facebookmetapixel
Stocks To Watch Today: वेदांता, NTPC, ITC समेत शेयर बाजार में आज किन स्टॉक्स में दिखेगी हलचल? देखें पूरी लिस्टउच्च गुणवत्ता वाले शेयर अब भी आकर्षक, 2026 में आय वृद्धि बनेगी बाजार की ताकतNetflix के भारत में 10 साल: कैसे स्ट्रीमिंग ने भारतीय मनोरंजन उद्योग की पूरी तस्वीर बदल दीEditorial: ट्रंप की नई टैरिफ धमकी से भारत-अमेरिका व्यापार रिश्तों पर गहराया संकटट्रंप को धन्यवाद कि उनकी वजह से वापस आए सुधार‘VB-G Ram Ji’ कानून के बचाव में उतरेंगे केंद्रीय मंत्री और BJP के नेता, विपक्ष के अभियान को देंगे जवाबApple की बड़ी छलांग: भारत से आईफोन निर्यात पहली बार ₹2 लाख करोड़ के पार, PLI स्कीम का असरऑफिस से फैक्ट्री तक कर्मचारियों को पहुंचाने पर उबर का फोकस, कंपनी को दिख रहा यहां बड़ा अवसरबड़े दावे, सीमित नतीजे: AI के दौर में भी कई GCC सिर्फ कॉस्ट सेंटर बनकर रह गए, वैल्यू क्रिएशन से कोसों दूरदोपहिया उद्योग को 2026 में 9 फीसदी तक की ग्रोथ की उम्मीद, GST कटौती के चलते मांग बढ़ने के आसार

प्राकृतिक कृषि उत्पादों के लिए निर्यात मानक बनाएगा एपीडा

Last Updated- December 11, 2022 | 9:20 PM IST

केंद्रीय बजट में रसायन मुक्त प्राकृतिक खेती पर जोर को देखते हुए कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने विशेषज्ञों की एक उच्च स्तरीय समिति अधिसूचित की है। यह समिति प्राकृतिक कृषि उत्पादों के निर्यात मानक विकसित करेगी, जिसमें जीरो बजट नैचुरल फॉर्मिंग जैसे तरीकों पर विचार होगा।
यह समिति फसल तैयार होने के पहले और बाद की बेहतरीन गतिविधियों, प्रामाणिक आपूर्ति शृंखला और निर्यात संवर्धन व पौध व पशु आधारित प्राकृतिक उत्पादोंं पर विचार करेगी।
एक आधिकारिक आदेश के मुताबिक पौध व पशु आधारित प्राकृतिक उत्पादों, खाद्य प्रसंस्करण और फसल तैयार होने के बाद की तकनीकों, पैकेजिंग और लेबलिंग व बौद्धिक संपदा अधिकारों से संबंधित मसलों से निपटने के लिए एक अलग उपसमूह का गठन किया गया है।
अपने हाल के बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि रसायन मुक्त, प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा और पहला ध्यान गंगा के 5 किलोमीटर के दायरे में आने वाले किसानों पर होगा। उन्होंने कहा था कि केंद्र सरकार कृषि विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रमों में बदलाव पर भी जोर देगी, जिससे प्राकृतिक, शून्य बजट और ऑर्गेनिक फार्मिंग, आधुनिक कृषि, मूल्यवर्धन और प्रबंधन को बढ़ावा मिल सके।
कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि प्राकृतिक खेती, ऑर्गेनिक खेती से अलग है। प्राकृतिक खेती में सभी प्राकृतिक चीजों मिट्टी, पानी, वायु और पूरे इकोस्टिम पर जोर होता है, जबकि दूसरे में मिट्टी में रसायन मुक्त तत्वों के इस्तेमाल पर जोर होता है।

First Published - February 9, 2022 | 11:19 PM IST

संबंधित पोस्ट