facebookmetapixel
Advertisement
अमेरिकी कोर्ट ने एंट्रिक्स के खिलाफ देवास का फैसला रखा बरकरार, 56.25 करोड़ डॉलर का अवॉर्ड कायमएअर इंडिया A320 का हाइड्रोलिक सिस्टम हुआ था फेल, 4 सेकंड तक नियंत्रण से बाहर रहा विमान: एयरबसमहिंद्रा का भारी ट्रकों पर बड़ा दांव, बाजार हिस्सेदारी 5% करनी की तैयारी; नई डीलरशिप जोड़ेगी कंपनीAMCA लड़ाकू विमान के लिए रिलायंस और रोल्स-रॉयस ने मिलाया हाथ, भारत में बनेगा फाइटर जेट इंजनवैश्विक पटल पर चमका भारत, प्यू रिसर्च के सर्वे में दुनिया के कई देशों ने जताई सकारात्मक रायस्वतंत्रता दिवस पर घूमने का बढ़ा क्रेज, होटल बुकिंग 20% तक बढ़ी; युवाओं में ट्रैवल का जोशलंबी अवधि के सरकारी बॉन्ड की मांग बढ़ी, ब्याज दर स्थिर रहने की उम्मीद से मिला सहारावीकेंड पर भारी डिस्काउंट व ग्राहकों के बेहतर मूड से अच्छी खरीदारी की उम्मीद, रिटेलरों को मजबूत बिक्री का भरोसाबैंक जमा वृद्धि दिसंबर 2016 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर, 31 जुलाई तक 15.4% बढ़ीअमेरिका की नई रिपोर्ट से भारत पर बढ़ा दबाव, चीन के ट्रांसशिपमेंट नेटवर्क में किया गया शामिल

बारिश से गेहूं की कीमतों में गिरावट थमी

Advertisement
Last Updated- March 26, 2023 | 11:19 PM IST
wheat

आटा मिल एसोसिएशनों ने कुछ सप्ताह पहले एक प्रेस कार्यक्रम में आटे की कीमत कम होने के साथ उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में इसके असर की उम्मीद जताते हुए कहा था कि इससे उच्च कीमतों से जूझ रही सरकार को राहत मिल सकती है। बहरहाल गेहूं का उत्पादन करने वाले प्रमुख राज्यों में हाल में हुई बारिश ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।

आंकड़ों से पता चलता है कि 11 मार्च से 23 मार्च के बीच बेमौसम बारिश ने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचाया है, जिससे बेहतर गुणवत्ता वाले गेहूं की कीमत करीब 50 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ गई है। वहीं खराब गुणवत्ता के गेहूं की कीमत न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे है।

क्रिसिल रेटिंग ने अपनी रिसर्च रिपोर्ट में कहा है, ‘मध्य प्रदेश और गुजरात में ओले की वजह से गेहूं का उत्पादन 3-4 प्रतिशत घट सकता है। गेहूं, धान, जीरा, प्याज, टमाटर और आम की फसल को हुए नुकसान का असर इसकी कीमत पर पड़ेगा।’

व्यापारिक आंकड़ों से पता चलता है कि इंदौर मंडी में 11 मार्च को गेहूं की कीमत 1,800 से 2,400 रुपये प्रति क्विंटल थी, जो 23 मार्च को बढ़कर 1,850 से 2,450 रुपये प्रति क्विंटल हो गई। इसी तरह से राजस्थान की कोटा मंडी में गेहूं का कारोबार 11 मार्च को 2,050 से 2,500 रुपये प्रति क्विंटल पर हो रहाथा, जो 23 मार्च को 1,950 से 3,000 रुपये क्विंटल पर पहुंच गया।

बहरहाल महंगाई दर के आंकड़ों से पता चलता है कि फरवरी 2023 (जिसका हाल का आंकड़ा उपलब्ध है) में जहां गेहूं की महंगाई दर थोक मूल्य सूचकांक में जनवरी के 23.63 प्रतिशत से गिरकर 18.54 प्रतिशत रह गई है। वहीं उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई दर (जिसमें आटा शामिल होता है) इस अवधि के दौरान जनवरी के 25.05 प्रतिशत से बढ़कर फरवरी में 25.37 प्रतिशत हो गई।

इससे पता चलता है कि भले ही थोक बाजार में गेहूं की कीमत कम हुई है, ग्राहकों के स्तर पर कीमत में गिरावट अभी नहीं हुई है।

भारी बारिश और ओले पड़ने की वजह से गेहूं की गुणवत्ता खराब हुई है, जिसकी बाजार में कम कीमत मिल रही है। केंद्र सरकार ने करीब 50 लाख टन गेहूं बेचने का फैसला किया है, इसका भी असर गेहूं की कीमत पर पड़ा है।

अब तक मिलर्स और ट्रेडर्स ने 50 लाख टन में से करीब 38 लाख टन गेहूं खरीदा है।

Advertisement
First Published - March 26, 2023 | 11:19 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement