रेंट की कीमतें गिरकर 64 डॉलर प्रति बैरल रह जाएंगी क्योंकि व्यापक शुल्क वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) और तेल की मांग को 1 फीसदी कम कर देंगे।

गोल्डमैन सैक्स ने कहा कि दूसरे नकारात्मक परिदृश्य में जहां ओपेक+ 2025 तक अपने उत्पादन में कटौती को समाप्त कर देगा तो हमारा अनुमान है कि ब्रेंट 2026 के अंत तक गिरकर 61 डॉलर पर आ जाएगा।

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First Published - November 27, 2024 | 9:19 PM IST

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