facebookmetapixel
Advertisement
लाइन लगाने की जरूरत नहीं, घर पहुंचेगा गैस सिलेंडर: सीएम योगी आदित्यनाथऑल टाइम हाई के करीब Oil Stock पर ब्रोकरेज सुपर बुलिश, कहा- खरीद लें, 65% और चढ़ने का रखता है दमBharat PET IPO: ₹760 करोड़ जुटाने की तैयारी, सेबी में DRHP फाइल; जुटाई रकम का क्या करेगी कंपनीतेल, रुपये और यील्ड का दबाव: पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी अस्थिरता, लंबी अनिश्चितता के संकेतवैश्विक चुनातियों के बावजूद भारतीय ऑफिस मार्केट ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में 15% इजाफाJio IPO: DRHP दाखिल करने की तैयारी तेज, OFS के जरिए 2.5% हिस्सेदारी बिकने की संभावनाडेटा सेंटर कारोबार में अदाणी का बड़ा दांव, Meta और Google से बातचीतभारत में माइक्रो ड्रामा बाजार का तेजी से विस्तार, 2030 तक 4.5 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमानआध्यात्मिक पर्यटन में भारत सबसे आगे, एशिया में भारतीय यात्रियों की रुचि सबसे अधिकबांग्लादेश: चुनौतियों के बीच आजादी का जश्न, अर्थव्यवस्था और महंगाई बनी बड़ी चुनौती

महंगाई में बढ़ोतरी किए बिना अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन, बजट से आम लोगों को मिलेगी राहत: वित्त सचिव

Advertisement

बता दें कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में आयकर छूट की सीमा को बढ़ाकर 12 लाख रुपये कर दिया है।

Last Updated- February 03, 2025 | 5:15 PM IST
Tuhin Kanta Pandey

वित्त सचिव तुहिन कांत पांडेय ने सोमवार को कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 के आम बजट ने अर्थव्यवस्था को पर्याप्त गैर-मुद्रास्फीतिकारी प्रोत्साहन दिया है, जिससे वृद्धि को लगातार बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि बजट में वृद्धि और मुद्रास्फीति के बीच संतुलन बनाया गया है। ऐसा विनिमय दरों, व्यापक आर्थिक स्थिरता को ध्यान में रखते हुए और राजकोषीय समेकन को नियंत्रित करते हुए किया गया। 

पांडेय ने बजट के बाद उद्योग मंडल फिक्की के संवाद सत्र में कहा, ‘‘हमारे पास अर्थव्यवस्था में पर्याप्त प्रोत्साहन भी है। यह एक महंगाई बढ़ाए बिना दिया जाने वाला प्रोत्साहन है, जो बचत, निवेश और वृद्धि को बढ़ावा देगा। यह लगातार वृद्धि को बढ़ावा देगा। साथ ही मांग पक्ष और आपूर्ति पक्ष पर काम करेगा।” 

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में आयकर छूट की सीमा को बढ़ाकर 12 लाख रुपये कर दिया है। इस कदम का उद्देश्य बचत, निवेश या उपभोग के लिए करदाताओं के हाथों में अधिक धनराशि देना था। बजट में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.4 प्रतिशत पर रखा गया है और वित्त वर्ष 2024-25 में इसके 4.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है। 

पांडेय ने कहा, ‘‘बजट में हमें राजकोषीय समेकन करना होगा, क्योंकि हम मुद्रास्फीतिकारी नहीं बनना चाहते हैं। अगर हम ऐसे समय में अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने की कोशिश करते हैं, जब हमें ऐसा नहीं करना चाहिए, तो इससे महंगाई बढ़ सकती है।’’ उन्होंने कहा कि इसलिए यह बजट इन सभी अनिवार्यताओं को संतुलित करता है। 

Advertisement
First Published - February 3, 2025 | 5:08 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement