facebookmetapixel
Budget 2026: क्या निर्मला सीतारमण टैक्स कटौती और भारी निवेश से अमेरिकी टैरिफ का चक्रव्यूह तोड़ेंगी?IMD Weather Alert: फरवरी में सताएगी समय से पहले गर्मी, रबी फसलों और अन्य पैदावार पर मंडराया खतराSun Pharma का मुनाफा 16% उछला: Q3 में कमाए ₹3,369 करोड़, नए प्रोडक्ट्स ने बढ़ाई कंपनी की रफ्तारBudget 2026: बाजार के शोर में न खोएं आप, एक्सपर्ट से समझें निवेश को मुनाफे में बदलने का मंत्रBudget 2026: म्युचुअल फंड प्रोडक्ट्स में इनोवेशन की जरूरत, पॉलिसी सपोर्ट से मिलेगा बूस्टसिगरेट-तंबाकू होगा महंगा और FASTag के नियम होंगे आसान! 1 फरवरी से होने जा रहे हैं ये बड़े बदलावसनराइज सेक्टर्स के लिए SBI का मेगा प्लान: ‘CHAKRA’ से बदलेगी ₹100 लाख करोड़ के बाजार की किस्मतशेयर बाजार में बरसेगा पैसा! अगले हफ्ते ITC और BPCL समेत 50+ कंपनियां देंगी डिविडेंड का बड़ा तोहफाBudget 2026: वरिष्ठ नागरिकों को वित्त मंत्री से बड़ी आस; क्या ब्याज, आय और हेल्थ प्रीमियम पर मिलेगी टैक्स छूट?राजनीतिक ध्रुवीकरण से शेयर बाजार और निवेशकों में बढ़ी चिंता: नोबेल पुरस्कार विजेता अभिजीत बनर्जी

Ola Electric की बाजार हिस्सेदारी बढ़ी

पंजीकरण में गिरावट के बावजूद ओला इलेक्ट्रिक ने अप्रैल में 53% बाजार हिस्सेदारी हासिल की

Last Updated- April 30, 2024 | 9:58 PM IST
इलेक्ट्रिक स्कूटर बनाने वाली कंपनी का घाटा बढ़कर 347 करोड़ रुपये हो गया Ola Electric Q1 Results: Loss of electric scooter manufacturing company increases to Rs 347 crore

ओला इलेक्ट्रिक ने अप्रैल में इलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार में 53 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल कर ली। यह इसकी शुरुआत के बाद से सबसे ज्यादा है। लेकिन यह बहुत खुशी की बात नहीं है क्योंकि मार्च की तुलना में इसके पंजीकरण में तेजी से गिरावट आई है। मार्च में इस क्षेत्र की अब तक की रिकॉर्ड बिक्री देखी गई थी।

हालांकि ओला का पंजीकरण मार्च के मुकाबले अप्रैल में 38 प्रतिशत गिरकर 30,728 रह गया लेकिन इसकी बाजार हिस्सेदारी बढ़ी है। इसकी गिरावट संपूर्ण उद्योग की तुलना में काफी कम रही। कुल मिलाकर दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकरण मार्च के 1,31,690 की तुलना में 56 प्रतिशत तक कम होकर अप्रैल में मात्र 57,618 रह गया।

सरकार द्वारा फेम-2 सब्सिडी योजना की जगह 1 अप्रैल से काफी कम सब्सिडी के साथ चार महीने तक सीमित नई इलेक्ट्रिक मोबिलिटी प्रोत्साहन योजना भी इस गिरावट का कारण बनी।

अधिकांश इलेक्ट्रिक दोपहिया कंपनियों को उम्मीद थी कि इस बार गिरावट काफी कम रहेगी और पिछले साल जून में देखे गए सुधार की तुलना में ज्यादा तेज रहेगा जब सरकार ने फेम-2 सब्सिडी में भी और ज्यादा तेज से कटौती की थी, जो एक-तिहाई कम हो गई थी। कंपनियों को वाहनों की कीमतें 20,000 रुपये से लेकर 30,000 रुपये तक बढ़ानी पड़ीं थीं।

लेकिन वास्तविकता यह है कि उन्होंने इस बात का अनुमान नहीं लगाया था कि पंजीकरण में यह गिरावट सब्सिडी कटौती के बाद पिछले साल जून जितनी तेज होगी। पिछले महीने की तुलना में पंजीकरण में 56 प्रतिशत की गिरावट आई है। इस तथ्य के बावजूद ऐसा हुआ है कि इस बार मूल्य वृद्धि काफी हद तक कम थी और उपभोक्ताओं के पास विभिन्न मूल्य वाले मॉडलों के अधिक विकल्प थे।

First Published - April 30, 2024 | 9:58 PM IST

संबंधित पोस्ट