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महंगाई के बावजूद त्योहारी मांग से निखरा सोना, दीवाली के बाद भी रहेगी तेजी

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भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार पिछले एक साल में गोल्ड लोन में 23 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। गोल्ड लोन की ब्याज दरें पर्सनल लोन से कम होती हैं।

Last Updated- October 24, 2023 | 10:45 PM IST
Gold and Silver Price Today

त्योहारी सीजन की शुरुआत होते ही जेवरात के बाजार में रौनक आ गई। त्योहारी सीजन में बढ़ी मांग और इजरायल-हमास युद्ध के कारण सोने की कीमतों में इजाफे के बाद भी आभूषणों की बिक्री में तेज बढ़ोतरी होने का अनुमान है। चालू त्योहारी सीजन में आभूषणों की बिक्री पिछले साल की अपेक्षा 30 से 40 फीसदी अधिक रह सकती है, जबकि सोने के दाम इस साल अब तक 9 फीसदी और पिछले एक साल में 20 फीसदी तक बढ़ चुके हैं।

इजरायल और हमास में जंग के कारण सोने की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। सोने के दाम 60,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच चुके हैं। जूलरी कारोबारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में तेजी और बढ़ने वाली है, इसलिए लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं। मुंबई ज्वैलर्स एसोसिएशन के सचिव कुमार जैन कहते हैं कि बढ़ते वैश्विक संकट की वजह से सोने की मांग बढ़ने से कीमतों में तेजी दिख रही है। सोना निवेश का सुरक्षित विकल्प है, इसलिए लोग सोना खरीद रहे हैं। कुमार कहते हैं कि महंगाई के बावजूद लोग जमकर आभूषणों की खरीदारी कर रहे हैं। ग्राहकों के रुझान को देखते हुए कहा जा सकता है कि इस त्योहारी सीजन में करीब 120 टन सोना बिकेगा, जबकि पिछले साल त्योहारी सीजन में 80 टन सोने की बिक्री हुई थी।

दीवाली के बाद भी तेजी

नवरात्र से शुरू हुए त्योहारी सीजन का उत्साह दीवाली के बाद भी जारी रहने की उम्मीद है क्योंकि इसके बाद ही विवाह का सीजन शुरू हो जाएगा। आभूषण कारोबारियों का कहना है कि इस साल देश में करीब 35 लाख शादियां होनी है और लोगों की आय भी बढ़ी है, जिस कारण ग्राहकों का यह उत्साह आगे भी बना रहेगा। अब ग्राहकों की पसंद में बदलाव आ चुका है और वे हल्के तथा हमेशा पहने जाने वाले गहने ज्यादा पसंद कर रहे हैं। लोगों में जागरूकता बढ़ने के कारण अब हॉलमार्क वाले गहनों की ही पूछ है।

इंदौर सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल राका ने कहा कि निश्चित तौर पर त्योहारी सीजन में सोने-चांदी की मांग बढ़ेगी। हालांकि इजरायल युद्ध के कारण सोने की कीमतें पिछले कुछ दिनों में पांच फीसदी तक बढ़ गई हैं। फिर भी उसकी बिक्री में तेजी आ रही है क्योंकि क्योंकि संकट में लोगों का भरोसा नकदी से अधिक मूल्यवान धातुओं पर होता है। दशहरा और दीवाली के अलावा इस बार शादियों का सीजन भी लंबा है और यह बात आभूषण कारोबार के पक्ष में जाएगी।

राका ने कहा, ‘हमारा अनुमान है कि अकेले दशहरा-दीवाली के दौरान सोने-चांदी की बिक्री 15 से 20 फीसदी बढ़ेगी। इसकी कई वजह हैं – त्योहारी मौसम में लोगों का बोनस मिलता है और वे अपने परिजनों को तोहफे में देने के लिए भी आभूषण खरीदते हैं। दूसरे कारणों की बात करें तो इस वर्ष बारिश अच्छी हुई है। दीवाली भी 12 तारीख को है, जब लोगों के पास वेतन और बोनस दोनों होंगे और वे उसे आभूषणों पर खर्च करेंगे।’

दिल्ली के चांदनी चौक में द बुलियन ऐंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के चेयरमैन योगेश सिंघल कहते हैं कि हाल में सोना महंगा होने से पहले तक इसकी मांग अच्छी थी। लेकिन अब इसमें कमी आ सकती है। लेकिन चांदी की मांग दीवाली खासकर धनतेरस पर बढ़ सकती है। धनतेरस पर जिन्हें ज्यादा दाम के कारण सोने के सिक्के, मूर्ति आदि खरीदने में दिक्कत होगी, वे चांदी के सिक्के खरीदने पर जोर देंगे।

सोना महंगा होने के भय से बढ़ी खरीद

लगभग हर ज्वैलर्स के मुंह से सुनने को मिल रहा है कि जल्दी खरीदारी कर लो क्योंकि सोना बहुत महंगा होने वाला है। कीमतें बढ़ने के भय से लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं। ज्वैलर्स की बात का समर्थन विश्लेषकों की रिपोर्ट भी कर रही हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक अगले साल की शुरुआत से ही सोने की कीमतों में दमदार तेजी शुरू हो सकती है। कैलेंडर वर्ष 2024 के अंत तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में में सोना 2,400 डॉलर प्रति औंस और देसी घरेलू बाजार में 70 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है। केंद्रीय बैंकों की खरीद के साथ साथ धातु सोने और ईटीएफ में खरीदारी से शुरू हुई तेजी आगे भी बनी रहने वाली है।

लुभावने ऑफरों की भरमार

सीजन की शुरुआत से ही ज्वैलरों ने ग्राहकों को खींचने के लिए लुभावने ऑफर शुरू कर दिए हैं। जूलरी रिटेल चेन चलाने वाले बड़े खिलाड़ी मेकिंग चार्ज में भारी छूट दे रहे हैं। जूलरी शोरूम के बाहर सोने के गहनों पर लगने वाले मेकिंग चार्ज पर 40 से 80 फीसदी तक और हीरे के गहनों पर 100 फीसदी की छूट के बोर्ड लग चुके हैं। उधर छोटे ज्वैलर्स अपने पुराने ग्राहकों को बांध कर रखने के लिए मेकिंग चार्ज में छूट के साथ किस्तों में भुगतान करने जैसे ऑफर भी दे रहे हैं। ज्वैलर्स की मानी जाए तो यह तो अभी शुरुआत है। अगले महीने यानी नवंबर में इससे भी बेहतरीन ऑफर देखने को मिलेंगे।

नकली गहनों की बढ़ी मांग

सोना-चांदी की कीमतें बढ़ने की वजह से नकली गहनों (इमिटेशन जूलरी) की मांग जोरों पर है। नवरात्रि में तो इमिटेशन जूलरी खरीदारों की पहली पसंद बन गई। बढ़ती मांग का ही असर है कि कभी इमिटेशन जूलरी से दूरी बनाने वाले ज्वैलर्स अब अपने शोरूम में अलग से आर्टिफिशियल जूलरी का काउंटर खोल रहे हैं। इस त्योहारी सीजन में इनकी मांग 40 फीसदी से भी अधिक बढ़ने का अनुमान व्यक्त किया जा रहा है। फैशन जूलरी एसोसिएशन के मुताबिक इस बार त्योहारी सीजन में इमिटेशन जूलरी का कारोबार 700 करोड़ रुपये को पार कर जाएगा।

सोने की कीमत में तेजी

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के कमोडिटी और करेंसी प्रमुख अनुज गुप्ता के मुताबिक इजरायल और हमास के बीच युद्ध के कारण सोने-चांदी की कीमत में तेजी लौटी है। हालात बिगड़ने की आशंका से निवेशक इक्विटी, म्युचुअल फंड, बॉन्ड आदि से रकम निकालकर सोने में लगाएंगे। इससे आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमत में तेजी देखने को मिलेगी। अमेरिकी डॉलर में मजबूती, महंगाई पर अंकुश के लिए केंद्रीय बैंकों द्वारा दर बढ़ोतरी की आशंका, त्योहार और शादियों के सीजन में सोने की बढ़ी मांग जैसे कई कारण हैं, जो कीमत को ऊपर ले जाने का काम करेंगे।

महंगाई के सारे रिकॉर्ड तोड़ेगा सोना

जानकारों का कहना है कि 7 अक्टूबर को हमास के हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है। इसके बाद भारतीय बाजार में भी सोने के दाम बढ़े हैं। भारत में सोने की खपत का ज्यादातर हिस्सा आयात करते हैं। इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें बढ़ने का भारत में दामों पर सीधा असर होता है। वैश्विक परिवेश को देखते हुए सोना इस साल के अंत तक घरेलू बाजार में 65,000 रुपये प्रति 10 ग्राम और वैश्विक बाजार में 2,100 डॉलर प्रति औंस तक जा सकता है।

गोल्ड लोन कारोबार में तेजी

सोने की कीमत में बढ़ोतरी के साथ गोल्ड लोन कारोबार में तेजी देखने को मिल रही है। सोने के व्यापारियों के मुताबिक पिछले साल के त्योहारी सीजन की तुलना में गोल्ड लोन की दबी मांग कम से कम 20 फीसदी बढ़ने की उम्मीद है। भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार पिछले एक साल में गोल्ड लोन में 23 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। गोल्ड लोन की ब्याज दरें पर्सनल लोन से कम होती हैं। पर्सनल लोन अभी 10 फीसदी से ज्यादा ब्याज दर पर मिल रहा है।

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First Published - October 24, 2023 | 10:45 PM IST

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