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दिल्ली के थोक बाजार बंद

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Last Updated- December 06, 2022 | 9:01 PM IST

दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की ओर से सीलिंग के विरोध में शुक्रवार को शहर के अधिकांश थोक और कारोबारी बाजारों में दुकानों के शटर बंद रखे गए।


दिल्ली के विभिन्न थोक बाजारों के बंद होने से एक अनुमान के मुताबिक 100 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ।थोक बाजार शहर के करीब पांच लाख कारोबारियों ने अपनी अपनी दुकानें बंद रखकर एमसीडी के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया।


कारोबारियों के बंद के कारण मुख्य रूप से सदर बाजार, करोलबाग, चांदनी चौक, कमला नगर, कनॉट प्लेस, कश्मीरी गेट, पटेल नगर, तुगलकाबाद, टैगोर गार्डन राजौरी गार्डन व यमुना पार के मुख्य बाजार प्रभावित रहे। कारोबारियों का कहना है कि सीलिंग एमसीडी एक्ट का उल्लंघन है। साथ ही व्यापारियों में बढ़ती महंगाई के प्रति भी गुस्सा था। गुस्साए कारोबारियों ने ‘व्यापारी रहे सम्मान से, व्यापार करे स्वाभिमान से’ नारे के साथ अपने अपने बाजारों में विरोध मार्च किया।


बड़ी संख्या में व्यापारी अपने गुस्से का इजहार करने के लिए गांधी समाधि राजघाट पर इकट्ठा हुए। इन व्यापारियों का कहना था कि सीलिंग और बढ़ती महंगाई ने उनका जीना मुश्किल कर दिया है।


व्यापारियों ने मांग की कि सरकार तुरंत इस मामले में हस्तक्षेप करे और उनकी रोजी रोटी पर मंडरा रहे खतरे को दूर करे। इससे पहले गांधी समाधि का दौरा करते हुए कारोबारी नेताओं ने राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि भी अर्पित की।


इस मौके पर कनफेडरेशन ऑफ इंडिया ट्रेडर्स के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल  ने कहा कि अगर सरकार इस मामले में जल्द ही हस्तक्षेप नहीं करती है तो व्यापारी अपनी दुकानों को फुटपाथ पर चलाने के लिए मजबूर हो जाएंगे। सीलिंग के दौरान एमसीडी एक्ट 1957 का उल्लंघन किया है।

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First Published - May 3, 2008 | 12:30 AM IST

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