facebookmetapixel
भारत का झींगा उद्योग ट्रंप शुल्क की चुनौती को बेअसर करने को तैयारभारत में राज्यों के बीच निवेश की खाई के पीछे सिर्फ गरीबी नहीं, इससे कहीं गहरे कारणमनरेगा की जगह आए ‘वीबी-जी राम जी’ पर सियासी घमासान, 2026 में भी जारी रहने के आसारबिना बिल के घर में कितना सोना रखना है कानूनी? शादी, विरासत और गिफ्ट में मिले गोल्ड पर टैक्स के नियम समझेंMotilal Oswal 2026 Stock Picks| Stocks to Buy in 2026| मोतीलाल ओसवाल टॉप पिक्सNew Year 2026: 1 जनवरी से लागू होंगे 10 नए नियम, आपकी जेब पर होगा असर2026 की पहली तिमाही में PPF, SSY समेत अन्य स्मॉल सेविंग स्कीम्स पर कितना मिलेगा ब्याज?1 फरवरी से सिगरेट, बीड़ी, पान मसाला और तंबाकू उत्पाद होंगे महंगे, GST बढ़कर 40% और एक्साइज-हेल्थ सेस लागूGST Collections: ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन दिसंबर में 6% बढ़कर ₹1.74 लाख करोड़, घरेलू रेवेन्यू पर दबाव2026 में ये 5 शेयर कराएंगे अच्छा मुनाफा! ब्रोकरेज ने दी BUY रेटिंग, 35% तक अपसाइड के टारगेट

Gold Outlook: इस सप्ताह कैसी रहेगी सोने की चाल? भाव बढ़ेंगे या घटेंगे जानिए एक्सपर्ट्स की राय

एंजल वन के शोध प्रमुख प्रथमेश माल्या ने कहा कि सोने की कीमतें हाल के उच्च स्तर 1,29,000 रुपये प्रति 10 ग्राम से गिरकर 1,21,000 रुपये के आसपास आ गई हैं

Last Updated- November 02, 2025 | 8:58 PM IST
Gold

Gold Outlook: इस हफ्ते सोने की कीमतें सीमित दायरे में रह सकती हैं, क्योंकि निवेशकों की नजर अब अहम आर्थिक आंकड़ों और नीतिगत घटनाओं पर है, जिसमें पांच नवंबर को अमेरिका के उच्चतम न्यायालय में होने वाली शुल्क से जुड़ी सुनवाई भी शामिल है। विश्लेषकों के अनुसार, आने वाले दिनों में निवेशक वैश्विक विनिर्माण और सेवा क्षेत्र से जुड़े पीएमआई आंकड़ों, चीन के व्यापार और वृद्धि दर के आंकड़ों के साथ-साथ अमेरिका के रोजगार, उपभोक्ता भावना और मुद्रास्फीति से जुड़े संकेतकों पर भी नजर रखेंगे।

अमेरिकी सुनवाई और आर्थिक आंकड़ों पर टिकी निगाहें

जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के उपाध्यक्ष (जिंस और मुद्रा शोध) प्रणव मेर ने कहा, “अमेरिका के उच्चतम न्यायालय में पांच नवंबर को होने वाली शुल्क से जुड़ी सुनवाई पर भी बाजार की नजर रहेगी। फैसले के आधार पर बाजार में तेज प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है।” उन्होंने कहा कि बीते सप्ताह सोने की कीमतें लगातार दूसरे सप्ताह गिरावट के साथ बंद हुईं, लेकिन बाजार में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के कड़े रुख और अमेरिका-चीन व्यापार वार्ता में सकारात्मक रुख ने कीमतों पर दबाव डाला, हालांकि सुरक्षित निवेश की मांग और निवेशकों की दिलचस्पी से कुछ सहारा भी मिला।

Also Read: LIC MF ने कंजम्पशन थीम पर उतारा नया फंड, ₹5,000 से निवेश शुरू; किसे लगाना चाहिए पैसा

डॉलर के मजबूत होने से टूटा सोना

एंजल वन के शोध प्रमुख (नॉन-एग्री कमोडिटीज एंड करेंसी) प्रथमेश माल्या ने कहा कि सोने की कीमतें हाल के उच्च स्तर 1,29,000 रुपये प्रति 10 ग्राम से गिरकर 1,21,000 रुपये के आसपास आ गई हैं। यह गिरावट अमेरिका-भारत शुल्क तनाव में कमी और डॉलर के मजबूत होने की वजह से आई है। उन्होंने अनुमान जताया कि अगले सप्ताह सोने की कीमतें और गिरकर 1,18,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक जा सकती हैं।

सोना अब स्थिरता के दौर में

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी की कीमत शुक्रवार को 817 रुपये बढ़कर 1,48,287 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स चांदी 0.87 फीसदी गिरकर 48.16 डॉलर प्रति औंस पर रही।

स्मार्टवेल्थ.एआई के संस्थापक पंकज सिंह ने कहा कि भारत और वैश्विक स्तर पर 10 महीने की तेजी के बाद अब सोना स्थिरता के दौर में है। उन्होंने कहा, “अमेरिकी अर्थव्यवस्था की सुस्ती, बढ़ता कर्ज और राजनीतिक अनिश्चितता के बीच सोना लंबे समय तक सुरक्षित निवेश का साधन बना रहेगा।”

First Published - November 2, 2025 | 8:58 PM IST

संबंधित पोस्ट