facebookmetapixel
Advertisement
ITC शेयर 302 रुपये पर फिसला, लेकिन कुछ ब्रोकरेज अब भी 399 रुपये का दे रहे टारगेटभारत की स्टील दिग्गज कंपनी का बड़ा ऐलान, 2 साल में 35,000 करोड़ का कैपेक्स प्लान तैयारगर्मी का कहर! बिजली डिमांड 270 GW पार, आने वाले दिनों में बन सकता है नया रिकॉर्डप्रधानमंत्री की WFH अपील के बाद HDFC Bank, IndusInd Bank, Yes Bank की पहल; अपनाया हाइब्रिड वर्क मॉडलFuel Crisis: क्या फिर आएगा ईंधन संकट? कई राज्यों में लंबी कतारों के बीच सरकार का बड़ा बयानGold-Silver Price Today: सोना-चांदी में अचानक गिरावट! MCX से Comex तक भाव लुढ़के; जानें आज के रेटगांवों से शहरों तक नौकरी की बाढ़, असंगठित सेक्टर में 15 करोड़ रोजगार का आंकड़ा पहली बार पार₹31 हजार लगाकर कमाएं ₹8 हजार तक! HDFC सिक्योरिटीज के एक्सपर्ट ने सुझाई बेयर स्प्रेड स्ट्रैटेजीगैर-जरूरी आयात पर बड़ा बयान, गोयल ने साफ कहा सरकार की कोई कटौती योजना नहींसरकार बेचने जा रही सेंट्रल बैंक में हिस्सेदारी, निवेशकों के लिए खुला बड़ा मौका

सोना-सेंसेक्स अनुपात पहुंचा दशक के उच्चतम स्तर पर, निवेशकों के लिए गोल्ड बना सबसे सुरक्षित और दमदार विकल्प

Advertisement

सोना-सेंसेक्स अनुपात को शेयर बाजार की सुस्ती और सोने की तेजी के कारण निवेशकों के लिए ऐतिहासिक संकेतक माना जा रहा है और इसे निवेश अवसर के रूप में देखा जा रहा है

Last Updated- September 26, 2025 | 10:28 PM IST
Gold Price Outlook
प्रतीकात्मक तस्वीर

सोने की कीमतों में लगातार तेजी और शेयरों के खराब प्रदर्शन के कारण इसके दाम और सेंसेक्स का अनुपात, 2020 के महामारी के दिनों को छोड़ दें तो एक दशक में सबसे अधिक हो गया है। कोरोना महामारी के दौरान शेयर के भाव में थोड़े समय के लिए गिरावट आई थी।

बीते गुरुवार को सोना और इक्विटी का अनुपात बढ़कर 1.4 हो गया जो जनवरी-मार्च 2014 के बाद सबसे अधिक है। जनवरी-मार्च 2014 में यह 1.5 के करीब था। पिछले साल दिसंबर के अंत में यह अनुपात 0.97 और सितंबर के अंत में 0.89 था।

वर्तमान अनुपात लंबी अवधि में ऐतिहासिक औसत से भी ज्यादा है। पिछले 30 वर्षों में हाजिर सोने की कीमत और सेंसेक्स के अनुपात का औसत मान 1.04 है।

ऐतिहासिक रूप से शेयर और सोने की चाल लंबी अवधि में एक दूसरे के उलट रही है । उदाहरण के लिए सेंसेक्स ने 1998 के अंत से जून 2000 के बीच लगभग दो वर्षों तक सोने से बेहतर प्रदर्शन किया। इसके बाद अगले कुछ वर्षों तक शेयरों में लगातार बिकवाली हुई और सोने ने 2000 के मध्य से 2003 के मध्य के बीच सेंसेक्स को पीछे छोड़ दिया। फिर इक्विटी ने 2003 से 2007 के बीच चार वर्षों तक सोने से बेहतर प्रदर्शन किया, जिसके बाद 2008 और 2009 में सोने की कीमतों में तेजी आई जबकि शेयर का प्रदर्शन कमजोर रहा। मार्च-जून 2020 की छोटी अवधि को छोड़ दें तो 2012 से 2021 के बीच लगभग एक दशक तक इक्विटी में लगातार तेजी रही जबकि सोने की कीमतें स्थिर रहीं।

Also Read: ITR फाइल की, लेकिन स्टेटस का पता नहीं? स्टेप-बाय-स्टेप समझें कैसे होगा चेक

पीली धातु अब सितंबर 2021 से अगले चार वर्षों तक इक्विटी से बेहतर प्रदर्शन कर रही है। पिछले तीन दशक में सोने में तेजी का यह सबसे लंबा सिलसिला है। इससे पहले फरवरी 2000 से मई 2003 के बीच सोने के दाम में काफी तेजी आई थी। पिछले चार वर्षों में घरेलू बाजार में हाजिर सोने की कीमत सितंबर 2021 के अंत में 45,600 रुपये प्रति 10 ग्राम से 147 फीसदी बढ़कर बुधवार को 1,12,895 रुपये पहुंच गई। 

इसकी तुलना में इस अवधि के दौरान बेंचमार्क सूचकांकों में सिर्फ 37 फीसदी की वृद्धि हुई। गुरुवार को बेंचमार्क सेंसेक्स 81,159 पर बंद हुआ, जबकि सितंबर 2021 के अंत में यह 59,126 था। इसी अवधि में सोना और सेंसेक्स का अनुपात पिछले चार वर्षों में लगभग 80 फीसदी बढ़ गया है। सितंबर 2021 में यह 0.77 था जो बीते बुधवार को बढ़कर 1.37 हो गया।   

Also Read: ट्रंप के 100% टैरिफ ऐलान का असर: निफ्टी फार्मा 2% गिरा

अतीत में उच्च अनुपात ने कम जोखिम वाली संपत्तियों जैसे कीमती धातुओं के मुकाबले इक्विटी के कम मूल्यांकन का संकेत दिया था और शेयर निवेशकों के लिए खरीदारी के अवसर प्रस्तुत किए थे। सिस्टमैटिक्स इंस्टीट्यूशनल इक्विटी के सह-प्रमुख, शोध एवं इक्विटी स्ट्रैटजी धनंजय सिन्हा ने कहा, ‘वर्तमान में सोने की कीमतें मुख्य रूप से केंद्रीय बैंकों द्वारा डॉलर के विकल्प की तलाश में खरीदारी के कारण बढ़ रही हैं।’

 

Advertisement
First Published - September 26, 2025 | 10:28 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement